साइबर ठगों के हथियार 1️⃣ म्यूल खाते -साइबर ठगों के हाथ में बड़ा हथियार

 


डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग आज वे सुविधाएं हैं जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं.इन सुविधाओं ने घर बैठे ही हमारे कार्य पूर्ण कराने में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है, किन्तु ये भी याद रखिये कि ये सुविधाएं ही हैं जिन्होंने साइबर ठगों को हमारे घर के साथ साथ हमारे बैंक अकाउंट तक में अनधिकृत घुसपैठ का अधिकार दे दिया है. 

     कोई भी साइबर ठग सीधे तौर पर अपने नाम पर हमारे अकाउंट से पैसे नहीं लेता है बल्कि वह दूसरों के अकाउंट का इस्तेमाल करता है. ऐसे अकाउंट को म्यूल खाता कहा जाता है. यह वह बैंक अकाउंट होते हैं जो धोखे या लालच के जरिए इस्तेमाल में लिए जाते हैं ताकि  जांच एजेंसी असली अपराधी तक न पहुंच पाएं.

दरअसल म्यूल खाते वह बैंक अकाउंट होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी धोखाधड़ी से हासिल पैसों को ट्रांसफर करने के लिए करते हैं. यह अकाउंट आम लोगों के ही होते हैं, जिन्हें साइबर ठग लालच देकर या धोखे से अपने इस्तेमाल में लेते हैं, और म्यूल खाते का इस्तेमाल कर साइबर ठग जो पैसे हमसे हड़पता है उसे बारी बारी से कई म्यूल खाते में ट्रांसफर करता है जिससे वह पैसा साइबर ठग तक पहुंचने से पहले कई स्टेप से गुजर जाता हैं और साइबर ठग इस तरह सीधे पकड़ में नहीं आ पाता है, जिससे वह इस आसान धोखाधड़ी से खुद को सुरक्षित कर लेता है.

➡️ म्यूल अकाउंट-

म्यूल अकाउंट एक बैंक खाता है जिसका उपयोग अवैध गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिये किया जाता है। म्यूल अकाउंट" से तात्पर्य ऐसे बैंक खाते से है जिसका उपयोग अपराधी धन शोधन या अन्य अवैध गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए करते हैं । ये खाते अक्सर अनजान व्यक्तियों या शेल कंपनियों के नाम पर खोले जाते हैं और इनका उपयोग धोखाधड़ी या आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धन को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।  

➡️ मनी म्यूल-

मनी म्यूल वह व्यक्ति होता है जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से अवैध रूप से अर्जित धन को स्थानांतरित करता है।

➡️ शेल कम्पनी- 

शेल कंपनी वह कंपनी होती है जिसका कोई सक्रिय व्यावसायिक परिचालन या महत्त्वपूर्ण परिसंपत्ति नहीं होती। 

बहुराष्ट्रीय साइबर अपराधी शेल कंपनियों और व्यक्तियों के खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में करते हैं, तथा बैंकों द्वारा दी जाने वाली थोक भुगतान सुविधा का लाभ उठाते हैं। बैंकों द्वारा दी जाने वाली थोक भुगतान सुविधा व्यवसायों और संगठनों को एक ही लेनदेन में विभिन्न लाभार्थियों को कई भुगतान करने की अनुमति देती है।

ये आवश्यक नहीं है कि ये सब अवैध हों, किन्तु इनका उपयोग कानून प्रवर्तन या जनता से व्यवसाय स्वामित्व को छिपाने के लिये अवैध रूप से किया जा सकता है।

➡️ म्यूल खाता से जुडी सच्चाईयां-

🌑 अवैध उपयोग:

अवैध रूप से प्राप्त धन के स्रोत को छिपाने के लिए खच्चर खातों का उपयोग किया जाता है।   

🌑 निर्दोष व्यक्ति:

अपराधी अक्सर ऐसे व्यक्तियों की भर्ती करते हैं या उनका शोषण करते हैं, जो अनजाने में अपने खातों का उपयोग लेनदेन के लिए करने की अनुमति देकर "धन के तस्कर" बन जाते हैं।   

🌑 मुखौटा कम्पनियां:

खच्चर खाते शेल कंपनियों के नाम पर भी खोले जा सकते हैं, जो बिना किसी महत्वपूर्ण व्यावसायिक परिचालन के कानूनी संस्थाएं होती हैं।   

🌑 काले धन को वैध बनाना:

खच्चर खाते का प्राथमिक उद्देश्य धन के मार्ग को अस्पष्ट करना है, जिससे मूल आपराधिक गतिविधि का पता लगाना कठिन हो जाता है।   

➡️ साइबर ठगों द्वारा म्यूल खातों का इस्तेमाल-

1️⃣. धोखाधड़ी वाले लेनदेन:

अपराधी घोटालों, फ़िशिंग हमलों या अन्य प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार लोगों से भुगतान प्राप्त करने के लिए खच्चरों के खातों का उपयोग करते हैं।   

2️⃣ धन स्थानांतरण:

इसके बाद धनराशि को तुरंत ही खच्चर खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जो अक्सर किसी भिन्न स्थान या देश में होता है, जिससे उसका पता लगाना कठिन हो जाता है।   

3️⃣. स्रोत छिपाना:

