साइबर ठगों के हथियार 3️⃣ कॉल फॉरवर्डिंग (राजस्थान साइबर फ़्रॉड)
साइबर अपराधियों ने राजस्थान में साइबर फ्रॉड करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। राजस्थान के साइबर अपराधी इस नई तकनीक में कॉल फॉरवार्डिंग का इस्तेमाल करते हैं और अपराध के शिकार के परिचितों को कॉल कर रुपए मांगकर ऐंठते हैँ. राजस्थान पुलिस ने आम जनता को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए साइबर क्राइम शाखा के माध्यम से एडवाइजरी जारी की है।
राजस्थान में साइबर क्राइम शाखा में एस पी शांतनु कुमार के अनुसार-
" साइबर क्रिमिनल लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं। इस बार उन्होंने सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लिया है। वे सोशल मीडिया से आपकी निजी जानकारी जैसे जन्मदिन या एनिवर्सरी (शादी की सालगिरह) निकालकर आपको फोन कॉल या वॉट्सऐप कॉल करते हैं। वे अक्सर किसी सामान या पार्सल डिलीवरी का बहाना बनाते हैं और आपसे ओटीपी पूछने की कोशिश करते हैं।"
➡️ राजस्थान में नया फ़्रॉड स्टाइल-
इस नई तरीके के फ्रॉड में साइबर क्रिमिनल्स आपसे एक विशेष नंबर डायल करने के लिए कहेँगे. यह नंबर *21 से शुरू होता है और उसके बाद साइबर क्रिमिनल्स एक और नम्बर आपको बताएँगे, जो कि # के साथ समाप्त होता है। आप जैसे ही साइबर अपराधी द्वारा बताया गया वह नंबर डायल करेंगे, आपके मोबाइल की कॉल फॉरवार्डिंग सक्रिय हो जाएगी.
जिसका साफ साफ मतलब है कि आपके मोबाइल फोन पर आने वाले सभी कॉल साइबर अपराधियों के मोबाइल नंबर पर फॉरवर्ड हो जाएंगे। इससे साइबर अपराधियों को आपके कॉल, एसएमएस और ओटीपी तक पूरी पहुंच मिल जाएगी। जिसका इस्तेमाल वे आपके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए आसानी से कर पाएंगे और आपके परिचितों से किसी भी बहाने से आपके नाम से रुपयों की मांग करेंगे.
➡️ इस साइबर फ़्रॉड से बचने के सुझाव-
राजस्थान पुलिस द्वारा इस नई साइबर अपराध तकनीक से बचाव के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं-
1️⃣- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication)
सबसे पहले अपने फोन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) चालू करें। अपने जीमेल और वॉट्सऐप में तुरंत टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें। यह आपकी सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है।
2️⃣ - अनजान मोबाइल नंबरों से सावधान रहें-
अनजान नंबरों से आने वाली कॉल से बचें। यदि कोई कॉल संदिग्ध लगे तो उसे तुरंत वॉट्सऐप पर रिपोर्ट करें। अपने बैंक को भी इसकी सूचना दें।
3️⃣- OTP और संदिग्ध लिंक से बचें-
किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
4️⃣- संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करें-
यदि आपको कोई कॉल संदिग्ध लगे तो उसे चक्षु पोर्टल (https://www.sancharsaathi.gov.in/sfc/) पर रिपोर्ट करें।
5️⃣- तत्काल कार्रवाई करें-
यदि आप कॉल फॉरवर्डिंग या किसी भी अन्य प्रकार के साइबर फ़्रॉड के शिकार होते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन/ साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
6️⃣- ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें -
आज सोशल मीडिया की दुनिया है, हम सोशल नेटवर्किंग साइट्स से जुड़े हुए हैँ और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर यदि सामान्य लोग हैँ तो अपराधी तत्व उनसे कहीं ज्यादा हैँ इसलिए अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को गंभीरता से लें और इन दिशा-निर्देशों का पालन करके खुद को और अपने प्रियजनों को साइबर धोखाधड़ी से बचाएं। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली )

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