अपने बच्चों की रक्षा आपके हाथ
अभी कल ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सीनियर सेकेंडरी का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है, कुछ ही दिन में छात्र-छात्राओं की मार्कशीट भी आ जाएगी और फिर हो जाएगा आरंभ एक नया ट्रेंड जो कि आजकल बहुत प्रचलन मे है और वह है माता पिता द्वारा अपना स्टैटस बन चुके अपने बच्चो की मार्कशीट का स्टेटस (WhatsApp Status, Instagram Story आदि) पर लगाना, जिस पर उनकी मार्कशीट का लगाना उनके लिए साइबर ठगी (Cyber Fraud) का एक बड़ा कारण बन सकता है। जिसके बारे में अभी वे जानते भी नहीं किन्तु अब ये सब उन्हें जान ही लेना चाहिए कि आजकल साइबर अपराधी छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं।
➡️ मार्कशीट स्टेटस पर लगाने से कैसे होती है ठगी?
⚫ निजी जानकारी का खुलासा: मार्कशीट में रोल नंबर, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम और स्कूल/कॉलेज का नाम होता है। इन जानकारियों का उपयोग अपराधी फर्जी आईडी (Fake ID) बनाने या बैंक खातों से छेड़छाड़ करने के लिए कर सकते हैं।
⚫ फर्जी कॉल (Fake Calls): साइबर ठग स्टेटस देखकर छात्रों को कॉल करते हैं और नंबर बढ़ाने या परीक्षा में पास कराने का झांसा देते हैं।
⚫ अवैध वसूली (Extortion): वे बच्चों के परिजनों को फोन कर फेल होने का डर दिखाते हैं और पैसे की मांग करते हैं।
➡️ बचाव के उपाय:
⚫ सर्वप्रथम मार्कशीट या कोई भी संवेदनशील दस्तावेज़ सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
⚫ नंबर बढ़ाने के नाम पर कॉल करने वालों के झांसे में न आएं।
⚫ संदिग्ध कॉल आने पर अपने स्कूल/कॉलेज प्रशासन से संपर्क करें।
➡️ ठगी होने पर क्या करें?
1️⃣ तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
2️⃣ नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहेंगे।
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)
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