साइबर क्राइम 1️⃣- घोस्ट पेयरिंग से व्हाट्सएप्प कण्ट्रोल कर रहे साइबर अपराधी -सावधान

 


स्रोत -दैनिक भास्कर 20 दिसंबर 2025

दैनिक भास्कर में 20 दिसंबर 2025 को प्रकाशित समाचार के अनुसार भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने व्हाट्सएप्प यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया कि 

"हैकर्स व्हाट्सएप्प के डिवाइस लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल करके अकाउंट हैक कर रहे हैं।"

इस नए कैंपेन को घोस्ट पेयरिंग नाम दिया गया है। जिसमें हैकर्स पासवर्ड या SIM स्वैप की जरूरत के बिना आपका 

🌑 पूरा अकाउंट कंट्रोल कर लेते हैं। 

🌑 वे रीयल टाइम मैसेज पढ़ सकते हैं, 

🌑 फोटो-वीडियो देख सकते हैं और 

🌑 आपके कॉन्टैक्ट्स को मैसेज भी भेज सकते हैं।

➡️ घोस्ट पेयरिंग कैंपेन -

CERT-In की एडवाइजरी के मुताबिक,

 यह एक हाई सिवियरिटी वाला यानी गंभीर अटैक है। हैकर्स व्हाट्सएप्प के 'लिंक डिवाइस वाया फोन नंबर' फीचर का फायदा उठाते हैं। अटैक शुरू होता है जब आपको किसी ज्ञात कॉन्टैक्ट से मैसेज आता है। जैसे- Hi, check this photo। इसमें एक लिंक होता है जो फेसबुक स्टाइल प्रीव्यू दिखाता है।

लिंक पर क्लिक करने पर एक फेक फेसबुक व्यूअर पेज खुलता है, जो कंटेंट देखने के लिए वेरिफिकेशन मांगता है। यहां यूजर से फोन नंबर डालने को कहा जाता है। जैसे ही आप नंबर डालते हैं, हैकर्स का डिवाइस आपके अकाउंट से लिंक हो जाता है। वे पेयरिंग कोड का इस्तेमाल करके हिडन डिवाइस की तरह एक्सेस ले लेते हैं। इसके बाद वे व्हाट्सएप्प वेब की तरह सब कुछ देख और इस्तेमाल कर सकते हैं।

🌑 हैकर्स को फायदे-

CERT-In ने कहा है कि इस तरह पीड़ित अनजाने में हैकर्स को पूरा एक्सेस दे देते हैं।एक बार डिवाइस लिंक हो जाने पर

🌑 हैकर्स को पुराने मैसेज पढ़ने की सुविधा,

🌑 नए मैसेज रीयल टाइम में आने, 

🌑 फोटो-वीडियो और वॉइस नोट्स देखने और 

🌑 आपके कॉन्टैक्ट्स और ग्रुप्स में मैसेज भेजने की पावर मिल जाती है।

🌑 यूजर को पता भी नहीं चलता, क्योंकि यह बैकग्राउंड में होता है। 

➡️ CERT-In की एडवाइजरी -

एजेंसी की एडवाइजरी में लिखा है कि 

"मैलिशियस एक्टर्स यानी हैकर्स वॉट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का इस्तेमाल करके पेयरिंग कोड्स से अकाउंट हैक कर रहे हैं, वो भी ऑथेंटिकेशन की जरूरत के बिना। यह नया घोस्ट पेयरिंग कैंपेन, साइबर क्रिमिनल्स को पासवर्ड या SIM स्वैप के बिना पूरा कंट्रोल दे देता है।"

➡️ घोस्ट पेयरिंग -

यह कैंपेन सबसे पहले चेकिया में देखा गया, लेकिन कंप्रोमाइज्ड अकाउंट्स से यह दुनिया भर में फैल सकता है। व्हाट्सएप्प की ओर से इस खबर पर अब तक कोई रिस्पॉन्स नहीं आया है।

➡️ कैसे बचें घोस्ट पेयरिंग से-

1️⃣ एप पर ज्ञात कॉन्टैक्ट्स से आए संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें.

2️⃣ व्हाट्सएप्प या फेसबुक क्लेम करने वाली एक्सटर्नल साइट्स पर फोन नंबर न डालें.

3️⃣ एप में लिंक डिवाइस सेक्शन चेक करते रहें और अनजान डिवाइस को लॉगआउट करें

4️⃣ व्हाट्सएप्प अकाउंट में टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें, इससे एक्स्ट्रा सिक्योरिटी मिलेगी.

5️⃣ अगर अकाउंट हैक हो जाए तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें और वॉट्सएप सपोर्ट को ईमेल करें।

➡️ यूजर्स हमेशा अलर्ट रहें-

यह कैंपेन तेजी से फैल सकता है, क्योंकि हैक हुए अकाउंट्स से नए टारगेट्स को मैसेज भेजे जा रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यूजर्स को हमेशा अलर्ट रहना चाहिए। व्हाट्सएप्प अगर कोई अपडेट जारी करता है तो उसे तुरंत इंस्टॉल करें।

इस प्रकार फोन आज की एक जरुरत है और व्हाट्सएप्प उसमें सबसे आवश्यक एप्प होने के कारण साइबर अपराधियों के सीधे निशाने पर है, जिसके माध्यम से साइबर अपराध बिना आपके घर के गेट को खोले आपके घर में प्रवेश कर सकता है, आपकी जरा सी लापरवाही आपके लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. इसलिए हमारे द्वारा बताई गई सेफ्टी टिप्स का इस्तेमाल करें और सुरक्षित रहें. आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा की गारंटी है.

सतर्क रहें-सुरक्षित रहेंगे 👍

धन्यवाद 🙏🙏

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली)


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