डिजिटल अरेस्ट 5️⃣ पुलवामा का साजिशकर्ता बताकर डिजिटल अरेस्ट, 38 लाख ठगे
30 मार्च 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मेरठ फलावदा निवासी रिटायर्ड शिक्षक को पुलवामा आतंकी हमले की साजिश में शामिल बता साइबर अपराधियों ने धमकाया और 14 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। महाराष्ट्र पुलिस हेडक्वार्टर का अफसर बता धमकी दी। इसके बाद दो बार में 38 लाख रुपये की रकम ठग ली। बताया गया कि रकम एक माह में वापस कर दी जाएगी। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
➡️ मामला संक्षेप में -
फलावदा थानाक्षेत्र के अमरौली उर्फ बड़ा गांव निवासी मदनपाल रिटायर्ड शिक्षक हैं। 11 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार बताया। देवेंद्र ने बताया कि उनकी टीम ने कुछ आतंकियों और आसिफ फौजी के ठिकाने पर रेड कर धरपकड़ की थी, जहां से मदनपाल का आधार कार्ड और एटीएम कार्ड मिला था। ये आतंकी पुलवामा आतंकी हमले की साजिश में शामिल थे। मदनपाल को साजिशकर्ता बता धमकाना शुरू कर दिया और कहा कि आपको गिरफ्तार कराया जाएगा।
➡️ रकम नहीं आई तो की शिकायत
मदनपाल ने 25 मार्च तक रकम वापस नहीं आने पर पुलिस को सूचना दी। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मेरठ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की दो टीम बनाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। रकम जिन खातों में ट्रांसफर कराई गई, उनकी पूरी चेन ट्रेस कर खातों को फ्रीज कराया जा रहा है।
➡️ कॉल करें तो उठा लेना की धमकी
मदनपाल को अपराधियों ने कहा कि आपको किसी से कुछ नहीं बताना है और जब भी कॉल करें तो उठा लेना, वरना स्थानीय थाने से गिरफ्तार करा दिया जाएगा। इसके बाद 13 फरवरी को 33 लाख रुपये और 18 फरवरी को 5 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए गए।
➡️ आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी मेरठ ने बताया
डिजिटल अरेस्ट कर रकम ठगी गई है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कराई है। रकम जिन खातों में गई, उन्हें ट्रेस किया जा रहा है।
डिजिटल अरेस्ट के एक ताजा मामले में इस प्रकार उपरोक्त समाचार के अनुसार उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में साइबर ठगों द्वारा एक बुजुर्ग को पुलवामा हमले का साजिशकर्ता बताकर डराने और 38 लाख रुपये ठगने का गंभीर मामला सामने आया है।
➡️ घटना का विवरण-
⚫ शिकार: मेरठ के फलावदा क्षेत्र के रहने वाले एक बुजुर्ग (कुछ रिपोर्टों के अनुसार सेवानिवृत्त शिक्षक और कुछ में किसान बताया गया है)।
⚫ तरीका: जालसाजों ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताकर पीड़ित को कॉल किया। उन्होंने दावा किया कि पकड़े गए आतंकियों के पास से पीड़ित का आधार कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद हुआ है, जिससे उनकी संलिप्तता पुलवामा हमले में दिखाई दे रही है।
⚫ डिजिटल अरेस्ट: पीड़ित को वीडियो कॉल के जरिए 14 दिनों तक (कुछ सूत्रों के अनुसार 5 दिन) 'डिजिटल अरेस्ट' रखा गया, यानी उन्हें किसी से बात करने या कमरे से बाहर निकलने से मना किया गया।
⚫ ठगी की राशि: गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने पीड़ित से दो बार में कुल 38 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
⚫ वर्तमान स्थिति
⚫ पीड़ित की शिकायत पर मेरठ के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
⚫ पुलिस की साइबर टीम अपराधियों को ट्रैक करने और मामले की जांच में जुटी है।
➡️ साइबर विशेषज्ञों की सलाह - सावधानी बरतें
⚫ इस तरह के मामलों से बचने के लिए भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर सलाह दी जाती है कि:
✒️ पुलिस कभी वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती: कोई भी आधिकारिक जांच एजेंसी (CBI, ED, या पुलिस) वीडियो कॉल के जरिए किसी को 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती है।
✒️ पैसे ट्रांसफर न करें: यदि कोई अधिकारी बनकर रुपयों की मांग करे, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
✒️ हेल्पलाइन: किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें।
इस तरह डिजिटल अरेस्ट आज एक स्कैम मात्र न रहकर भारतीय पुलिस प्रशासन के लिए एक सिरदर्द बन चुका है. डिजिटल अरेस्ट कर न केवल सामान्य नागरिक बल्कि बड़े बड़े रिटायर्ड अधिकारी, रिटायर्ड बुजुर्ग प्रशासनिक अधिकारी, वकील, रिटायर्ड जज, शिक्षक,पत्रकार आदि लगभग सभी इसके शिकार बनाये जा रहे हैं. सबसे बड़े अपराध के रूप में आज डिजिटल अरेस्ट आज इसलिए चिंता पैदा कर रहा है कि इसमें बड़े बड़े सरकारी, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साथ साइबर अपराधी सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेशों से भी जनता को शिकार बना रहे हैं सरकार ने इसके लिए संचार साथी,अमिताभ बच्चन कॉलर ट्यून, जीरो एफ आई आर आदि बहुत सी तैयारियां की हैँ और अभी हाल ही में सीबीआई ने "अभय" चैटबाट लॉन्च किया है ताकि फ़र्ज़ी मैसेज और समन की जांच की जा सके किन्तु सबसे बड़ी जरुरत जन जागरूकता की है. जनता जितना सतर्क रहेगी, उतनी ही सुरक्षित रहेगी. डिजिटल अरेस्ट के बड़े केसेस के बारे में जानने के लिए जुड़े रहिये हमारे ब्लॉग और चैनल से.
सतर्क रहिये- सुरक्षित रहेंगे.
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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