सावधानी 8️⃣ क्या आपके पास भी आई है 1 रूपये क़ी डिमांड


 क्या आपके पास भी आई है 1 रूपये की कॉल, यदि हाँ तो अंजाम आपने या तो भुगत लिया होगा या फिर किसी चतुराई से बच गए होंगे और अगर नहीं आई है तो अलर्ट हो जाइये. ये एक नया तरीका है साइबर ठगों द्वारा लोगों को ठगने का, जिसमें वे सिर्फ 1 रुपए का लेन-देन करके लोगों के बैंक खाते की जानकारी हासिल कर लेते हैं और आपके द्वारा 1 रूपये का लेन देन करते ही साइबर ठग आपका पूरा खाता खाली कर देते हैं।

साइबर अपराध रोज तरक्की के नए आयाम गढ़ रहे हैँ साइबर अपराधी आपके बैंक खातों में जमा धन को हड़पने के लिए दिमाग़ का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैँ । अब वे आपसे ओटीपी नहीं मांग रहे हैँ क्योंकि ओटीपी को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा जनता को बहुत सतर्क किया जा चुका है इसलिए बेवकूफ बनाना जरा मुश्किल हो रहा है जनता को, अब साइबर ठग आपसे सिर्फ एक रुपये भेजने की बात कहकर पूरा खाता साफ कर दे रहे हैं और इस नए पैतरैं में फंसकर कई लोग जीवनभर की कमाई गंवा चुके हैं।

➡️ आपसे करते हैं एक रूपये की डिमांड-

✒️ साइबर विशेषज्ञ और सीओ रामनगर सुमित पांडे के अनुसार -

"ठग काफी प्रशिक्षित होते हैं। वे सबसे पहले लोगों को झांसे में लेने के लिए बीमा पॉलिसी, किराया, सिम या एटीएम एक्टिवेशन जैसी चीजों को लेकर फोन करते हैं। फिर वे परीक्षण के लिए एक रुपये भेजने को कहते हैं, ताकि यह लगे कि वे कोई साधारण ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, ना कि धोखाधड़ी। " 

✒️ साइबर विशेषज्ञ और कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल की राय-

 "जैसे ही ठग के झांसे में आकर पीड़ित व्यक्ति एक रुपया यूपीआई या अन्य नेट बैंकिंग से भेजता है, साइबर अपराधी उस मोबाइल नंबर या खाते की अहम जानकारी निकाल लेते हैं।"

✒️ केस-1:

 हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के टीपी नगर में बीमा पॉलिसी के नाम पर सेना के एक जवान को 10 अगस्त को फोन आया। पॉलिसी एक्टिवेशन के नाम पर कुछ धनराशि जमा करने कहा गया। ठग ने सबसे पहले जवान से एक रुपये भेजने को कहा। एक रुपये भेजते ही कुछ देर में 57 हजार रुपये जवान के खाते से कट गए।

✒️ केस-2: 

बनबसा निवासी एक कारोबारी के पास ऑनलाइन ऑर्डर के नाम पर फोन आया। सामान ऑर्डर के बाद जब व्यापारी ने पेमेंट के लिए कहा, तो ठग ने कहा कि पैसे ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं। व्यापारी से एक रुपये डालने को कहा गया। विश्वास में आकर एक रुपये व्यापारी ने भेजा तो उसके खाते से 29 हजार रुपये उड़ा लिए।

➡️ ठगी से बचने को क्या करें-

🌑 किसी अनजान को कोई रकम या दस्तावेज ना भेजें। खासकर जब संदिग्ध कारण हो।

🌑 किसी भी लिंक पर क्लिक न करें, वे खतरनाक ऐप या वेबसाइट तक आपको ले जा सकते हैं।

🌑 बैंक, बीमा कंपनी या सेवा प्रदाता से जुड़े ऐसे अनुरोध असल में आधिकारिक तरीके सही से जांचें।

🌑 हमेशा टू-स्टेप वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करना.

🌑 मोबाइल पर चलने वाले सभी ऐप को अपडेट रखना जरूरी है।

🌑 यूपीआई या नेट बैंकिंग में मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।

       साइबर अपराध से बचने के लिए आपको सबसे जरुरी काम यह करना है कि अपनी दिखावा या प्रदर्शन करने की आदत पर आपको विराम लगाना होगा. ध्यान रखिये एक बार आपकी जानकारी किसी और के हाथ में गई तो साइबर ठग तक पहुँचने से रोकना मुश्किल है क्योंकि जिस जानकारी को आप अपने पेट में ही नहीं पचा पाए उसे और कोई क्यूँ पचाएगा? और किसे पता है कि कौन साइबर ठग है? ये हमारे बीच के ही हैँ, ये बहुत मिलनसार हैँ और आप इनसे आसानी से बेवकूफ बन रहें हैँ, इसलिए आपका जागना जरुरी है, आपका थोड़ा व्यक्तिगत होना जरुरी है. इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें. आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है. ब्लॉग और चैनल को फॉलो और सब्सक्राइब करना न भूलें. धन्यवाद 🙏🙏

आभार 🙏👇

6 सितम्बर 2025

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली)


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