साइबर अपराध पीड़ित -1️⃣ -नितारा ने झेला साइबर क्राइम बोले अक्षय कुमार

 


 ऑनलाइन गेम खेलना, वीडियो देखना, चैट करना…आजकल के बच्चों के खास शौक बन चुके हैं और ये डिजिटल दुनिया जितनी लुभावनी है उतनी ही खतरनाक भी है और इसका खुलासा किया बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार ने अपनी बेटी के साथ हुई एक ऑनलाइन घटना का जिक्र कर, जिसमें अक्षय कुमार ने अपनी टीनएजर बेटी के साथ गेम खेलते समय कुछ अजनबी लोगों द्वारा न्यूड फोटो भेजने के लिए दबाव डालने के बारे में बताया.

 महाराष्ट्र पुलिस के ‘साइबर अवेयरनेस मंथ’ के उद्घाटन समारोह में अक्षय कुमार ने व्यक्तिगत जीवन की घटना साझा करते हुए बताया कि कैसे ऑनलाइन वीडियो गेम खेलते समय उनकी बेटी को अश्लील फोटो भेजने की डिमांड की गई और किस तरह उनकी शिक्षा से उनकी बेटी ने समझदारी दिखाकर स्वयं को और परिवार को साइबर क्राइम झेलने से बचा लिया.

➡️ ऑनलाइन गेम और नितारा की समझदारी-

अक्षय कुमार ने बताया,

 “कुछ महीने पहले मेरी बेटी वीडियो गेम खेल रही थी. बहुत सारे गेम ऐसे होते हैं जिनमें आप अनजान लोगों के साथ खेल सकते हैं. खेलते-खेलते उसे एक मैसेज आया – ‘क्या आप मेल हैं या फीमेल?’ जब उसने फीमेल क्लिक करके जवाब दिया, तब दूसरा मैसेज आया – ‘क्या आप मुझे अपनी न्यूड तस्वीरें भेज सकती हैं?’”

अक्षय कुमार ने कहा कि उनकी बेटी ने तुरंत स्थिति संभाली और अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी. “इस तरह चीजें शुरू होती हैं और यह भी साइबर अपराध का एक हिस्सा है,” उन्होंने जोड़ा.

कहने के लिए यह एक बच्चे की समझ को देखते हुए छोटी सी घटना है क्योंकि एक छोटी सी बच्ची के लिए अगर उसे न्यूड फोटो के नुकसान न बतायें जाएँ तो शौक शौक में ऐसे फोटो भेज देना कोई बड़ी बात नहीं कही जाएगी क्योंकि 13 साल की बच्ची कपड़ों को लेकर इतनी गंभीर नहीं होती है, ये गंभीरता उसमें तब आती है जब उसे परिवार से ऐसे संस्कार मिलें या फिर उसके साथ कोई अपमानजनक घटना दुर्भाग्य से घट जाये और ये अच्छा ही रहा कि यहाँ पहले वाला भाव पूर्ण हुआ और उसे परिवार से अच्छे संस्कार मिल गए किन्तु यह सभी बच्चों के साथ नहीं हो पाता ऐसे में ऑनलाइन गेम्स में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है. 

➡️ पेरेंटिंग में बच्चों की माँ की महत्वपूर्ण भूमिका-

✒️ विशेषज्ञों की राय- आज के डिजिटल युग में बच्चों के साथ ओपन रिलेशन यानी खुला और भरोसेमंद संवाद बेहद जरूरी है. अगर बच्चे अपने माता-पिता के साथ सहज महसूस करें, तो वे किसी भी खतरनाक ऑनलाइन स्थिति में मदद मांगने में हिचकिचाएंगे नहीं.

        ऐसे में बच्चों की माँ की भूमिका महत्वपूर्ण कही जाएगी क्योंकि बच्चे माँ से जितनी सहजता से अपने मन की बात कह पाते हैँ उतने सहज पिता के साथ नहीं हो पाते और यह बात यहाँ साबित भी होती है नितारा ने घटना की सूचना अपनी मम्मी को ही दी.