यह प्रक्रिया धन के स्रोत को छिपाने में मदद करती है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि धन वैध स्रोत से आया है।   

➡️ म्यूल खाते चिंता के कारण-

🌑 अपराध को बढ़ावा देना:

साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी सहित विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में म्यूल खाते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।   

🌑 लापता धन का पता लगाना कठिन:

खच्चर खातों के माध्यम से धन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि अपराधी अक्सर एकाधिक खातों और अधिकार क्षेत्रों का उपयोग करते हैं।   

🌑 निर्दोष व्यक्तियों के लिए जोखिम:

जो व्यक्ति अनजाने में खच्चर योजनाओं में भाग लेते हैं, उन्हें कानूनी परिणाम और वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है।   

➡️ साइबर ठगों द्वारा म्यूल खातों का इस्तेमाल-

म्यूल खाते का इस्तेमाल करने के लिए साइबर अपराधी सबसे पहले ठगे गए पैसों को म्यूल खाते में ट्रांसफर करते हैं. वहां से वह रकम को और आगे कई म्यूल अकाउंट में भेजते रहते हैं. यह पूरी प्रक्रिया एक चेन की तरह काम करती है जिससे पैसे का ट्रैक रिकॉर्ड मिटाना साइबर ठगों द्वारा आसान हो जाता है. साथ ही जांच एजेंसी को असली अपराधी तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है.

➡️ म्यूल खातों के लिए साइबर ठगों के शिकार-

म्यूल खातों के लिए साइबर ठग ऐसे लोगों को निशाना बना रहे हैं जिनमें तकनीकी और बैंकिंग की कम समझ है. जैसे बुजुर्ग, गरीब और अनपढ़ लोग, साइबर ठग इन लोगों को लालच देकर या फर्जी पहचान से उनका अकाउंट खुलवा कर इस्तेमाल करते हैं. कई बार लोग खुद भी थोड़े से पैसे के बदले में अपना अकाउंट दूसरों को दे देते हैं.

➡️ अपनी सतर्कता-अपनी सुरक्षा-

🌑 अनचाहे प्रस्तावों से सावधान रहें:

🌑 ऐसे नौकरी प्रस्तावों या निवेश अवसरों से सावधान रहें जो त्वरित धन प्राप्ति का वादा करते हैं या जिनमें धन हस्तांतरण शामिल होता है।

🌑 ऑनलाइन लेनदेन की वैधता सत्यापित करें:

🌑 पैसे भेजने या प्राप्त करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आप जिस प्लेटफॉर्म या व्यक्ति से लेन-देन कर रहे हैं वह वैध है।

🌑 अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें:

🌑 अपने बैंक खाते का विवरण या अन्य व्यक्तिगत जानकारी अविश्वसनीय स्रोतों के साथ साझा न करें।

हालांकि, अब सरकार म्यूल खाते की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भी मदद ले रही है. कुछ समय पहले गृहमंत्री अमित शाह के अनुसार ऐसे संदिग्ध ट्रांजेक्शन, अचानक बढ़ती गतिविधियों और पैसों को विदेश में ट्रांसफर करने वाले खातों के आधार पर एआई तकनीक इन खातों की पहचान करेगी.

कुछ समय पहले तक सरकार ने म्यूल खाते जैसे लगभग 19 लाख से ज्यादा अकाउंट्स की पहचान की थी. इतना ही नहीं करीब 2 करोड़ रुपए से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी रोके थे. यह आंकड़े बताते हैं कि म्यूल खाते जैसी समस्या कितनी गंभीर हैं और इसे हर दिन आम लोग कितने ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिये म्यूल बैंक अकाउंट का उपयोग करके अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराधियों द्वारा स्थापित अवैध भुगतान गेटवे जैसे पीसपे, RTX पे आदि के बारे में अलर्ट जारी किया है।

आज जनता को साइबर ठगों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रयासरत है किन्तु बड़ी जिम्मेदारी हमारी है क्योंकि सम्पत्ति हमारी है.म्यूल खाते के माध्यम से साइबर ठगी से बचने के लिए हमें खुद भी प्रयास करने होंगे. इसके लिए अगर कोई अनजान व्यक्ति हमसे अकाउंट का इस्तेमाल करने को कहे तो उसे साफ तौर पर हमें मना करना होगा. वहीं किसी भी व्यक्ति को अपना आधार पेन या बैंक डिटेल देने से बचना होगा. इसके अलावा किसी भी लालच में आकर अपना अकाउंट दूसरों के हवाले करने जैसी आदत छोड़नी होगी और सबसे बड़ी सुरक्षा बुजुर्गो, अनपढ़ लोगों और पर्दानशीन महिलाओ को अपने साथ घर के उस पढ़े लिखें, विश्वासपात्र व्यक्ति के साथ ही बैंक में आने की आदत डालनी होगी जिसे बैंक की कार्यवाही समझ में आती हों क्योंकि हमारी सतर्कता और जागरूकता ही हमारी सच्ची सुरक्षा हैं.

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली)


टिप्पणियाँ

  1. म्यूल खाते के साइबर क्राइम मे इस्तेमाल किये जाने की बहुत सार्थक जानकारी शेयर की है आपने, दिल से आभार 🙏🙏

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