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सरकार की तैयारी-8️⃣ -Messaging Apps Ban Without SIM

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स्रोत- अमर उजाला 30 नवम्बर 2025   अमर उजाला 30 नवम्बर 2025 में प्रकाशित समाचार के अनुसार  सरकार ने नए साइबर सुरक्षा नियम लागू किये हैं, जिनके चलन में आते ही अब फोन से SIM कार्ड निकालते ही व्हाट्सएप्प बंद हो जाएगा. सरकार ने साइबर ठगी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब फोन से एक्टिव सिम कार्ड निकालते ही सभी तरह के मैसेजिंग एप बंद हो जाएंगे। भारत में व्हाट्सएप्प, टेलीग्राम और अन्य एप तमाम मैसेजिंग का माध्यम बन चुके हैं, लेकिन बढ़ती साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों के मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने मैसेजिंग एप्स से जुड़े नियम पूरी तरह बदल दिए हैं। ➡️ फोन से SIM निकाली तो बंद हो जाएगा एप- केंद्र सरकार के नए साइबर सुरक्षा नियमों के अनुसार अब कोई भी मैसेजिंग एप तब तक नहीं चलेगा, जब तक फोन में एक्टिव सिम कार्ड मौजूद न हो। यानी यदि कोई यूजर सिम निकाल देता है। तो एप काम करना तुरंत बंद कर देगा। सरकार के अनुसार, अपराधी अक्सर असली सिम निकालकर इंटरनेट या वाई-फाई के जरिए फर्जी नंबरों, वीपीएन और नकली अकाउंट से साइबर ठगी करते हैं। नया नियम इसी को रोकने के लिए बनाया गया है। ➡️ किन एप्स पर ला...

ऑनलाइन शिकायत 1️⃣ फेक कॉल्स

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   फेक कॉल्स की ऑनलाइन शिकायत ऐसे कर सकते हैँ 🌑 सबसे पहले संचार साथी पोर्टल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। 🌑 इसके बाद 'Citizen Centric Services' के ऑप्शन पर क्लिक करें। 🌑 'Report Suspected Fraud Communication' पर क्लिक करें। 🌑 इसके बाद 'Continue For Reporting' के ऑप्शन पर जाएं। 🌑 अब फॉर्म का पेज खुलेगा। इसमें फर्जी कॉल या मैसेज की डिटेल भरें। 🌑 फॉर्म में एक फ्रॉड लिस्ट होगी। आपकी जो शिकायत है, उस ऑप्शन पर क्लिक करें। 🌑 इसमें फेक कॉल या मैसेज का स्क्रीनशॉट भी अपलोड करने का ऑप्शन आएगा। 🌑 आखिर में अपना मोबाइल नंबर और नाम लिखें। 🌑 कैप्चा कोड और OTP वेरिफिकेशन के बाद इसे सबमिट कर दें। स्रोत  मीडिया रिपोर्ट्स  प्रस्तुति  शालिनी कौशिक  एडवोकेट  कैराना (शामली )

साइबर ठगों के हथियार 9️⃣ SIR फॉर्म से साइबर ठगों की बल्ले बल्ले

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स्रोत -केलो प्रवाह न्यूज़  20 नवंबर 2025 रायगढ़ छतीसगढ़ के केलो प्रवाह न्यूज 20 नवम्बर 2025 को प्रकाशित समाचार के अनुसार कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गणना फॉर्म भरने वाले मतदाताओं और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना जारी की है। इस सूचना का उद्देश्य लोगों को उनके मोबाइल नंबर के संभावित दुरुपयोग और ओटीपी आधारित धोखाधड़ी से बचाना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि " एसआईआर फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं।" मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छतीसगढ़ ने जोर देकर कहा है कि  "बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से एसआईआर फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगता है। यदि आपको कोई व्यक्ति फोन करे और कहे कि  “ आपके एसआईआर से जुड़े मोबाइल पर जो ओटीपी आया है, वह हमें दे दीजिए,”   तो उन्हें तुरंत मना कर दें। बूथ लेवल ऑफि...

