सरकार की तैयारी 6️⃣ संचार साथी से करें व्यक्तिगत डेटा और संचार सुरक्षा सुनिश्चित-एस पी शामली

 साइबर अपराध को लेकर आज पुलिस प्रशासन में हलचल है. जनता को जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग कई तरह के कदम उठा रहा है. इसी क्रम में एस पी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि --

"दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित संचार साथी मोबाइल एप्लीकेशन का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा उनके व्यक्तिगत डेटा एवं संचार सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनपद के सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने मोबाइल उपकरण पर संचार साथी एप डाउनलोड कर इसका उपयोग अवश्य करें। इस एप से नागरिक संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कॉल/मेसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं। खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करना, अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी, अपने मोबाइल फोन की वास्तविकता की जांच, भारतीय नंबर के साथ आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्ट कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि संचार साथी एप नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर अपराधों की रोकथाम में एक अहम भूमिका निभा रहा है।"

संचार साथी ऐप विभिन्न तरीकों से साइबर सुरक्षा प्रदान करता है, जैसे: धोखाधड़ी वाले कॉल/संदेशों की रिपोर्ट करना, अपने नाम पर धोखाधड़ी से लिए गए कनेक्शन की जांच और ब्लॉक करना, चोरी हुए फोन को ट्रैक और ब्लॉक करना, और फ़ोन के असली या नकली होने की पहचान करना. यह ऐप नागरिकों को सशक्त बनाता है और उन्हें अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखने में मदद करता है, जिससे वे साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं. 



➡️ संचार साथी की मुख्य साइबर सुरक्षा सुविधाएँ:

🌑 धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग (Chakshu फीचर):

 आप कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट सीधे ऐप के माध्यम से कर सकते हैं. 

🌑 मोबाइल कनेक्शन सत्यापन: 

यह ऐप उपयोगकर्ताओं को यह जानने में मदद करता है कि उनके नाम पर धोखाधड़ी से कितने मोबाइल कनेक्शन जारी किए गए हैं और उन्हें ब्लॉक करने की सुविधा देता है. 

🌑 चोरी हुए फोन को ब्लॉक और ट्रैक करना: 

ऐप के माध्यम से आप खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल उपकरणों को तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं और उनके स्थान का पता लगा सकते हैं. 


🌑 फोन की प्रामाणिकता की जांच: 

आप अपने फोन का IMEI नंबर दर्ज करके यह पता लगा सकते हैं कि आपका फोन असली है या नकली. 

🌑 असुरक्षित संचार की रिपोर्टिंग: 

ऐप नागरिकों को स्पैम और धोखाधड़ी वाले कॉल और संदेशों की रिपोर्ट करने में सक्षम बनाता है, जिससे ऐसे संचार को कम करने में मदद मिलती है. 

🌑 संचार साथी कैसे काम करता है:

✒️ उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण:

यह ऐप सीधे नागरिकों के स्मार्टफोन पर सुविधाएं उपलब्ध कराता है, जिससे वे अपनी डिजिटल पहचान की सुरक्षा खुद कर सकते हैं. 

✒️ प्रवर्तन का समर्थन: 

यह भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियमों के प्रवर्तन का समर्थन करता है, जो ग्राहकों की पसंद को सुरक्षित करता है. 

✒️ कानूनी अनुपालन: 

यह ऐप सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (IT Act) का अनुपालन करता है, जो साइबर अपराध और डेटा गोपनीयता को नियंत्रित करता है. 

    इस तरह संचार साथी ऐप एक नागरिक-केंद्रित साधन है जो धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग और पहचान सत्यापन जैसी सुविधाओं के माध्यम से नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाता है.

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सतर्क रहें-सुरक्षित रहेँगे.

धन्यवाद 🙏🙏

प्रस्तुति 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली )

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