साइबर अपराधियों के हथियार-5️⃣ पेटीएम

 


स्रोत -जागरण न्यूज 2 दिसंबर 2025 

 जागरण न्यूज 2 दिसंबर 2025 के अनुसार रामगढ़ शहर के पुरनी मंडप निवासी व व्यवसायी मुन्ना खान के साथ डिजीटल फ्राड का मामला सामने आया है। पेटीएम के माध्यम से व्यवसायी के खाते से एक लाख 91 हजार 265 रुपये यूपीआइ ट्रांसफर कर लिए गए है।

भुक्तभोगी मुन्ना खान का खाता बैंक आफ इंडिया रामगढ़ शाखा में है।मुन्ना खान ने ज़ब मोबाइल में अवैध तरीके से पैसे की निकासी होने का मैसेज देखा तो व्यवसायी मुन्ना खान बैंक आफ इंडिया रामगढ़ शाखा में पहुुंचे। 

मुन्ना खान ने बैंक ऑफ़ इंडिया के शाखा प्रबंधक को अवैध तरीके से पैसे की निकासी की सूचना दी गई, इसके साथ ही व्यवसायी मुन्ना खान ने बिना देर किये अपने खाते से लेनदेन बंद कराई। इसके बाद वे रामगढ़ थाना पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी। मुन्ना खान द्वारा पुलिस में अपने खाते से 28 एवं 30 नवंबर को अवैध तरीके से पैसे निकाले जाने की सूचना दर्ज कराई गई.

 मुन्ना खान ने बताया कि 

"28 नवंबर को एक बार में 95765 रुपये तथा 30 नवंबर दो बार में 45500 रुपये तथा 50000 रुपये निकाले गए हैं। 2 दिसंबर को पहले से आए मैसेज पढ़ने पर मुन्ना खान को पेटीएम से पैसे की निकासी की जानकारी मिली।

इस पर उसने अपने बैंक की शाखा में जाकर शिकायत की तथा आगे होने वाले ट्रांजक्शन को बंद करवाया। बैंक अधिकारियों का कहना था कि यूपीआइ ट्रांसफर में वे कुछ नहीं कर सकते हैं। 

➡️ बैंक स्टेटमेंट और पुलिस के जवाब-

 बैंक स्टेटमेंट निकालने पर पाया गया कि हरिहर वर्मा एवं मैना इंटरप्राइजेज नाम से भी मुन्ना खान के खाते से पैसे निकालने की कोशिश की गई थी लेकिन ट्रांजक्शन फेल हो गया था। इसके बाद मुन्ना खान ने रामगढ़ थाना पहुंच कर इसकी लिखित सूचना पुलिस को दी। आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने मामले में जांच प्रारंभ कर दी है।पुलिस ने बताया कि पैसे की निकासी केएम इंटरप्राइजेज, एपेक्स एग्रो एक्यूपमेंट तथा विवेक कुमार के नाम से की गई है।

➡️ आश्चर्य जनक तथ्य-

 व्यवसायी मुन्ना खान ने पुलिस को बताया कि अपने मोबाइल से उन्होंने पैसे का लेनदेन करने को लेकर किसी से भी कोई बातचीत नहीं की।कहीं से भी उनके मोबाइल पर कोई काल भी नहीं आया था। उनके खाते से धन की अवैध निकासी कैसे हुई? साइबर ठगी कैसे हुई?  ये उनकी समझ में नहीं आ रहा है । पुलिस मामले को दर्ज करने के बाद उसकी गहराई से छानबीन कर रही है।

➡️ पेटीएम एक भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी है जो डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाएँ प्रदान करती है। इसकी स्थापना 2010 में विजय शेखर शर्मा ने की थी और इसका मुख्यालय नोएडा में है। यह एक मोबाइल वॉलेट और भुगतान प्लेटफ़ॉर्म है जिसका उपयोग लोग मोबाइल रिचार्ज, बिल भुगतान, टिकट बुकिंग, और ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से खरीदारी के लिए करते हैं। 

🌑 डिजिटल भुगतान: पेटीएम यूपीआई (UPI) के माध्यम से पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है। व्यापारी क्यूआर कोड, साउंडबॉक्स और ऑनलाइन भुगतान गेटवे के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर सकते हैं।

🌑 वित्तीय सेवाएँ: यह क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों को पेटीएम वॉलेट से लिंक करने की अनुमति देता है, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से भुगतान कर सकते हैं।

🌑 अन्य सेवाएँ: बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज, ट्रेन, बस और हवाई जहाज के टिकट बुकिंग, मूवी टिकट जैसी सेवाएँ भी पेटीएम पर उपलब्ध हैं।

🌑 पेटीएम पेमेंट्स बैंक: पेटीएम का एक और पहलू पेटीएम पेमेंट्स बैंक है, जिसे 2017 में लॉन्च किया गया था।

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सतर्क रहिये-सुरक्षित रहेंगे.

धन्यवाद 🙏

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली)

टिप्पणियाँ

  1. साइबर अपराधियों ने वास्तव में दिमाग ठंडे करके रख दिये हैं

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