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अनजान स्रोत से बैंक खाते में पैसे आने पर क्या करे?

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शामली जिले के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाने के उपनिरीक्षक राहुल सांगवान ने मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता संख्या 35810200000505 में 16 मई 2026 को अलग-अलग राज्यों से रकम आई। इसमें कर्नाटक से 1,000, असम से 9,123, बिहार से 1,999 और 4,000, गुजरात से 1,000, 150 और 1,400, हरियाणा से 23,023, ओडिशा से 30,000, राजस्थान से 6,000, उत्तर प्रदेश से 49,990, पश्चिम बंगाल से 5,000 और 5,000 तथा छत्तीसगढ़ से 1,500 रुपये शामिल हैं। इन सभी रकम को मिलाकर खाते में 1,39,185 रुपये आए। बैंक से मिली जानकारी के आधार पर खाताधारक मुशर्रफ हसन निवासी वार्ड नंबर 16, कांधला, शामली की पहचान हुई। मामले की जांच की जा रही है। किसी अनजान स्रोत से बैंक खाते में पैसा आना अपने आप में कोई अपराध नहीं है, लेकिन यदि उस पैसे का उपयोग किया जाए या उसे बिना जानकारी दिए खर्च किया जाए, तो यह कानूनी मुसीबत या अपराध बन सकता है ➡️ क्या करें और क्या नहीं? ⚫ अपराध कब बनता है:  यदि वह पैसा साइबर धोखाधड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग (काला धन) का है और आप उसक...

लॉटरी साइबर फ्रॉड (Lottery Cyber Fraud)

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  लॉटरी साइबर फ्रॉड (Lottery Cyber Fraud) एक ऐसी ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें ठग लोगों को एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज, ईमेल या फोन कॉल के जरिए यह झूठा दावा करते हैं कि उन्होंने लाखों या करोड़ों रुपये की लॉटरी जीती है।  ➡️ यह फ्रॉड कैसे काम करता है? ⚫ फर्जी संदेश भेजना: आपको संदेश मिलता है कि KBC, किसी बड़ी कंपनी या सरकारी योजना में आपकी भारी-भरकम लॉटरी निकली है।  ⚫ प्रोसेसिंग फीस की मांग:  इनाम या लॉटरी की रकम आपके खाते में भेजने के नाम पर ठग टैक्स (TDS/GST), कस्टम ड्यूटी या प्रोसेसिंग फीस के रूप में पहले ही कुछ पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहते हैं।  ⚫ व्यक्तिगत जानकारी चुराना:  पैसे ट्रांसफर करवाते वक्त वे आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक विवरण (OTP/पासवर्ड) हासिल कर लेते हैं और आपका बैंक खाता खाली कर देते हैं। ⚫ ब्लैकमेलिंग और लूप:  एक बार पैसे देने के बाद वे किसी न किसी नए बहाने से और पैसे मांगते रहते हैं और अंत में नंबर ब्लॉक कर देते हैं।  ➡️ इससे बचाव कैसे करें? ⚫ लालच में न आएं:  अगर आपने कभी कोई लॉटरी टिकट खरीदा ही नहीं है, तो आपकी लॉटरी ...

MRM दिलाएगा आपका पैसा वापस

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साइबर फ्रॉड में फंसे पैसे को वापस पाने के लिए गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने Money Restoration Module (MRM) लॉन्च किया है। साइबर क्राइम में MRM का मतलब Money Restoration Module (मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल) है। यह गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल पोर्टल है, जिसकी मदद से साइबर ठगी के शिकार हुए लोग अपना होल्ड या फ्रीज किया गया पैसा बिना कोर्ट के चक्कर काटे सीधे ऑनलाइन वापस पाने के लिए क्लेम कर सकते हैं। ➡️ MRM पोर्टल क्या है और कैसे काम करता है? ⚫ शर्त :  यह पोर्टल तभी काम करता है जब साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) पर समय पर दर्ज कराने के बाद आपका पैसा किसी बैंक खाते में होल्ड या फ्रीज हुआ हो।  ⚫ गारंटी नहीं:  यह सीधे तौर पर पैसे वापसी की गारंटी नहीं देता, बल्कि फ्रीज की गई राशि के ऑनलाइन दावे की प्रक्रिया को आसान बनाता है।  ⚫ पैसा होल्ड होना जरूरी:  यह सुविधा तभी मिलती है जब आपकी शिकायत के आधार पर पुलिस या बैंक ने धोखेबाज के खाते में...

जनगणना साइबर फ्रॉड

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  जनगणना (Census) की प्रक्रिया के नाम पर साइबर ठग फर्जी कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप लिंक और नकली वेबसाइटों के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ⚫ कैसे हो रहा है यह फ्रॉड? ✒️ फर्जी कॉल और मैसेज: ठग खुद को सरकारी जनगणना अधिकारी बताकर फोन या मैसेज करते हैं और कहते हैं कि आपका डेटा वेरीफाई करना जरूरी है।  ✒️ ओटीपी (OTP) की मांग: वे वेरिफिकेशन के बहाने मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) मांगते हैं, जिससे बैंक खाते खाली हो जाते हैं। ✒️ फर्जी लिंक और ऐप: लोगों को व्हाट्सएप या एसएमएस पर फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही फोन हैक हो सकता है या निजी जानकारी चोरी हो सकती है।  ✒️ रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूली: ठग जनगणना फॉर्म भरने या पंजीकरण के एवज में ऑनलाइन पैसे या क्यूआर कोड स्कैन करने को कहते हैं।  ⚫ बचाव के उपाय: ✒️ ओटीपी या बैंक डिटेल न दें: याद रखें, असली जनगणना कर्मी कभी भी बैंक खाता, एटीएम पिन, यूपीआई पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगते हैं।  ✒️ पैसा नहीं लगता: जनगणना का काम पूरी तरह से मुफ्त होता है, इसके लिए कोई फीस नहीं ली जाती। ✒️ पहचान पत्र जांचें: घर आने वाले ग...

