सावधानी 3️⃣ डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट के दौरान यदि ये सावधानियां आपके दिमाग में होंगी तो आप कभी भी डिजिटल अरेस्ट का शिकार नहीं होंगे -
➡️ कोई भी जांच एजेंसी इस तरह पूछताछ नहीं करती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देश की कोई भी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। यदि वीडियो कॉल पर पुलिस, सीबीआई, सीआईडी आदि के अधिकारी आ जाएं तो सब फर्जी होता है। इस तरह की कॉल आने पर कॉलर से कहें कि लोकल पुलिस के साथ घर आकर पूछताछ करें।
➡️ साइबर ठगी होने पर यहां शिकायत करें
साइबर ठगी होने पर जितना जल्दी शिकायत दर्ज कराएंगे, उतना धनराशि फ्रीज कराने में आसानी होगी। ठगी होने के 24 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत अवश्य दर्ज करा दें.
⚫ साइबर ठगी से बचने के लिए ये सावधानी बरतें
1️⃣ -अगर कोई अनजान व्यक्ति पार्सल मे ड्रग्स होने की बात कहे तो पुलिस से सम्पर्क करें.
2️⃣ कोई फोन कॉल करके लोन दिलाने के लिए कहे तो उसके झांसे में बिल्कुल न आएं।
3️⃣ -अनजान व्यक्ति से बैंक खाता, आधार नंबर, पेन आदि अन्य जानकारी साझा न करें।
4️⃣ -अगर कोई अनजान व्यक्ति किसी सोशल मीडिया ग्रुप में जोड़ता है तो उससे इसका कारण पूछें।
स्रोत - हिन्दुस्तान 3 जुलाई 2025
इस प्रकार डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) एक गंभीर साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग पुलिस, सीबीआई (CBI), ईडी (ED) या कस्टम अधिकारी आदि बनकर वीडियो कॉल पर लोगों को डराते हैं और पैसे वसूलते हैं। इससे बचने के लिए नीचे दी गई सावधानियां बरतें:
➡️ मुख्य सावधानियां (Safety Measures):
1️⃣ तुरंत न डरें, शांत रहें:
याद रखें कि कोई भी जांच एजेंसी (पुलिस/सीबीआई) वीडियो कॉल, WhatsApp या Skype पर अरेस्ट वारंट जारी नहीं करती और न ही पूछताछ करती है।
2️⃣ निजी/वित्तीय जानकारी साझा न करें:
फोन पर कभी भी आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी (OTP) या पिन (PIN) न दें।
3️⃣ वीडियो कॉल काट दें:
यदि कोई खुद को अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करे, तो उसे तुरंत काट दें। कोई अधिकारी वीडियो कॉल नहीं करता।
4️⃣ लिंक पर क्लिक न करें:
अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक को न खोलें, न ही कोई दस्तावेज़ डाउनलोड करें।
5️⃣ सत्यापन (Verification) करें:
अगर कोई फोन पर डरा रहा है, तो सीधे अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर या संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।
➡️ अगर डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो जाएं तो क्या करें:
1️⃣ 1930 डायल करें:
सबसे पहले डिजिटल अरेस्ट या धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें और साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराएं।
2️⃣ वेबसाइट पर शिकायत करें:
आप www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
3️⃣ बैंक को सूचित करें:
अगर पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो तुरंत बैंक को सूचित करें ताकि खाते को फ्रीज किया जा सके।
4️⃣ परिवार को बताएं:
डरें नहीं, अपने परिवार या परिचितों को इस बारे में बताएं। बिना कोई अपराध किए कोई जेल नहीं जाता. अपराधियों की भाषा को समझें और स्थानीय पुलिस को सूचित करें.
➡️ ठगों की पहचान (Modus Operandi):
वे अक्सर झूठ बोलते हैं कि आपके आधार/सिम का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी काम में हुआ है। वे नकली पुलिस स्टेशन का बैकग्राउंड बनाकर वीडियो कॉल करते हैं। पुलिस वीडियो कॉल नहीं करती.
याद रखें कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम का कोई प्रावधान नहीं है। यह केवल एक घोटाला है और अगर आपने कोई अपराध किया है तो कानून के अनुसार उसकी छूट कानूनी प्रावधान से होती है न कि पैसे देकर, इसलिए गलतियों पर गलतियां न करें, कानून की शरण लें और साइबर क्राइम का मुकाबला करें.
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे 👍
धन्यवाद 🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें