सावधानी 1️⃣3️⃣ CCTV हैक - अब ये जरूर करें
आजकल घरों में CCTV कैमरा लगे होने का प्रचलन जोरों पर है ताकि घर के साथ-साथ वाहन, पेट्स आदि की भी सुरक्षा की जा सके। यही नहीं कई बार घर के आस पास यदि कोई संदिग्ध गतिविधि होती है वह भी सीसीटीवी से आसानी से पकड़ में आ रही है, शामली जिले के जसाला गांव में एक तेंदुआ सीसीटीवी के कारण ही नजर में आ सका, पुलिस द्वारा भी मंदिरों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगवाए जा रहे हैँ, साथ ही, व्यापारियों से भी दुकानों और प्रतिष्ठान पर सीसीटीवी लगवाए जाने के लिए कहा जा रहा है और यह सीसीटीवी का खौफ ही है कि अपराधियों द्वारा चोरी, डकैती आदि करने के बाद सीसीटीवी की DVR निकाल कर ले जाये जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैँ, ये तो रहे घर पर, दुकान पर, प्रतिष्ठान पर प्रत्यक्ष रूप से आने वाले अपराधियों के कारनामें लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके एक चूक से सीसीटीवी हैक भी हो सकता है? और ये बात नोट कर लीजिये सीसीटीवी का हैक होना, मतलब आपकी प्राइवेसी और आपकी सुरक्षा का खतरे में पड़ना.
11 अक्टूबर 2025 की मीडिया रिपोर्ट्स सीसीटीवी हैक होने के सम्बन्ध में निम्न खतरे और सावधानियां अपनाने के लिए कहती है -
➡️ पहला खतरा डिफॉल्ट पासवर्ड -
लगभग सभी सीसीटीवी कैमरे बॉक्स से ही एक डिफॉल्ट पासवर्ड के साथ आते हैं और हैकर्स जो कि हाई साइबर ज्ञान रखते हैं उन को भी वो पासवर्ड मालूम होते हैं या वह इंटरनेट पर ढूंढ लेते हैं। ऐसी बहुत सी वेब साइट्स भी हैं जहां आप ऐसे डिवाइस सर्च करके उनकी लाइव फीड देख सकते हैं। वहीं, अगर आपका पासवर्ड मजबूत नहीं है तो भी हैकर्स सीधे आपका अकाउंट उड़ा सकते हैं।
➡️ दूसरा खतरा DVR साइबर अटैक-
डीवीआर का मतलब डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर है, जो वीडियो को रिकॉर्ड करने और स्टोर करने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। यह आमतौर पर एनालॉग कैमरों से एनालॉग सिग्नल लेता है, उन्हें डिजिटल फॉर्मेट में बदलता है, और फिर उन्हें हार्ड ड्राइव, एसडी कार्ड या यूएसबी ड्राइव जैसे स्टोरेज डिवाइस पर सेव करता है। डीवीआर का उपयोग सुरक्षा प्रणालियों (CCTV) और टेलीविज़न कार्यक्रमों को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है।
डीवीआर पर साइबर अटैक तब होता है जब कोई हैकर या दुर्भावनापूर्ण व्यक्ति इंटरनेट से जुड़े आपके डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) तक अनधिकृत पहुँच प्राप्त कर लेता है। यह हमलावर को आपके निगरानी कैमरे के वीडियो फ़ीड को देखने, चोरी करने या उसमें हेरफेर करने की अनुमति दे सकता है।
➡️ सीसीटीवी कब हैक होता है-
मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए पासवर्ड को चेंज न करने पर हैकर्स इसे सहजता से लॉगिन कर लेते हैं। इससे आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा खतरे में आ जाती है। साथ ही पासवर्ड को अपडेट किया जाना भी जरुरी है क्योंकि ऐसा न करने पर सिक्योरिटी होल्स से हैकर आपके CCTV को एक्सेस कर सकते हैं। यदि पासवर्ड कहीं लीक हो जाए तो उसका दोबारा इस्तेमाल भी आपके लिए खतरनाक हो सकता है।