ऑनलाइन शॉपिंग साइबर फ्रॉड से बचें

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        ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद ऐप्स का ही इस्तेमाल करें और कभी भी किसी के साथ ओटीपी (OTP) या यूपीआई पिन (UPI Pin) शेयर न करें।.        हमने यहाँ कुछ ज़रूरी उपाय दिए हैं जिनसे आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं: ➡️ सुरक्षित शॉपिंग के तरीके- 1️⃣ कैश ऑन डिलीवरी (COD) : फ्रॉड से बचने के लिए साइबर शालिनी के सुझाव के अनुसार सामान मिलने पर कैश ऑन डिलीवरी सबसे सेफ विकल्प है। 2️⃣ वेबसाइट की जांच करें: पेमेंट करने से पहले यूआरएल (URL) में https:// और ताले का निशान जरूर देखें। 3️⃣ भारी छूट के झांसे में न आएं: यदि किसी विज्ञापन में बहुत ज्यादा डिस्काउंट (जैसे 90% छूट) मिल रहा है, तो सतर्क हो जाएं। 4️⃣ पब्लिक वाई-फाई से बचें: ABP Live की रिपोर्ट के मुताबिक पब्लिक वाई-फाई पर शॉपिंग न करें, हमेशा सुरक्षित नेटवर्क का उपयोग करें। 5️⃣ अंधेरे में तीर न चलाएं (अनजान लिंक): व्हाट्सएप, मैसेज या ईमेल पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके खरीदारी न करें। ➡️ भुगतान और डेटा सुरक्षा ⚫ पिन या क्यूआर कोड: पैसे प्राप्त करने के ...

ऑनलाइन ज्योतिष साइबर फ्रॉड

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 ऑनलाइन ज्योतिष (Astrology) साइबर फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति या फर्जी सोशल मीडिया पेज पर भरोसा न करें। ➡️ धोखाधड़ी से बचने के उपाय ⚫ व्यक्तिगत जानकारी न दें:  सोशल मीडिया या फोन पर अपनी जन्मकुंडली के नाम पर अपनी निजी तस्वीरें, बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन (UPI Pin) या ओटीपी (OTP) किसी के साथ साझा न करें। ⚫ अज्ञात लिंक्स से बचें:  व्हाट्सएप, फेसबुक या किसी अन्य मैसेज पर आए लुभावने विज्ञापनों, 'फ्री पूजा' या 'गारंटीड समाधान' वाले संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें। ⚫ असली-नकली की पहचान करें:  सोशल मीडिया पर मशहूर ज्योतिषियों के नाम से कई फर्जी पेज और आईडी बनी होती हैं। किसी भी भुगतान से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट या वीडियो कॉल के जरिए पहचान की पुष्टि जरूर करें। ⚫ स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स से दूर रहें:  किसी अनजान ज्योतिषी के कहने पर अपने फोन में AnyDesk या किसी अन्य स्क्रीन शेयरिंग ऐप को डाउनलोड न करें। ➡️ फ्रॉड होने पर क्या करें? ⚫ साइबर हेल्पलाइन : यदि आपके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल ...

मेडिसिन होम डिलीवरी साइबर फ्रॉड से बचें

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  ऑनलाइन मेडिसिन डिलीवरी (दवा की ऑनलाइन डिलीवरी) के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा केवल मान्यता प्राप्त और आधिकारिक ई-फार्मेसी ऐप्स का ही उपयोग करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, और भुगतान से पहले दवा के पैकेजिंग व बिल की अच्छे से जांच करें।दवाइयों की ऑनलाइन ऑर्डरिंग और डिलीवरी के दौरान साइबर ठगी से सुरक्षित रहने के मुख्य उपाय नीचे दिए गए हैं: 🛡️ ऑर्डर करते समय बरतें ये सावधानियां: ⚫ आधिकारिक ऐप्स का उपयोग:  केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किए गए आधिकारिक और वेरिफाइड ऐप्स (जैसे टाटा 1mg, अपोलो, नेटमेड्स आदि) से ही दवाएं ऑर्डर करें। ⚫ गूगल सर्च के नंबरों से बचें:  कभी भी गूगल सर्च पर दिख रहे रैंडम कस्टमर केयर नंबरों पर कॉल न करें। स्कैमर्स अक्सर फर्जी वेबसाइट बनाकर अपने नंबर वहां डाल देते हैं। ⚫ डॉक्टर का पर्चा (Prescription) जरूरी:  जो वेबसाइट्स या ऐप्स बिना डॉक्टर के पर्चे के गंभीर दवाइयां (Schedule H/H1) देने का दावा करते हैं, वे अक्सर फर्जी होते हैं, उनसे दूरी बनाएं। ⚫ भारी छूट के लालच में न आएं:  यदि कोई अज्ञात ऐप य...