डिजिटल अरेस्ट 0️⃣ -सम्पूर्ण जानकारी
डिजिटल अरेस्ट एक साइबर घोटाला है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या ऑडियो कॉल से डराते हैं और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं. वे पीड़ित को पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं, और यह भारत के कानून में मौजूद नहीं है. इस तरह के स्कैम से बचने के लिए, किसी भी अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें, निजी जानकारी न दें, और तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें. ➡️ 4 जनवरी 2025 को अपनी एक रिपोर्ट में अमर उजाला दैनिक कहता है कि " यह एक नए तरह का स्कैम है, हालांकि इसे पूरी तरह से नया नहीं ही कहा जाएगा, क्योंकि पिछले एक साल से लोग इसके शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, उनके लिए तो यह नया ही है। डिजिटल अरेस्ट दो शब्दों से मिलकर बना है, डिजिटल मतलब वर्चुअल तौर पर और अरेस्ट मतलब गिरफ्तार, यदि आपको वर्चुअल तौर पर गिरफ्तार किया जाता है तो उसे डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। डिजिटल अरेस्ट में लोग अपने ही घरों में कैद हो जाते हैं और कोई वीडियो कॉल के जरिए उनपर नजर बनाए रखता है।" ➡️ एन डी टी वी इंडिया की 26 दिसम्बर ...