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सावधानी 1️⃣7️⃣ डिजिटल अरेस्ट

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  3 जुलाई 2025 की  मीडिया रिपोर्ट्स और साइबर विशेषज्ञों की राय पर अगर ध्यान दें तो डिजिटल अरेस्ट के दौरान यदि ये सावधानियां आपके दिमाग में होंगी तो आप कभी भी डिजिटल अरेस्ट का शिकार नहीं होंगे -   ➡️  कोई भी जांच एजेंसी इस तरह पूछताछ नहीं करती पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देश की कोई भी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। यदि वीडियो कॉल पर पुलिस, सीबीआई, सीआईडी आदि के अधिकारी आ जाएं तो सब फर्जी होता है। इस तरह की कॉल आने पर कॉलर से कहें कि लोकल पुलिस के साथ घर आकर पूछताछ करें। ➡️ साइबर ठगी होने पर यहां शिकायत करें साइबर ठगी होने पर जितना जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, उतना धनराशि फ्रीज कराने में आसानी होगी। ठगी होने के 24 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत अवश्य दर्ज करा दें. ⚫  साइबर ठगी से बचने के लिए ये सावधानी बरतें 1️⃣ -अगर कोई अनजान व्यक्ति पार्सल मे ड्रग्स होने की बात कहे तो पुलिस से सम्पर्क करें.  2️⃣ कोई फोन कॉल करके लोन दिलाने के लिए कहे तो उसके झांसे में बिल्कुल न आएं। 3️⃣ -अनजान व्यक्ति ...

डिजिटल अरेस्ट 6️⃣ ट्राई अधिकारी बनकर बुजुर्ग का डिजिटल अरेस्ट

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चेन्‍नई के रहने वाले 81 वर्षीय साल के बुजुर्ग के साथ 2.27 करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। उन्‍हें डिजिटल अरेस्‍ट बनाकर पैसे हड़प लिए गए। ऐसा करने के लिए आरोपियों ने बुजुर्ग को वर्चुअल कोर्ट में पेश किया है। उस नकली कोर्ट में सबकुछ फ्राॅड था। बुजुर्ग के साथ उनकी पत्‍नी भी शिकार हुईं। दोनों करीब डेढ़ महीने तक साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसे रहे। ⚫ ट्राई अधिकारी बनकर कॉल डीटीनेक्‍स्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला मार्च के मध्‍य से अप्रैल के आखिरी सप्‍ताह तक अंजाम दिया गया। बुजुर्ग ने अपने जीवनभर की कमाई गंवा दी। पीड़‍ित को 15 मार्च को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया। दावा किया कि उनके आधार कार्ड से केनरा बैंक में अकाउंट खोला गया है। शुरुआत में बुजुर्ग आरोपियों की भाषा नहीं समझ पा रहे थे, क्‍योंकि आरोपी हिंदी में बात कर रहे थे। ⚫ तमिल बोलने वाले ने लिया भरोसे में उसके बाद तमिल बोलने वाला एक शख्‍स कॉल पर जुड़ा और बुजुर्ग को इस भरोसे में लिया कि उनके आधार कार्ड से केनरा बैंक में अकाउंट खोला गया है। बुजुर्ग से कहा कि उनका केस राष्‍...

डिजिटल अरेस्ट 5️⃣ पुलवामा का साजिशकर्ता बताकर डिजिटल अरेस्ट, 38 लाख ठगे

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30 मार्च 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मेरठ फलावदा निवासी रिटायर्ड शिक्षक को पुलवामा आतंकी हमले की साजिश में शामिल बता साइबर अपराधियों ने धमकाया और 14 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। महाराष्ट्र पुलिस हेडक्वार्टर का अफसर बता धमकी दी। इसके बाद दो बार में 38 लाख रुपये की रकम ठग ली। बताया गया कि रकम एक माह में वापस कर दी जाएगी। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। ➡️ मामला संक्षेप में -  फलावदा थानाक्षेत्र के अमरौली उर्फ बड़ा गांव निवासी मदनपाल रिटायर्ड शिक्षक हैं। 11 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार बताया। देवेंद्र ने बताया कि उनकी टीम ने कुछ आतंकियों और आसिफ फौजी के ठिकाने पर रेड कर धरपकड़ की थी, जहां से मदनपाल का आधार कार्ड और एटीएम कार्ड मिला था। ये आतंकी पुलवामा आतंकी हमले की साजिश में शामिल थे। मदनपाल को साजिशकर्ता बता धमकाना शुरू कर दिया और कहा कि आपको गिरफ्तार कराया जाएगा। ➡️ रकम नहीं आई तो की शिकायत मदनपाल ने 25 मार्च तक रकम वापस नहीं आने पर पुलिस को स...