सावधानी 4️⃣ TRAI के नाम से खेल रहे साइबर ठग
ट्राई (भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण) के नाम पर साइबर ठग ठगी के नित नए कारनामों को अंजाम दे रहे हैँ। मोबाइल टावर इंस्टालेशन, बहुमंजिला इमारतों में कॉल-डेटा चेकिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झांसे देकर लोगों से लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं। साइबर ठग फर्जी ट्राई अधिकारी बनकर मोटे किराए का लालच देते हैं, रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी शुल्क के नाम पर आप से रकम ऐंठ रहे हैं।
यहां तक की साइबर ठग आपको फर्जी अप्रूवल लेटर दिखाकर बेवकूफ बना रहे हैँ । कभी कभी तो कॉल ट्रेसिंग और सिम ब्लॉक करने की धमकी देकर आपसे रकम निकलवाने के मामले भी सामने आये हैँ । केस बढ़ते देख ट्राई ने अलर्ट जारी किया और ये घोषणा की कि
1️⃣ वह टावर लगाने के लिए कॉल नहीं करता,
2️⃣ न ही आधार, ओटीपी या बैंक जानकारी मांगता है।
ट्राई ने ये सूचना जारी की है कि अगर आपको संदिग्ध कॉल, मैसेज या ई-मेल मिलते हैं तो आप तुरंत ट्राई के स्थानीय कार्यालय में सूचना दें या आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापन करें। सामान्य सूचना के लिए आप ट्राई की ईमेल आई डी ap@trai.gov.in पर सूचना दे सकते हैँ. या फिर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (Telecom Regulatory Authority of India) (TRAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैँ- http://www.trai.gov.in
➡️ ट्राई के नाम पर साइबर ठगों के खेल-
✒️ केस 1: सीकर में कौशल किशोर मौर्य नाम के व्यक्ति को मोबाइल टावर लगाने के लिए कॉल किया। ठगों ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया। यहां तक की फर्जी आइडी तक दिखाई। टावर लगाने के लिए हर माह मोटा किराया देने की बात कही। इसके लिए एक फार्म भरवाकर सिक्योरिटी राशि के नाम पर 25 हजार रुपए लिए।
✒️ केस 2: चित्तौड़गढ़ निवासी कन्हैयालाल से दो ठगों ने ट्राई अधिकारी बनकर बात की। उसे डराया कि कन्हैयालाल ने किसी को कॉल करके पैसे ठगे हैं और ट्राई ने उसकी कॉल ट्रेस की है। ठगों ने एआइ के माध्यम से कन्हैयालाल के मोबाइल से भेजे गए मैसेज का पूरा खाका तक तैयार कर लिया। सिम बंद करने का एक फर्जी पत्र तक दिखाया। इसके बाद ठगों ने 50 हजार रुपए वसूल लिए।
➡️ अब जानिए ट्राई की वास्तविक कार्यशैली-
1️⃣ ट्राई उपभोक्ताओं से कभी भी आधार, ओटीपी नहीं मांगता है।
2️⃣ किसी को भी अपनी पहचान या बैंक जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहता है।
3️⃣ ट्राई टावर इंस्टालेशन या अन्य काम के लिए न तो कॉल करता है, न ही घर पहुंचता है।
4️⃣ ट्राई टावर इंस्टालेशन या अन्य काम के लिए सार्वजनिक रूप से अधिकारिक चैनल के जरिए ही सूचना प्रसारित करता है।
5️⃣ ट्राई किसी भी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहता है. अधिक वास्तविकता जानने के लिए ट्राई की वेबसाइट http://www.trai.gov.in या स्थानीय कार्यालय पर पता करें या ट्राई की ईमेल आई डी ap@trai.gov.in ई-मेल करें।
इसलिए बेवकूफ न बनें, आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है. सतर्क रहें-सुरक्षित रहें. कोई समस्या होने पर @cybershalini या http://cyberdigital28.blogspot.com कोसूचित करें.
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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