साइबर क्राइम बचाव प्रक्रिया 1️⃣ कांधला में VI डिस्ट्रीब्यूटर से साइबर धोखाधड़ी

 


    कांधला (शामली ) में VI के स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर से साइबर धोखाधड़ी का एक मामला अभी हाल ही में संज्ञान में आया है.पीड़ित ने दिनांक 20/07/2025 को हुई एक साइबर धोखाध‌ड़ी की घटना के बारे में औपचारिक शिकायत थाना कांधला पर दर्ज कराई है.

➡️ घटना का संक्षिप्त विवरण 

पीड़ित [VI] का स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर है। पीड़ित के बैंक अकाउंट में GST विभाग से काम के हिसाब से रकम आती रहती है किन्तु उसके लिये पीड़ित को आवेदन ऑनलाइन रूप से करना पड़ता है. जिसे पीड़ित ने अपने दोस्त.......... नाम के इंटरनेट यूजर से कराया. पीड़ित के दोस्त (साइबर अपराधी) ने आवेदन किया जिसकी आवेदन संख्या ARN-AA............. से 13 अंकों की पीड़ित के दोस्त साइबर अपराधी को मिली, उसने पीड़ित से वह ARN संख्या पीड़ित को दिखाकर उसे विश्वास में लिया कि वह उसका कार्य ईमानदारी से कर रहा है और यह कहते हुए उससे उसके फोन पर आने वाले ओटीपी, जो कि 6 अंको का होता है, को पीड़ित की रकम उसके बैंक अकाउंट में मंगाने हेतु पीड़ित से मांग लिया. पीड़ित द्वारा दोस्त/साइबर अपराधी के कहे अनुसार ये सब किया जाता रहा किन्तु जब आवेदन किये जाने के 2 महीने बाद भी रकम, जो कि लगभग 79,000₹ थी, पीड़ित के अकाउंट में नहीं आई तब उसके द्वारा पहले दोस्त/साइबर अपराधी से पूछताछ की गई, जिससे पीड़ित को यह जानकारी हुई कि वह रकम जो VI से उसके अकाउंट में आनी थी वह उसके दोस्त /साइबर अपराधी ने पीड़ित से ओटीपी मांगकर अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर ली और पीड़ित को वह रकम देने से इंकार कर दिया.उसके बाद उसके आपराधिक तौर तरीके देखकर कानूनी मदद और थाना कांधला की शरण ली गई.

➡️ यह साइबर अपराध कैसे है -

साइबर अपराध कंप्यूटर, इंटरनेट या मोबाइल तकनीक का उपयोग करके की जाने वाली कोई भी अवैध या दुर्भावनापूर्ण गतिविधि है, जो व्यक्तियों, कंपनियों या संगठनों को लक्षित करती है। इसमें हैकिंग, फ़िशिंग, पहचान की चोरी, मैलवेयर फैलाना और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी कई तरह की गतिविधियां शामिल हैं। इन अपराधों का उद्देश्य अक्सर पैसा चुराना, जानकारी प्राप्त करना या डिजिटल सेवाओं को बाधित करना होता है।  

➡️ थाने में शिकायत के लिए जरुरी दस्तावेज-

     पीड़ित द्वारा साइबर विशेषज्ञ और एडवोकेट शालिनी कौशिक से प्राप्त जानकारी के अनुसार निम्न जानकारी थाना कांधला को दी गई-

➡️ साइबर धोखाधड़ी घटना का विस्तृत वर्णन -

➡️ घटना की तिथि और समय दिनांक - 26/07/2025

➡️ धोखाधड़ी का तरीका आधार कार्ड OTP का हैकर द्वारा मांगनी

➡️ धोखाधड़ी की राशि-79.076.00₹

➡️ धोखाधड़ी से संबंधित विवरण : (पीड़ित द्वारा थाना कांधला में दिया गया)

➡️ फर्जी वेबसाइट । ऐप का यूआरएल- ( मौजूदा मामले में लागू नहीं)

➡️ फर्जी / धोखाधड़ी का फोन नंबर :..........

➡️ फर्जी / धोखाधड़ी ईमेल आई डी

✒️ साइबर अपराधी की ई मेल आई डी

➡️ लेनदेन आईडी / रसीद

GST Number-....................

➡️ पीड़ित के बैंक खाते का विवरण :

✒️ बैंक का नाम :...................

✒️ खाता संख्या-......................

✒️ ट्रांजेक्शन आई डी: ARN-AA.............

      इसके साथ ही पीड़ित ने मोबाइल पर आये उस ओटीपी का स्क्रीन कैप्चर का प्रिंट आउट भी पुलिस को दिया है जिसके माध्यम से उसके दोस्त/साइबर अपराधी ने पीड़ित की रकम को अपने अकाउंट में ट्रांसफर किया था.

साइबर ठगी का यह दौर रोज ऐसे कारनामें गढ़ रहा है जिसके आगे साइबर क़ानून और पुलिस ही बेबस नजर आते हैँ फिर आम आदमी की बिसात ही क्या है? ऐसे में अगर जरुरत है तो बस इतनी कि अपनी आँखे खुली रखी जाएँ और दिमाग़ में सतर्कता, जब बार बार ये कहा जा रहा है कि कहीं भी कुछ गलत महसूस हो तो पुलिस को सूचित करें. अपनी निजी जानकारी किसी को भी न दें, साइबर ठग कोई एलियन नहीं हैँ कि आकाश से उतरते नजर आएं, ये हमारे बीच के ही पढ़ें लिखें सभ्य समाज के लोग हैँ जो या तो साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैँ या फिर खुद ही आधुनिक तकनीक के मास्टर माइंड बनकर समाज मे घुल मिलकर अपनों को ही लूट रहे हैँ. इसलिए आपको समझना होगा और जागरूक बनकर साइबर अपराध का मुकाबला करना होगा. कोशिश कीजिये कि आप अपने साथ हुई किसी भी साइबर अपराध की घटना की 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट कर सकें, अगर नहीं कर पाते हैँ तब भी जल्द से जल्द स्थानीय थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराएं ताकि पैसे का ट्रांसफर रोका जा सके.

सतर्क रहिये-सुरक्षित रहेँगे.

धन्यवाद 🙏🙏

द्वार

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली)


टिप्पणियाँ

  1. साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आपका आभार 🙏🙏

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    1. प्रतिक्रिया और उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक धन्यवाद 🙏🙏

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