साइबर फ़्रॉड़ से जुड़े नंबरों को लेकर रोजाना तीन लाख पर सरकार का अलर्ट
टेलीकाम विभाग के फाइनेंशियल फ्राड रिस्क इंडेक्टर (एफआरआई) प्लेटफार्म का प्रभाव पॉजिटिव आने पर सरकार ने सभी सरकारी विभाग को इससे जोड़ने का फैसला लिया है।
➡️ साइबर फ़्रॉड को लेकर रोजाना तीन लाख से ज्यादा अलर्ट -
साइबर फ्राड से जुड़े 2.5-3 लाख नंबरों को लेकर प्रतिदिन रिस्क अलर्ट विभाग द्वारा बैंकों को भेजा जाता है और 40 हजार नंबर रोजाना ब्लाक किये जा रहे हैं जिसका मतलब यह है कि अब ब्लॉक किये गए नंबरों पर वितीय ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकेगा। फोन पे और पेटीएम जैसे प्लेटफार्म ने भी इन नंबरों पर वितीय ट्रांजेक्शन को रोकना शुरू कर दिया है। जिन नंबर को रिस्क की श्रेणी में डाला जाता है उस पर वित्तीय ट्रांजेक्शन करने पर फोन पे और पेटीएम यह अलर्ट देता है कि इन पर पैसा भेजना जोखिम भरा हो सकता है। फिर भी अगर उपभोक्ता भेजना चाहता है तो उसे इग्नोर कर उसे जारी रख सकता है।
➡️ अब तक 21 लाख नंबर ब्लॉक -
टेलिकॉम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार-
फाइनेंशियल फ्राड रिस्क इंडेक्टर (एफआरआई) प्लेटफार्म की मदद से अब तक 21 लाख नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में साइबर फ्राड की 23 लाख शिकायतें आईं और साइबर फ्राड के कारण लोगों को 23,000 करोड़ का नुकसान हुआ। एफआरआई की मदद से अब तक 200 करोड़ रुपए के साइबर फ्राड से होने वाले नुकसान बचाये जा चुके हैँ.अलर्ट की वजह से 48 लाख ट्रांजेक्शन को इनकार किया जा चुका है और 3.5 लाख क्रेडिट व डेबिट कार्ड को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
आभार 🙏👇
जागरण न्यूज
8 Oct 2025
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द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली )

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