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सरकार की तैयारी - 9️⃣ -CNAP

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CNAP (Calling Name Presentation) भारत सरकार और TRAI द्वारा शुरू की गई एक नेटवर्क-आधारित सर्विस है, जो इनकमिंग कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉलर का असली, वेरिफाइड नाम दिखाती है; यह Truecaller जैसी ऐप्स से अलग है क्योंकि यह सीधे टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड (जो सरकारी दस्तावेजों से लिंक होते हैं) का इस्तेमाल करती है, जिससे स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल्स को पहचानना आसान होता है और आपको फोन उठाने से पहले पता चल जाता है कि कॉल कौन कर रहा है, यह सर्विस धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों में लागू की जा रही है और इसके लिए कोई अलग ऐप या चार्ज नहीं है, यह पूरी तरह ऑटोमेटिक है।  ➡️ CNAP क्या करती है? 1️⃣ कॉलर का असली नाम: जब कोई आपको कॉल करता है, तो आपके फोन की स्क्रीन पर कॉलर का वही नाम दिखेगा जो उसके सिम कार्ड के रजिस्ट्रेशन के समय दिए गए सरकारी दस्तावेजों (जैसे आधार) में दर्ज है। 2️⃣ स्पैम से बचाव : इससे आपको यह पहचानने में मदद मिलेगी कि कॉल किसी भरोसेमंद व्यक्ति की है या किसी फ्रॉड कॉल (जैसे स्पैम या स्कैम) की है, क्योंकि फर्जी नंबरों के पीछे असली नाम नहीं होता। 3️⃣ ऐप-फ्री सर्विस : इसे चलाने के लिए आपक...

साइबर क्राइम 1️⃣- घोस्ट पेयरिंग से व्हाट्सएप्प कण्ट्रोल कर रहे साइबर अपराधी -सावधान

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  स्रोत -दैनिक भास्कर 20 दिसंबर 2025 दैनिक भास्कर में 20 दिसंबर 2025 को प्रकाशित समाचार के अनुसार भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने व्हाट्सएप्प यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया कि  " हैकर्स व्हाट्सएप्प के डिवाइस लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल करके अकाउंट हैक कर रहे हैं।" इस नए कैंपेन को घोस्ट   पेयरिंग नाम दिया गया है। जिसमें हैकर्स पासवर्ड या SIM स्वैप की जरूरत के बिना आपका  🌑 पूरा अकाउंट कंट्रोल कर लेते हैं।  🌑 वे रीयल टाइम मैसेज पढ़ सकते हैं,  🌑 फोटो-वीडियो देख सकते हैं और  🌑 आपके कॉन्टैक्ट्स को मैसेज भी भेज सकते हैं। ➡️ घोस्ट पेयरिंग कैंपेन - CERT-In की एडवाइजरी के मुताबिक,   यह एक हाई सिवियरिटी वाला यानी गंभीर अटैक है। हैकर्स व्हाट्सएप्प के 'लिंक डिवाइस वाया फोन नंबर' फीचर का फायदा उठाते हैं। अटैक शुरू होता है जब आपको किसी ज्ञात कॉन्टैक्ट से मैसेज आता है। जैसे- Hi, check this photo। इसमें एक लिंक होता है जो फेसबुक स्टाइल प्रीव्यू दिखाता है। लिंक पर क्लिक करने पर एक फेक फेसबुक व्यूअर पेज खुलता है, जो कंटेंट देखने...

पाकिस्तान का "BEEP" और भारत की साइबर सुरक्षा

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  पाकिस्तान में 'बीप' (Beep) एक नया मैसेजिंग ऐप है जिसे सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए लॉन्च किया है, ताकि WhatsApp जैसे ऐप्स पर डेटा लीक और जासूसी के खतरे से बचा जा सके; यह ऐप चीन के WeChat की तर्ज पर बनाया गया है, जिसमें सभी डेटा पाकिस्तान के सर्वर पर ही स्टोर होता है, और इसे सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता के लिए बनाया गया है, जो धीरे-धीरे आम जनता के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा.  ➡️ BEEP क्या है- ✒️ उद्देश्य : सरकारी संचार को सुरक्षित और गोपनीय बनाना, WhatsApp और अन्य विदेशी ऐप्स पर निर्भरता कम करना, और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करना.BEEP ऐप को पाकिस्तान के राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी बोर्ड (NITB) द्वारा विकसित किया गया है ताकि सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड (end-to-end encrypted) संचार मंच प्रदान किया जा सके। इसका मुख्य लक्ष्य व्हाट्सएप (WhatsApp) जैसे विदेशी प्लेटफार्मों पर निर्भरता कम करना और संवेदनशील सरकारी डेटा को देश के भीतर स्थानीय सर्वर पर सुरक्षित रखना है।  ✒️ विशेषताएँ : इसमें वीडियो/ऑडियो कॉल, डॉक्यूमेंट शेयरिंग और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी...