साइबर ठगी में नाम -2️⃣ -बागपत से अनुज तोमर, दिल्ली से विवेक शर्मा और पवन जायसवाल

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  31 अक्टूबर 2025 31 अक्टूबर 2025 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोरोना काल के दौरान दो साइबर ठग भारत लौटे .सिंगापुर से लौटकर दोनों साइबर अपराधियों ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर देशभर में साइबर ठगी का जाल फैला रखा था। गोविंद नगर में अगस्त में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर हुई ठगी के मामले में जांच कर रही थाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस की मदद से इनमें से एक साइबर ठग को मोहाली एरोसिटी के पास फ्लैट से पकड़ा तो दूसरे को दिल्ली के सेक्टर 11 डीडीए स्पोर्ट्स कांप्लेक्स से दबोचा।  ➡️ साइबर ठगों से बरामदगी दोनों साइबर ठगों में से दिल्ली से पकड़ा गया आरोपित क्रिकेटर है। आरोपितों के पास से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटाप, एक थार कार, कीमती क्रिकेट किट बैग बरामद हुआ। मोबाइल फोन में सिर्फ तीन सिमकार्ड लगे थे, जो मिजोरम की तीन महिलाओं के नाम से थे। बाकी में सिमकार्ड नहीं मिले। ये तीनों साइबर ठग अब तक पुलिस को 35 लोगों के ठगे जाने की जानकारी मिली है जिनमें वह 60 लाख रुपये गंवा चुके हैं। अभी जांच में और लोगों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। ➡️ कैसे दिया साइबर ठगी को अंजाम: डीसीपी ...

डिजिटल अरेस्ट 3️⃣ -ठग बने सीबीआई आफिसर

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  स्रोत-जागरण न्यूज 9 अक्टूबर 2025 9 अक्टूबर 2025 की जागरण न्यूज के अनुसार प्रयागराज में साइबर अपराधियों ने एक शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट करके 6.30 लाख रुपये की आनलाइन ठगी की। इससे परेशान होकर पीड़ित शिक्षिका ने मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर थाने में आइटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया है। ➡️ प्रयागराज के सलोरी निवासी हैं शिक्षिका      सलोरी तेलियरगंज निवासी एक महिला निजी स्कूल में शिक्षिका है। उसका कहना है कि करीब एक माह पहले अनजान नंबर से वाट्सएप पर वीडियो काल आया। कालर ने खुद को टेली कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का बताया। कहा कि उनके मोबाइल नंबर से अपराध किया जा रहा है। वह नरेश अग्रवाल के साथ मिलकर अपराध कर रही हैं। ➡️ कोलाबा पुलिस स्टेशन में केस होने की बात कही कालर ने कहा कि कॉल को कोलाबा पुलिस स्टेशन कनेक्ट किया जा रहा है, वहां इंस्पेक्टर बात करेंगे। इसके बाद एक लड़की ने कहा कोलाबा पुलिस स्टेशन से इंस्पेक्टर प्रदीप सावंत बात करेंगे। फिर खुद को प्रदीप सावंत बताते हुए एक व्यक्ति ने कहा कि कोलाबा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज है। लिहाजा तुरंत पुलिस स्टेशन पर आना हो...

डिजिटल अरेस्ट 2️⃣-ठग बने क़ानून व्यवस्था के बड़े अफसर

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  स्रोत अमर उजाला 11 नवम्बर 25    अमर उजाला में 11 नवम्बर 25 को प्रकाशित एक समाचार के अनुसार  मुंबई में एक हैरान करने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है। दक्षिण मुंबई के 60 साल के एक व्यवसायी को ठगों ने कानून व्यवस्था के बड़े अफसर बनकर पूरी रात वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा और उससे 53 लाख रुपये ठग लिए।  ➡️ क्या था पूरा मामला? पीड़ित व्यक्ति मुंबई के अग्रिपाड़ा इलाके का रहने वाला है। 2 नवंबर को उसे एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का अफसर बताया। उसने अपना नाम राजीव सिन्हा बताया और कहा "आपके नाम पर लिए गए सिम कार्ड से फ्रॉड हुआ है, आपको 2 घंटे में दिल्ली पुलिस के सामने पेश होना होगा"। जिस पर व्यवसायी ने कहा कि वह दिल्ली नहीं जा सकता, तो कॉलर ने कहा कि उसके खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज है और अब दिल्ली पुलिस उससे बात करेगी। ➡️ इसके बाद शुरू हुआ 'डिजिटल अरेस्ट'- थोड़ी देर बाद पीड़ित को एक वीडियो कॉल आया। इस बार कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अफसर विजय खन्ना बताया। उसने कहा कि व्यवसायी का ...

डिजिटल अरेस्ट -1️⃣ ठग बने ट्राई, पुलिस व ईडी अधिकारी

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स्रोत-अमर उजाला  6 नवंबर 2025 6 नवम्बर 2025 के अमर उजाला न्यूज़ के अनुसार -नोएडा में साइबर जालसाजों ने सेवानिवृत महिला अधिकारी को मनी लॉन्ड्रिंग में नाम आने का डर दिखाकर सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। डरा धमका कर 31 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को पुलिस व ईडी अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा हुआ है। नोएडा के सेक्टर-100 में रहने वाली महिला शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनके पास 24 अक्टूबर की सुबह जालसाजों ने ट्राई कर्मचारी बनकर फोन किया और कहा कि दो घंटे में उनका सिम बंद हो जाएगा। महिला ने कारण पूछा तो बताया कि उनके आधार कार्ड से केनरा बैंक की दिल्ली के दरियागंज स्थित शाखा में खाता खोला गया है। इसमें अवैध रुपये लेनदेन होने पर दरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। कुछ देर बाद बुजुर्ग के पास ठगों ने दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल की। आरोपी उनसे नाम-पता पूछने लगा। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की जानकारी दी। उनको बताया कि उनके नाम पर खुले बैंक खाते में 80 लाख रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है। एडीसीपी साइबर शैव्य...

