5️⃣ साइबर विनियमन अपील अधिकरण (प्रक्रिया) नियम, 2000
17. आवेदन का स्थगन - अधिकरण, ऐसे निबंधनों पर जो वह ठीक समझे कार्यवाही के किसी प्रक्रम पर आवेदन की सुनवाई को स्थगित कर सकेगा।
18. आदेश का हस्ताक्षरित होना और उस पर तारीख डालना - अधिकरण का प्रत्येक आदेश लिखित रूप में होगा और पोठासीन अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित होगा और उस पर तारीख डाली जाएगी।
19. आदेशों का प्रकाशन- अधिकरण के ऐसे आदेश जो किसी रिपोर्ट या प्रेस में प्रकाशन के लिए ठीक समझे जाएं, ऐसे निबंधनों और शतों पर जो अधिकरण अधिकधित करे, ऐसे प्रकाशन के लिए जारी कर सकेगा।
20. पक्षकारों को आदेशों की संसूचना- किसी आवेदन पर पारित प्रत्येक आदेश आवेदक को या प्रत्यर्थी को व्यक्तिगत रूप में या निःशुल्क लागत पर रजिस्ट्रीकृत डाक से संसूचित किया जाएगा।
21. अभिलेखों के निरीक्षण के लिए कोई फीस नहीं- आवेदन के किसी पक्षकार द्वारा लंबित आवेदन के अभिलेखों के निरीक्षण के लिए कोई फीस प्रभारित नहीं की जाएगी।
22. कतिपय मामलों में आदेश और निदेश- अधिकरण ऐसे आदेश कर सकेगा या ऐसे निदेश दे सकेगा जो उसके आदेशों को प्रभावी करने के लिए या उसके सम्बन्ध में या उसकी कार्यवाही के दुरुपयोग को रोकने के लिए या न्याय के उद्देश्य को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक या समीचीन हों।
23. विधि व्यवसायियों के लिपिकों को रजिस्ट्रीकरण (1) किसी विधि व्यवसायी द्वारा नियोजित ऐसा लिपिक, जो उस अधिकरण, जिसमें विधि व्यवसायी साधारणतया व्यवसाय करता है, के अभिलेखों तक पहुंच रखने के लिए और इसके आदेशों की प्रतियां अभिप्राप्त करने के लिए उस रूप में अनुज्ञात है "रजिस्ट्रीकृत लिपिक" के रूप में ज्ञात होगा।
(2) कोई विधि व्यवसायी, जो अपने लिपिक को रजिस्ट्रीकृत कराने की वांछा रखता है, रजिस्ट्रार को प्ररूप-2 में एक आवेदन करेगा।
(3) कोई विधि व्यवसायी एक समय में दो से अधिक रजिस्ट्रीकृत लिपिक तब तक नहीं रखेगा जब तक कि रजिस्ट्रार साधारण या विशेष आदेश द्वारा अन्यथा अनुज्ञात न करे।
(4) सभी रजिस्ट्रीकृत लिपिकों का एक रजिस्टर रजिस्ट्रार के कार्यालय में रखा जाएगा और लिपिक के रजिस्ट्रीकरण के पश्चात्, रजिस्ट्रार उसके लिए एक पहचानपत्र जारी करने का निदेश देगा जो अहस्तांतरणीय होगा और जिसे अधिकरण के किसी अधिकारी या किसी अन्य कर्मचारी द्वारा अनुरोध किये जाने पर धारक द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
(5) उपनियम (4) में उल्लिखित पहचानपत्र, अधिकरण के रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर के अधीन जारी किया जाएगा।
(6) जब कभी कोई विधि व्यवसायी किसी रजिस्ट्रीकृत लिपिक का नियोजन समाप्त कर देता है तो वह इस बात की जानकारी तुरन्त एक पत्र के माध्यम से, जिसके साथ उसके लिपिक को जारी पहचानपत्र संलग्न होगा, रजिस्ट्रार को देगा और ऐसे पत्र की प्राप्ति पर उक्त रजिस्ट्रीकृत लिपिक का नाम रजिस्टर से हटा दिया जाएगा।
24. अधिकरण का कार्य करने का समय - शनिवार, रविवार और अन्य अवकाश के दिनों के सिवाय, अधिकरण के कार्यालय, पीठासीन अधिकारी द्वारा किये गये आदेश के अध्यधीन रहते हुए, प्रतिदिन 10.00 बजे पूर्वाह्न से 5.00 बजे अपराह्न तक खुले रहेंगे किन्तु कोई कार्य, जब तक कि यह आवश्यक प्रकृति का न हो, किसी भी कार्य दिवस को 4.30 बजे अपराह्न के पश्चात् ग्रहण नहीं किया जाएगा।
25. अधिकरण की बैठक का समय- अधिकरण की बैठक का समय साधारणतया अध्यक्ष द्वारा किये गये किसी आदेश के अधीन रहते हुए 10.30 बजे पूर्वाह्न से 1.00 बजे अपराह्न तक और 2.00 बजे अपराह्न से 5.00 बजे अपराह्न तक होगा।
26. रजिस्ट्रार की शक्तियां और कृत्य (1) रजिस्ट्रार, अधिकरण के सभी अभिलेखों की अभिरक्षा रखेगा और ऐसे अन्य कृत्यों को करेगा जो उसे इन नियमों के अधीन या पीठासीन अधिकारी द्वारा समनुदेशित किए जाएं।
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