➡️ सरकार भी दे बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान-

 अक्षय ने भी इस मामले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुहार लगाई कि

" बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाए. उनका कहना है कि केवल बच्चों को नियम बताना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह भरोसा देना भी जरूरी है कि किसी भी आपत्तिजनक स्थिति में माता-पिता मदद करेंगे. "

➡️ साइबर क्राइम से ऐसे बचाएं बच्चों को-

1️⃣ बच्चों के ऑनलाइन रूप से एक्टिव अपने सामने ही रखें.

2️⃣ बच्चों को ऑनलाइन एक्टिविटी के खतरों के बारे में खुलकर समझायें और गेम, चैट ऐप्स और सोशल मीडिया पर बच्चों की गतिविधियों को मॉनिटर करें.

3️⃣ बच्चों को अजनबियों से ज्यादा बातचीत न करने दें.बच्चों को सिखाएँ कि अजनबियों के मैसेज का जवाब न दें और कभी भी उनके साथ अपनी पर्सनल फोटो शेयर न करें.

4️⃣ संदिग्ध लिंक और रिक्वेस्ट को बच्चों से इग्नोर करने के लिए कहें:

5️⃣ अगर कोई अजनबी सोशल मीडिया पर बच्चों से अश्लील फोटो या कोई भी जानकारी मांगता है, तो तुरंत माता-पिता या अपने बड़े भाई बहन या परिवार के किसी बड़े को बतायें जो भी उस वक़्त उनके पास हो.

6️⃣ माता-पिता से कोई भी बात न छुपाएं. न केवल सोशल मीडिया की अपितु अपनी क्लास आदि की भी क्योंकि यह भी सम्भव है कि कोई विद्यालय का सहपाठी, शिक्षक या चपरासी आदि ही बच्चे से घर की बैंक, आधार, पैन कार्ड आदि डिटेल्स लेने की कोशिश करे.बच्चों को यह भरोसा दें कि वे किसी भी ऑनलाइन खतरे की जानकारी बिना डर के साझा कर सकते हैं.

7️⃣ बच्चों को प्राइवेसी की महत्ता समझायें,उन्‍हें बताएं कि कभी भी पर्सनल डिटेल यानी नाम, पता, मोबाइल नंबर, स्‍कूल का नाम आदि किसी से साझा न करें. हमेशा निक नेम का ही इस्‍तेमाल करें.

8️⃣ बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट के लिए स्‍ट्रांग पासवर्ड बड़े साथ में बैठकर बनाएं, किसी भी साइट पर अकाउंट बनाने से पहले पेरेंट्स से पूछें , ऑनलाइन मीटिंग से बच्चो को दूर रहने के लिए कहें और उनसे कहें कि यदि कुछ भी गलत लगता है तो तुरंत आपको जानकारी दें.

      इस तरह से ये साफ है कि बच्चों की माँ बाप की बड़ी जिम्मेदारी है.अक्षय कुमार की बेटी नितारा की ये घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी है. इसमें ढिलाई का मतलब है बच्चे की जिंदगी, कैरियर के साथ साथ पूरे परिवार के अस्तित्व पर खतरा, इसलिए डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा से कभी भी समझौता नहीं किया जा सकता. माता-पिता की जागरूकता और बच्चों के साथ खुला संवाद और उन्हें अकेला न छोड़ना न केवल बच्चों को सुरक्षित रखता है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और सतर्क भी बनाता है. आज के डिजिटल क्रांति के दौर में साइबर अपराध बढ़े हैँ ऐसे में पेरेंटिंग में ओपन रिलेशन और साइबर जागरूकता दोनों जरूरी हैं. बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना, उन्हें साइबर अपराध की वास्तविकताओं से रूबरू रखना, अकेला न छोड़ना,उन्हें डिजिटल खतरों से लगातार अवगत कराना और ऑनलाइन सुरक्षित रहने की आदत डालना आज की दुनिया में सफल पेरेंटिंग के लिए आवश्यक कदम हैँ.

आभार 🙏👇

                 News18

                 October 04, 2025, 

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली )

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