साइबर क्राइम पीड़ित 4️⃣ सेलिब्रिटी से साइबर ठगी


 कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के नेता और चार बार के लोकसभा सांसद एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए हैँ । रिपोर्ट के अनुसार, साइबर ठगों ने उनके निष्क्रिय पड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खाते को फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक्टिव कर 55 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली.

कल्याण बनर्जी का खाता कोलकाता में एसबीआई की हाईकोर्ट शाखा में था, बैंक द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक,

" साइबर अपराधियों ने जाली पैन और आधार कार्ड तैयार किए, जिन पर कल्याण बनर्जी की तस्वीर लगाई गई थी। इन जाली दस्तावेजों की मदद से अपराधियों ने उनके पुराने खाते की केवाईसी अपडेट कर दी। इसके बाद 28 अक्तूबर को खाते में दर्ज मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया, जिससे उन्हें खाते पर पूरा नियंत्रण मिल गया। जिसके बाद साइबर ठगों ने कई ऑनलाइन लेनदेन किए और करीब 56 लाख 39 हजार 767 रुपये इंटरनेट बैंकिंग के जरिए निकाल लिए।"

      कोलकाता के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 

"खाते से निकाली गई रकम को कई म्यूल खातों में ट्रांसफर किया गया, एटीएम से निकाला गया और यहां तक कि गहने खरीदने में भी इस्तेमाल किया गया।"

मामले में साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 

" पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। हम बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि खाते तक पहुंच कैसे बनाई गई? ठगों और पैसे के अंतिम गंतव्य का पता लगाने के लिए प्रयास जारी हैं। "

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक-

" फर्जी केवाईसी प्रक्रिया के दौरान अपराधियों ने कल्याण बनर्जी की तस्वीर का इस्तेमाल किया। लेकिन मोबाइल नंबर किसी और का लगाया गया। प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, 

" कल्याण बनर्जी का एस बी आई का यह खाता कई वर्षों से निष्क्रिय था। इस खाते को तब खोला गया था, जब कल्याण बनर्जी 2001 से 2006 के बीच आसनसोल (दक्षिण) से विधायक थे और विधायक के रूप में उन्हें मिलने वाला वेतन इसी खाते में आता था। उस समय से यह खाता बंद पड़ा था। लेकिन अब इसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए फिर से चालू कर धोखाधड़ी कर 55 लाख रूपये से अधिक की रकम साइबर ठगों द्वारा निकाल ली गई."

समाचार स्रोत-

अमर उजाला 7 नवंबर 2025

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली )

टिप्पणियाँ

  1. पढे लिखे लोगों का अपराध है साइबर अपराध, सतर्कता जरूरी है

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