साइबर अपराध पीड़ित-3️⃣ उत्कर्ष से स्विट्ज़रलैंड में दो लाख की नौकरी और नागरिकता की ठगी
नये नये तरीके, नये नए साइबर अपराधी, नए नए साइबर अपराध पीड़ित सामने आ रहे हैँ.साइबर शातिरों ने ठगी के लिए लोगों को फांसने के अब रोज के नए तरीके ढूंढ लिए हैं क्योंकि साइबर पुलिस की चौकस निगाहेँ उन्हें बचने नहीं दे रही हैँ. अब एक नई घटना सामने आई है. हिंदुस्तान दैनिक की 8 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित समाचार के अनुसार स्विटजरलैंड में प्रतिमाह दो लाख रुपये की नौकरी और उसी देश की नागारिकता दिलाने का झांसा देकर साइबर ठग युवकों को ठग रहे हैं। इसी तरह का झांसा देकर मुजफ्फरपुर जिले में सदर थाना के भगवानपुर अलकापुरी निवासी उत्कर्ष कुमार से 12.5 लाख रुपये की ठगी की गई है। उत्कर्ष ने इसको लेकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उत्कर्ष कुमार ने पुलिस को बताया है कि
"उसके साथ ठगी का सिलसिला 14 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ। टेलीग्राम एप पर एक ग्रुप में उसे जोड़ा गया था, जिसमें ऑनलाइन ट्रेडिंग में बड़ी कमाई का लालच दिया गया। इस तरह उसने झांसे में आकर ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू कर दी। हर निवेश पर उसके एप पर अच्छा मुनाफा दिखता रहा। दो माह तक निवेश के बाद उसने कुछ पैसे निकासी करने का प्रयास किया तो एप का खाता फ्रिज बताया।"
आगे उत्कर्ष कुमार कहते हैं -
"वह दो हजार रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर सका। इसपर उसने रुपये वापस लौटाने का दबाव बनाया तो उसे साइबर शातिरों ने दिल्ली बुलाया। वहां उससे कहा गया कि पांच लाख रुपये एक अन्य एप में निवेश करोगे तो सारा पैसा वापस हो जाएगा। इस तरह पैसा वापसी के लिए उसने दोस्तों से कर्ज लेकर साइबर शातिरों के एप पर निवेश कर दिया। इसके बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले तो संपर्क साधने पर उसे लुधियाना बुलाया गया।"
"उत्कर्ष लुधियाना पहुंचा तो उसकी मुलाकात नेमचंद जैन और उसकी पुत्री हिना जैन से कराई गई। दोनों ने उसे स्विटजरलैंड भेज कर वहीं दो लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने और वहां की नागरिकता दिलाने का झांसा दिया। जब उत्कर्ष ने नागरिकता से इनकार किया तो उसे हत्या की धमकी दी गई।"
उत्कर्ष ने पुलिस को हीना जैन का आधार नंबर भी दिया है। इसके अलावा दो कंपनियों के बैंक खाते का नंबर बताया है, जिसके जरिए साइबर ठगी के रुपये लिए गए थे। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने मामले की जांच की जिम्मेवारी खुद ली है.
समाचार हेतु आभार 🙏👇
8 अक्टूबर 2025
उत्कर्ष की यह कहानी यह तो साबित ही करती है कि आदमी का लालच साइबर अपराध पीड़ित बनने के पीछे बड़ा कारण है. बार बार उत्कर्ष को झटके लगने के बाद भी उत्कर्ष पीछे नहीं हटता, उसे दिल्ली बुलाया जाये या लुधियाना, वह सब जगह पहुँचता है, वह 2000₹ से ऊपर की निकासी नहीं कर पाता, तब भी 5 लाख से ऊपर का निवेश कर देता है, इस तरह कौन आएगा आपकी रक्षा करने, आप जब लुट चुके होते हैँ तब पहुँचते हैँ 1930 की शरण में साइबर पुलिस की मदद लेने, क्यूँ नहीं सोचते आप कि इतना लालच आपको देने वाले का क्या कोई लालच नहीं हैं इसके पीछे, देश दुनिया में साइबर अपराध जड़े जमा रहा है, सरकार और साइबर पुलिस तरह तरह से जनता को जागरूक कर रही हैँ. जरुरत आपके जागने की है, जब तक आप खुद नहीं जागेंगे, कोई नहीं जगा सकता. हमारी पिछली साइबर अपराध पीड़ित में आपने अक्षय कुमार की बेटी नितारा की स्टोरी को पढ़ा होगा. बच्ची होते हुए भी वह इतना बेवकूफ नहीं बनी, जितने बेवकूफ ये बिहार के उत्कर्ष बन गए. समझना होगा आपको साइबर अपराध की पहुँच को.
सतर्क रहिये तभी सुरक्षित रहेँगे.
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली )

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