सरकार की तैयारी -7️⃣ RBI ने तय की बैकों की जिम्मेदारी


 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा साइबर अपराधों से अपने ग्राहकों की सुरक्षा हेतु बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। जिनके अनुसार-

✒️ साइबर फ्रॉड की सूचना 3 दिन में देने पर ग्राहक की जवाबदेही नहीं होगी,

✒️ बैंक की लापरवाही पर जुर्माना लगेगा। 

✒️ लॉकर में चोरी होने पर बैंक को हर्जाना देना होगा।

✒️ केवाईसी नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। 

✒️ आरबीआई ने 238 बैंकिंग नियमों का एक ड्राफ्ट जारी कर 10 नवंबर तक जनता से सुझाव मांगे हैं। 

           आरबीआई के पूर्व गवर्नर आर गांधी ने बताया कि नियामक कानूनों में सुधार को लेकर पहली बार ड्राफ्ट जारी कर जनता से सुझाव मांगे जा रहे हैं।

➡️ 1 जनवरी से 1 अप्रैल 2026 तक होंगे सब नियम लागू-

भारतीय रिजर्व बैंक ने जिन 238 बैंकिंग नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, वे नए नियम साल 2026 की शुरुआत से लागू होने आरम्भ हो जायेंगे। आरबीआई के प्रस्तावित सुधारों के तहत साइबर फ्रॉड के मामलों में यदि ग्राहक तीन दिन में जानकारी दे देता है तो उसकी जवाबदेही शून्य होगी। जानकारी प्राप्त होने के बावजूद अगर बैंक समय पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो निम्न कदम उठाये जा सकते हैं-

✒️ बैकों पर 25,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। 

✒️ चोरी या लापरवाही की स्थिति में बैंक को लॉकर किराये का 100 गुना तक हर्जाना भरना होगा।

✒️ लोन ब्याज दर तय करने में एक समान फॉर्मूला लागू होगा। 

✒️ सभी लोन पर प्रीपेमेंट पेनाल्टी खत्म होगी। 

✒️ 70 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों को घर बैठे बैंकिंग सुविधा मिलेगी। 

      इन सुझावों पर विचार करने के बाद 1 जनवरी से 1 अप्रैल 2026 तक ये सारे नियम लागू हो जाएंगे.

➡️ खातों की के वाई सी संबंधित प्रस्ताव-

✒️ सामान्‍य खातों की केवाईसी 10 साल में एक बार।

✒️ मध्यम जोखिम वालों की 8 साल में एक बार।

✒️ उच्च जोखिम वालों की हर 2 साल में करनी होगी।

✒️ केवाईसी आउटसोर्स: बैंक खुद केवाईसी करेंगे, न कि कोई एजेंसी। अभी तक कई बैंक आउटसोर्स से कराते हैं। इससे ग्राहक डेटा अधिक सुरक्षित रहेगा।

➡️ साइबर अपराध रोकने के लिए RBI के प्रस्तावित बड़े बदलाव-

नए नियम लागू होने के बाद नीचे दिए बदलाव देखने को मिलेंगे..

✒️ बैंक की जवाबदेही तय, हीलाहवाली पर देना होगा जुर्माना

✒️ साइबर फ्रॉड : अगर ग्राहक तीन दिन के भीतर बैंक को बताएंगे तो जवाबदेही शून्‍य हो जाएगी। फिर अगर बैंक एक्‍शन नहीं लेती है या एक्‍शन लेने में देरी करे तो 25 हजार जुर्माना देना होगा। अभी कोई समयसीमा तय नहीं है। इससे बैंक जवाबदेह बनेंगे।

✒️ सिबिल अपडेट: पेमेंट व डिफॉल्‍ट हर महीने की 15 तारीख तक अपडेट किया जाएगा। अभी सिबिल अपडेट करने की समय-सीमा 90 दिन है। इससे क्रेडिट स्‍कोर की‍ रिपोर्ट सुधरेगी।

✒️ लॉकर चोरी/नुकसान: लॉकर में चोरी या फिर किसी तरह का नुकसान होने पर बैंक को किराए का 100 गुना हर्जाना देना होगा। जबकि अभी बैंक पर कोई जवाबदेही नहीं है। इससे मजबूत सुरक्षा गारंटी मिलेगी।

आभार 🙏👇

जागरण न्यूज 

24 अक्टूबर 2025

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धन्यवाद 🙏🙏

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली )

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