साइबर ठगी मे नाम 3️⃣ एकोना के आदित्य और अभिषेक

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  मीडिया  रिपोर्ट 7 दिसंबर 2025 के अनुसार दिल्ली क्राइम ब्रांच की साइबर सेल टीम ने शुक्रवार की रात देवरिया बार्डर से सटे गोरखपुर के एकौना थाना क्षेत्र के हड़हा गांव में छापेमारी कर 53.55 लाख की साइबर ठगी के दो आरोपियों के घर कुर्की की चेतावनी नोटिस चस्पा की। टीम के साथ एकौना पुलिस भी मौजूद रही। जिन दो युवकों की तलाश की जा रही है, उनमें आदित्य सिंह पुत्र जयप्रकाश सिंह और अभिषेक सिंह पुत्र सतीश सिंह शामिल हैं। दोनों घर से फरार मिले।  ➡️ मामले का संक्षेप- प्राप्त समाचार के अनुसार दिल्ली की 74 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला सुधा कुमारी को जनवरी 2025 में साइबर ठगों ने पांच दिनों तक व्हाट्सऐप कॉल के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' किया था।  महिला को डिजिटल अरेस्ट के दौरान ठगों ने खुद को हैदराबाद साइबर क्राइम विभाग का अधिकारी बताते हुए महिला पर ड्रग और हथियार सप्लाई में संलिप्त होने का झूठा आरोप लगाया था. जिसमें दावा किया गया था कि महिला के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम से बैंक में खाता खोला गया, जिसमें पहले तीन करोड़ रुपये जमा किए गए और फिर निकाले गए। डर के कारण महिला पांच दिनों तक ठग...

साइबर अपराधियों के हथियार-5️⃣ पेटीएम

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  स्रोत -जागरण न्यूज 2 दिसंबर 2025   जागरण न्यूज 2 दिसंबर 2025 के अनुसार रामगढ़ शहर के पुरनी मंडप निवासी व व्यवसायी मुन्ना खान के साथ डिजीटल फ्राड का मामला सामने आया है। पेटीएम के माध्यम से व्यवसायी के खाते से एक लाख 91 हजार 265 रुपये यूपीआइ ट्रांसफर कर लिए गए है। भुक्तभोगी मुन्ना खान का खाता बैंक आफ इंडिया रामगढ़ शाखा में है।मुन्ना खान ने ज़ब मोबाइल में अवैध तरीके से पैसे की निकासी होने का मैसेज देखा तो व्यवसायी मुन्ना खान बैंक आफ इंडिया रामगढ़ शाखा में पहुुंचे।  मुन्ना खान ने बैंक ऑफ़ इंडिया के शाखा प्रबंधक को अवैध तरीके से पैसे की निकासी की सूचना दी गई, इसके साथ ही व्यवसायी मुन्ना खान ने बिना देर किये अपने खाते से लेनदेन बंद कराई। इसके बाद वे रामगढ़ थाना पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी। मुन्ना खान द्वारा पुलिस में अपने खाते से 28 एवं 30 नवंबर को अवैध तरीके से पैसे निकाले जाने की सूचना दर्ज कराई गई.  मुन्ना खान ने बताया कि  "28 नवंबर को एक बार में 95765 रुपये तथा 30 नवंबर दो बार में 45500 रुपये तथा 50000 रुपये निकाले गए हैं। 2 दिसंबर को पहले से आए मैसेज पढ़ने...

डिजिटल अरेस्ट 4️⃣ सीबीआई और आईपीएस ऑफिसर बनकर सर्वोच्च न्यायालय के नाम पर डिजिटल अरेस्ट

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  स्रोत -अमर उजाला  30 नवम्बर 2025  अमर उजाला के 30 नवम्बर 2025 को प्रकाशित एक समाचार के अनुसार एक वृद्ध को CBI अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया गया। उन पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में संदिग्ध होने का आरोप लगाकर वीडियो कॉल पर नजर रखी गई और सुप्रीम कोर्ट में जमा करने के नाम पर उनसे अपनी सभी एफडी तुड़वाकर बैंक खाते में पैसा जमा करवाया गया। इसके बाद 76 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिये गए.  पीड़ित वृद्ध को सर्वोच्च न्यायालय का पत्र भेजकर ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में संदिग्ध होने का आरोप लगाकर कथित आईपीएस तथा सीबीआई अधिकारी ने वृद्ध को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किया। इसके बाद एक बैंक खाते में सारी रकम एकत्र करते हुए उससे 76 लाख रुपये पार कर दिये। वृद्ध को ठगे जाने का अहसास होने पर उसने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने कथित आईपीएस तथा सीबीआई अधिकारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए उसके संबंध में पतासाजी प्रारंभ कर दी है। ➡️ मामला संक्षेप में- क्राइम ब्रांच के थाना प्रभारी शैलेश मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार संजीवनी नगर निवासी अनिल कुमार नन्हौरया उम्र 72 स...