साइबर क्राइम बचाव 2️⃣ रिपोर्ट

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 साइबर क्राइम में एक सबसे अहम पहलू है, साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराना. ये तो लगभग आज प्रचार पुलिस विभाग सभी ओर कर रहा है कि साइबर ठगी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने में 24 घंटे महत्वपूर्ण हैँ क्योंकि, यदि 24 घंटे के अंदर साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो वित्तीय धोखाधड़ी मे गई सारी रकम वापसी की संभावना प्रबल हो जाती है. साइबर सेल कैराना (शामली) की पुलिस ने ग्राम मुंडेट कला, थाना आदर्श मंडी के देवेंद्र पुत्र नकली को 9 नवम्बर 2025 को वित्तीय धोखाधड़ी से गई उसकी 25,985₹ की रकम शत प्रतिशत वापस कराई है और इसमें उसका टाइम से रिपोर्ट दर्ज कराना और कैराना पुलिस की तत्परता से की गई कार्यवाही प्रशंसनीय है. इसीलिए आज हम आपको साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराने के संबंध मे महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैँ- 🌑 साइबर क्राइम की रिपोर्ट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से दर्ज करा देनी चाहिए. ➡️ साइबर क्राइम की ऑनलाइन शिकायत- साइबर क्राइम की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए आप https://cybercrime.gov.in/ पर जा सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं।  ✒...

साइबर क्राइम बचाव प्रक्रिया 1️⃣ कांधला में VI डिस्ट्रीब्यूटर से साइबर धोखाधड़ी

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       कांधला (शामली ) में VI के स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर से साइबर धोखाधड़ी का एक मामला अभी हाल ही में संज्ञान में आया है.पीड़ित ने दिनांक 20/07/2025 को हुई एक साइबर धोखाध‌ड़ी की घटना के बारे में औपचारिक शिकायत थाना कांधला पर दर्ज कराई है. ➡️ घटना का संक्षिप्त विवरण  पीड़ित [VI] का स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर है। पीड़ित के बैंक अकाउंट में GST विभाग से काम के हिसाब से रकम आती रहती है किन्तु उसके लिये पीड़ित को आवेदन ऑनलाइन रूप से करना पड़ता है. जिसे पीड़ित ने अपने दोस्त.......... नाम के इंटरनेट यूजर से कराया. पीड़ित के दोस्त (साइबर अपराधी) ने आवेदन किया जिसकी आवेदन संख्या ARN-AA............. से 13 अंकों की पीड़ित के दोस्त साइबर अपराधी को मिली, उसने पीड़ित से वह ARN संख्या पीड़ित को दिखाकर उसे विश्वास में लिया कि वह उसका कार्य ईमानदारी से कर रहा है और यह कहते हुए उससे उसके फोन पर आने वाले ओटीपी, जो कि 6 अंको का होता है, को पीड़ित की रकम उसके बैंक अकाउंट में मंगाने हेतु पीड़ित से मांग लिया. पीड़ित द्वारा दोस्त/साइबर अपराधी के कहे अनुसार ये सब किया जाता रहा किन्तु जब आवेदन किये जाने के ...

साइबर क्राइम पीड़ित 4️⃣ सेलिब्रिटी से साइबर ठगी

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 कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के नेता और चार बार के लोकसभा सांसद एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए हैँ । मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साइबर ठगों ने उनके निष्क्रिय पड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खाते को फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक्टिव कर 55 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली. कल्याण बनर्जी का खाता कोलकाता में एसबीआई की हाईकोर्ट शाखा में था, बैंक द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, " साइबर अपराधियों ने जाली पैन और आधार कार्ड तैयार किए, जिन पर कल्याण बनर्जी की तस्वीर लगाई गई थी। इन जाली दस्तावेजों की मदद से अपराधियों ने उनके पुराने खाते की केवाईसी अपडेट कर दी। इसके बाद 28 अक्तूबर को खाते में दर्ज मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया, जिससे उन्हें खाते पर पूरा नियंत्रण मिल गया। जिसके बाद साइबर ठगों ने कई ऑनलाइन लेनदेन किए और करीब 56 लाख 39 हजार 767 रुपये इंटरनेट बैंकिंग के जरिए निकाल लिए।"       कोलकाता के पुलिस अधिकारियों के अनुसार,  "खाते से निकाली गई रकम को कई म्यूल खातों में ट्रांसफर किया गया, एटीएम से निकाला गया और यहां तक कि गहने खरीदने में भी इस्तेमाल किया...