MRM दिलाएगा आपका पैसा वापस



साइबर फ्रॉड में फंसे पैसे को वापस पाने के लिए गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने Money Restoration Module (MRM) लॉन्च किया है।

साइबर क्राइम में MRM का मतलब Money Restoration Module (मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल) है। यह गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल पोर्टल है, जिसकी मदद से साइबर ठगी के शिकार हुए लोग अपना होल्ड या फ्रीज किया गया पैसा बिना कोर्ट के चक्कर काटे सीधे ऑनलाइन वापस पाने के लिए क्लेम कर सकते हैं।

➡️ MRM पोर्टल क्या है और कैसे काम करता है?

शर्त

यह पोर्टल तभी काम करता है जब साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) पर समय पर दर्ज कराने के बाद आपका पैसा किसी बैंक खाते में होल्ड या फ्रीज हुआ हो। 

गारंटी नहीं: 

यह सीधे तौर पर पैसे वापसी की गारंटी नहीं देता, बल्कि फ्रीज की गई राशि के ऑनलाइन दावे की प्रक्रिया को आसान बनाता है। 

पैसा होल्ड होना जरूरी: 

यह सुविधा तभी मिलती है जब आपकी शिकायत के आधार पर पुलिस या बैंक ने धोखेबाज के खाते में पैसे को होल्ड/फ्रीज करवा दिया हो। यदि पैसा आगे ट्रांसफर हो चुका है, तो इस प्रक्रिया से रिकवरी संभव नहीं है। 

सीधे रिफंड: बिना चक्कर काटे: 

इसके Official MRM Portal पर जाकर पीड़ित अपनी डिटेल्स और आईडी भरकर रिफंड की रिक्वेस्ट सबमिट कर सकते हैं।रिफंड का अनुरोध अब घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है, इसके लिए बैंक या पुलिस थाने जाने की जरूरत नहीं है। 

पैसे वापसी के लिए जरूरी प्रक्रिया:

शिकायत दर्ज करें: फ्रॉड होते ही तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और 14 अंकों का पावती (Acknowledgement) नंबर प्राप्त करें। 

सत्यापन और सूचना: 

जब बैंक यह सत्यापित कर लेता है कि पैसा होल्ड किया जा चुका है, तो आपको मैसेज के जरिए सूचित किया जाता है। 

पोर्टल पर लॉगिन:

 MRM पोर्टल पर जाएं, 'Citizen Login' चुनें और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ओटीपी (OTP) सत्यापित करें।

रिक्वेस्ट सबमिट करें:

 'Raise Refund Request' पर क्लिक करके 14 अंकों की शिकायत आईडी दर्ज करें। 

दस्तावज़ अपलोड:

 बैंक खाता विवरण, पैन कार्ड की कॉपी और जरूरी होने पर अदालत का आदेश अपलोड करें। 

ट्रैकिंग आईडी: 

फॉर्म सबमिट होने के बाद एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी (MR से शुरू होने वाली) मिलती है, जिससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

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