2️⃣ साइबर विनियमन अपील अधिकरण (प्रक्रिया) नियम, 2000
(क) एक से अधिक व्यक्ति, संयुक्त रूप से एकल आवेदन फाइल कर सकेंगे यदि वाद हेतुक और प्रार्थित अनुतोष की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए यह समाधान हो जाता है कि सेवा मामलों में उनके हित समान हैं।
(ख) एकल आवेदन में सम्मिलित होने के लिए इच्छुक व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व कर रहा कोई संगम हो, तथापि, यह तब जब कि आवेदन में उन सभी व्यक्तियों के नाम प्रकट किए जाएंगे जिनकी ओर से यह फाइल किया गया है।
4. आवेदन का प्रस्तुतीकरण और संवीक्षा (1) रजिस्ट्रार या रजिस्ट्रार द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी प्रत्येक आवेदन पर वह तारीख पृष्ठांकित करेगा जिसको उस नियम के अधीन उसे प्रस्तुत किया गया या प्रस्तुत किया गया समझा जाएगा और वह पृष्ठांकर पर हस्ताक्षर करेगा।
(2) यदि, संवीक्षा करने पर, आवेदन सुव्यवस्थित पाया जाता है तो इसे सम्यक् रूप से रजिस्ट्रीकृत किया जाएगा और क्रम संख्यांक दिया जाएगा।
(3) यदि संवीक्षा करने पर आवेदन त्रुटिपूर्ण पाया जाता है और देखी गई त्रुटि औपचारिक प्रकार की है जो रजिस्ट्रार, अपनी उपस्थिति में पदभार को उसे सुधारने के लिए अनुज्ञा दे सकेगा और यदि उक्त त्रुटि औपचारिक प्रकार की नहीं है तो रजिस्ट्रार आवेदक को त्रुटि सुधारने के लिए ऐसा समय अनुज्ञात कर सकेगा जो वह ठीक समझे।
(4) यदि आवेदक, उपनियम (3) के अधीन अनुज्ञात समय के भीतर त्रुटि सुधारने में असफल रहता है तो रजिस्ट्रार ऐसे कारणों को लिखित रूप में अभिलिखित करते हुए आदेश द्वारा आवेदन की रजिस्टर करने से इंकार कर सकेगा।
(5) उपनियम (4) के अधीन रजिस्ट्रार के आदेश के विरुद्ध कोई अपील ऐसा आदेश दिये जाने के 15 दिन के भीतर अधिकरण को की जाएगी जिसका उस पर विनिश्चय अंतिम होगा।
5. आवेदन फाइल करने का स्थान- आवेदक रजिस्ट्रार के यहां आवेदन फाइल करेगा।
6. आवेदन की फीस - रजिस्ट्रार के यहां फाइल किये गये प्रत्येक आवेदन के साथ 2,000 रुपये केवल (दो हजार रुपए) की फीस, जो किसी अनुसूचित बैंक में रजिस्ट्रार के पक्ष में लिखे गये रेखांकित माँगदेय ड्राफ्ट या भुगतान आदेश के रूप में होगा और नई दिल्ली में संदेय होगा।
7. आवेदन की विषयवस्तु (1) नियम 3 के अधीन फाइल किया गया प्रत्येक आवेदन सुभिन्न शोषों के अधीन संक्षिप्त रूप से किया जाएगा। ऐसे आवेदन के लिए आधार और ऐसे आधार क्रमानुसार संख्यांकित किए जाएंगे और कागज के एक ओर दोहरे अंतर से टाइप किये जाएंगे।
(2) यदि आवेदन में आवेदन का अंतिम निपटान लंबित होने तक अंतरिम आदेश या निर्देश के लिए प्रार्थना अंतर्निहित है तो अंतरिम आदेश या निर्देश प्राप्त करने के लिए पृथक् आवेदन करना आवश्यक नहीं होगा।
(3) अधिनियम की धारा 57 के अधीन आवेदन के फाइल करने के पश्चात् कोई आवेदक अंतरिम आदेश या निर्देश के लिए आवेदन कर सकेगा। ऐसा कोई आवेदन जहां तक संभव हो, उसी प्ररूप में होगा जो धारा 57 के अधीन विहित है, और उसके साथ 5 रुपये केवल (पांच रुपये) को फीस होगी जो ऐसे आवेदन पर लगी न्यायालय फीस स्टांप के रूप में होगी।
8. आवेदन के साथ पेपर पुस्तिका आदि का होना (1) प्रत्येक आवेदन के साथ पेपर पुस्तिका होगी जिसमें निम्नलिखित समाविष्ट होंगे :
(1) उस आदेश की प्रमाणित प्रति जिसके विरुद्ध आवेदन फाइल किया गया है।
(i) उन दस्तावेजों की प्रतियां जिन पर आवेदक द्वारा विश्वास किया गया है और जो आवेदन में निर्दिष्ट हैं, और
(i) दस्तावेजों की अनुक्रमणिका ।
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