साइबर स्कैम 6️⃣-ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी स्कैम
ज्योतिष लोगों के लिए जानकारी और पसंद का विषय प्राचीन समय से ही रहा है. आप खुद देख लीजिये, आप कहीं भी गए हों, रास्ते में अगर आपको लिखा हुआ दिखता है कि अपना भविष्य जानें तो एक बार को आपके कदम ठिठक जाते हैँ और आप अपना भविष्य जानने के लिए न केवल भविष्य बल्कि भूत में आप क्या थे, ये आकांक्षा भी आपको ज्योतिषी की ओर बढ़ा देती है. अब यही कार्य ऑनलाइन रूप से बहुत तेजी से बढ़ रहा है और साइबर ठगों की निगाहें इस क्षेत्र में भी अपने हाथ आजमा रही हैँ. एस्ट्रोलॉजी के मार्किट के बारे में कुछ विचारयोग्य तथ्य आज सभी के सामने मौजूद हैँ :-
➡️ ऑनलाइन ज्योतिष के बढ़ने के 3 बड़े कारण
✒️ युवाओं का बढ़ता क्रेज:
आजकल 35 साल से कम उम्र वाले लड़के-लड़कियां ज्यादा एप्स यूज करते हैं। उन्हें करियर, लव लाइफ या जॉब की टेंशन होती है, तो वे सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए ही क्विक कंसल्टेशन ले लेते हैं।
✒️ AI से सस्ता कंसल्टेंशन:
AI टूल्स ने गणना तेज कर दी है। ये इंसान से 5 गुना ज्यादा सवालों का जवाब एक ही टाइम में दे सकता है। ये बायस्ड नहीं होता और सस्ता भी है।
✒️ दिमागी झंझटो से राहत का एहसास -
जिंदगी व्यस्त है, कहीं जाकर अपनी परेशानी किसी को बताने का समय आज लोगों के पास नहीं है ऐसे में स्मार्टफोन और इंटरनेट का साथ में होना और AI का इस्तेमाल, लोगों को कल्पनालोक में ले जाकर उनके झंझट दूर करने का काम कर रहा है. दो मिनट के लिए दिमाग़ को यह सन्देश मिलना कि आज का दिन अच्छा जायेगा, बॉस आपसे खुश रहेंगे, आपका मान सम्मान बढ़ेगा, यूजर को राहत देता है और उसका हाथ ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी की ओर बढ़ता जाता है.
➡️ 35 साल से कम उम्र के है ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी ऐप एस्ट्रोटॉक के 84% यूजर्स
✒️ एस्ट्रोटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर महीने में 50 लाख पेड कंसल्टेशन हो रहे हैं। इसके फाउंडर पुनीत गुप्ता कहते हैं, एप पर 7 करोड़ यूजर्स में 84% 35 साल से कम उम्र के है।
✒️ सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल?
"मेरा एक्स कब वापस आएगा?"
➡️ AI स्पीड व एक्यूरेसी में ह्यूमन ज्योतिषियों से बेहतर
कुछ वेबसाइट्स अब AI का इस्तेमाल करके कंसल्टेशन दे रही हैं-
➡️ ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी स्कैम का खतरा बढ़ रहा
AI टूल्स के आने से एस्ट्रोलॉजी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन, इससे ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजी स्कैम का खतरा भी बढ़ रहा है। कई लोग इन स्कैम्स के शिकार हो चुके हैं। फेक ज्योतिषी बनकर कई लोग फ्री कंसल्टेशन ऑफर करते हैं, लोगों की प्रॉब्लम्स सुनकर लॉजिकल एक्सप्लेनेशन देते हैं। ऑनलाइन ज्योतिष धोखाधड़ी बढ़ रही है, जिसमें धोखेबाज ग्रहों और सितारों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए करते हैं और अक्सर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाते हैं। ये धोखेबाज, कभी-कभी खुद को "नकली बाबा" या असली ज्योतिषी बताकर, जीवन की समस्याओं को लेकर दहशत फैलाते हैं और "पूजा सामग्री" या "उपचार" के नाम पर पैसे ऐंठते हैं।
➡️ धोखाधड़ी के सामान्य तरीके और दृश्य संकेत
🌑 तात्कालिकता और भय पैदा करने की रणनीति:
संदेशों में अक्सर दावा किया जाता है, "यदि आप आज यह उपाय नहीं करते हैं, तो आपको नुकसान होगा," या "तुरंत 51,000 का भुगतान करें"।
🌑 फर्जी सोशल मीडिया पेज:
स्कैमर फर्जी पेज, विज्ञापन और कभी-कभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न या स्टॉक छवियों का उपयोग करके पारंपरिक दिखने वाले ज्योतिषियों (अघोरी बाबाओं) की एक छवि बनाते हैं।
🌑 सीधे भुगतान की मांग:
वे अक्सर विस्तृत चर्चाओं को छोड़ देते हैं और "उपचार" के बदले तुरंत भुगतान की मांग करते हैं।
🌑 रील्स और चेतावनियाँ:
इंस्टाग्राम और यूट्यूब "घोटाला चेतावनी" रील्स से भरे पड़े हैं जो यह उजागर करते हैं कि फर्जी ज्योतिषी कैसे काम करते हैं।