➡️ सीसीटीवी को हैकर्स से बचाने को फॉलो करें ये टिप्स-
1️⃣ सबसे पहले कैमरा सेटअप के साथ दिए गए पासवर्ड को चेंज करके एक लंबा, यूनिक, मजबूत पासवर्ड सेट करें।
2️⃣ एक ही पासवर्ड कई जगहों पर यूज न करें।
3️⃣ मैन्युफैक्चरर अगर CCTV के लिए अपडेट जारी कर रहा है, तो समय पर इसे अपडेट करें।
4️⃣ CCTV को कमजोर या किसी अनजान नेटवर्क से कनेक्ट करने से बचें।
5️⃣ घर के राउटर का पासवर्ड भी चेंज करें और WPA3/WPA2 एन्क्रिप्शन इस्तेमाल करें।
6️⃣ कैमरा ऐप या वेब पोर्टल की प्राइवेसी सेटिंग्स को रेगुलर तौर पर जांचें और अपडेट करते रहें।
वहीं, अगर आपको ऐसा लगता है कि आपका CCTV हैक हो गया है तो सबसे पहले पासवर्ड बदलें और MFA ऑन करें।सीसीटीवी के संदर्भ में MFA का मतलब मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (बहु-कारक प्रमाणीकरण) है। यह एक सुरक्षा उपाय है जिसका उपयोग सीसीटीवी सिस्टम के खातों तक अनाधिकृत पहुँच को रोकने के लिए किया जाता है। हो सके तो कैमरे को इंटरनेट से कुछ देर के लिए डिस्कनेक्ट कर दें। इसके लिए आप प्रोवाइडर या ब्रांड के कस्टमर से भी मदद ले सकते हैं। जरूरत पड़े तो पुलिस को रिपोर्ट करें क्योंकि प्राइवेट फुटेज का दुरुपयोग एक अपराध है।
➡️ सीसीटीवी के संदर्भ में 'प्राइवेट फुटेज का दुरुपयोग' का मतलब -
निजी या गोपनीय फुटेज का इस्तेमाल किसी गलत मकसद के लिए किया जाए। यह एक गंभीर अपराध है, क्योंकि यह लोगों की निजता का उल्लंघन करता है।
🌑 प्राइवेट फुटेज के दुरुपयोग के कुछ उदाहरण हैं:
✒️ इंटरनेट पर फुटेज लीक करना: हैकर्स द्वारा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को हैक करके ऑनलाइन वेबसाइटों पर लाइव-स्ट्रीम करना।
✒️ ब्लैकमेल या उत्पीड़न: किसी व्यक्ति के निजी पलों को रिकॉर्ड करके उसे ब्लैकमेल करना या धमकाना।
✒️ अनाधिकृत शेयरिंग: फुटेज को बिना अनुमति के किसी तीसरे पक्ष को देना।
✒️ गुप्त निगरानी: बिना जानकारी दिए किसी की निजी जगह, जैसे बेडरूम या बाथरूम, में कैमरा लगाकर निगरानी करना।
✒️ कानूनी उल्लंघन: फुटेज का इस्तेमाल किसी को परेशान करने या उस जानकारी का दुरुपयोग करने के लिए करना जो केवल सुरक्षा उद्देश्यों के लिए रिकॉर्ड की गई हो।
इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई देशों में कड़े कानून हैं। भारत में भी, निजता के अधिकार का उल्लंघन करना एक दंडनीय अपराध है।
इस प्रकार सीसीटीवी आज की एक जरुरत होने के कारण साइबर अपराधियों के सीधे निशाने पर है, जिसके माध्यम से साइबर अपराध बिना आपके घर के गेट को खोले आपके घर में प्रवेश कर सकता है, आपकी जरा सी लापरवाही आपके लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. इसलिए हमारे द्वारा बताई गई सेफ्टी टिप्स का इस्तेमाल करें और सुरक्षित रहें. आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा की गारंटी है.
सतर्क रहें-सुरक्षित रहेंगे 👍
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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सामयिक उपयोगी जानकारी के लिए आभार 🙏🙏
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