🌑 फर्जी प्रशंसापत्र:
सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता फैलाने वाली रिपोर्टों में बताया गया है कि धोखेबाज विश्वास जीतने के लिए मनगढ़ंत समीक्षाओं या वॉइस मैसेज (कभी-कभी एआई द्वारा उत्पन्न) का उपयोग करते हैं।
🌑 भ्रामक विज्ञापन:
उदाहरणों में 5 मिनट के निःशुल्क सत्रों के विज्ञापन शामिल हैं जो महंगे "उपचार पैकेज" खरीदने के लिए दबाव बनाने वाली रणनीति की ओर ले जाते हैं।
➡️ एक पीड़ित द्वारा बताई गई आपबीती के अनुसार-
दैनिक भास्कर समाचार पत्र की 13 नवम्बर 2025 के एक समाचार के अनुसार एक पीड़ित द्वारा बताई गई आपबीती के अनुसार " फ्री कंसल्टेशन के बाद ₹10,000 की डिमांड की गई, लेकिन पेमेंट लिंक से बैंक अकाउंट खाली हो गया। "
✒️ साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की राय -
" डिस्ट्रेस्ड लोग क्विक सॉल्यूशंस की तलाश में फंस जाते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है।"
ऑनलाइन ज्योतिष खाते खोलकर बैठे साइबर ठग आज साइबर ठगी के जरिये जनता का अच्छा बेवकूफ बना रहे हैँ. वे जनता के मन में सामान्य चिंता निवारण के जरिये प्रवेश करते हैँ फिर भविष्य में परिवार की कलह, हेल्थ इश्यू या जॉब लॉस जैसी मुसीबतें बताते हैं। रिचुअल्स या ज्योतिष रेमेडीज के लिए पैसे मांगते हैं, जैसे प्रार्थना या पूजा के नाम पर एडवांस। पेमेंट के लिए लिंक्स या एप्स भेजते हैं, जो फोन एक्सेस या बैंक डिटेल्स चुराने के लिए यूज होते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारियों के अनुसार, कई ऑनलाइन ज्योतिष ऐप वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित नहीं हैं और इन्हें छद्म विज्ञान माना जाता है, जिनमें से कुछ आपकी असुरक्षाओं को लक्षित करके "व्यापार मॉडल" के रूप में काम करते हैं।
➡️ अपनी सुरक्षा कैसे करें
🌑 अलर्ट -
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजर स्कैम्स के खिलाफ अलर्ट जारी किया है। साइबर क्रिमिनल्स फेक सर्टिफाइड एस्ट्रोलॉजर बनकर लोगों को फंसाते हैं, फ्री कंसल्टेशन से ट्रस्ट बनाते हैं और फिर पैसे मांगते हैं।
🌑 अज्ञात खातों से बचें:
ज्योतिषीय सेवाएं देने या तस्वीरें मांगने वाले अजनबियों से सावधान रहें।
🌑 प्रमाणिकता सत्यापित करें:
बिना वेरिफिकेशन एप डाउनलोड या OTP शेयर करने से बचें, क्योंकि ये फोन एक्सेस देते हैं। वैध ज्योतिषी शायद ही कभी दबाव बनाने वाली रणनीति के माध्यम से आपका भविष्य तय करने के लिए पैसे मांगेंगे। सही ज्योतिषी बैंक डिटेल्स या OTP नहीं मांगते; पहले क्रेडिबिलिटी वेरिफाई करें।
🌑 धोखाधड़ी करने वालों की रिपोर्ट करें:
संदिग्ध खातों की रिपोर्ट आधिकारिक भारतीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर की जा सकती है। जागरूकता ही बेस्ट डिफेंस है, क्योंकि साइबर फ्रॉड्स लगातार सक्रिय हो रहे हैं।
🌑 व्यक्तिगत डेटा साझा न करें:
चैट ऐप्स पर कभी भी बैंक विवरण, ओटीपी या अत्यधिक व्यक्तिगत तस्वीरें साझा न करें। पर्सनल या फाइनेंशियल डिटेल्स कभी शेयर न करें, न ही पेमेंट लिंक्स पर क्लिक करें।
साइबर ठगी का यह दौर रोज ऐसे कारनामें गढ़ रहा है जिसके आगे साइबर क़ानून और पुलिस ही बेबस नजर आते हैँ फिर आम आदमी की बिसात ही क्या है? ऐसे में अगर जरुरत है तो बस इतनी कि अपनी आँखे खुली रखी जाएँ और दिमाग़ में सतर्कता, जब बार बार ये कहा जा रहा है कि ऑनलाइन गतिविधि में सतर्कता बरतने के लिए कहा जा रहा है .बार बार अपनी निजी जानकारी किसी को भी न देने के लिए कहा जा रहा है, फिर क्यूँ नहीं समझ रहे हैँ आप? साइबर ठग कोई एलियन नहीं हैँ कि आकाश से उतरते नजर आएं, ये हमारे बीच के ही पढ़ें लिखें सभ्य समाज के लोग हैँ, हम स्वयं अपने लालच में, अपने स्वार्थ में इन्हे आमंत्रित कर रहे हैँ खुद को ठगने के लिए, खुद ही साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर साइबर ठगी की वारदात को सफल करा रहे हैं इसलिए आपको समझना होगा और जागरूक बनकर साइबर अपराध का मुकाबला करना होगा.
सतर्क रहिये-सुरक्षित रहेँगे.
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली )

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