सरकार की तैयारी 1️⃣2️⃣ जनगणना 2027 में ठगी
जनगणना 2027 को लेकर भारत सरकार ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं. ऐसे मे साइबर ठगी की बढ़ती जा रही घटनाओं ने सरकार की चिंताओं में भारी इजाफा किया है. जिसका मूल कारण भारतीय नागरिकों मे सरकारी कामकाज को लेकर अज्ञानता और डिजिटल व्यवहार की जागरुकता मे कमी होना है. गत वर्षों से भारत सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिससे कुछ सुधार तो हुआ है किन्तु ऐसा नहीं कि अपराधियों के हौसले टूट सकें. ऐसे मे सरकार और प्रशासन ने लोगों को सतर्क करने के लिए एक खास सुरक्षा गाइड लाइन जारी की है, ताकि जनगणना के नाम पर भारतीय नागरिकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके.
➡️ आपको ये जरूर करना है -
सरकार और प्रशासन द्वारा जारी गाइड लाइन के मुताबिक , जनगणना के दौरान कुछ लोग आपके घर खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर आपकी निजी जानकारी, बैंक अकाउंट डिटेल या पैसे मांग सकते हैं। ऐसे में आप सतर्कता बरतते हुए निम्न निर्देशों का पालन अवश्य करें -
1️⃣ पहचान पत्र जरूर देखें: घर आने वाले व्यक्ति से उसका आधिकारिक आईडी कार्ड मांगें।
2️⃣ OTP या बैंक जानकारी न दें: जनगणना के लिए कभी भी OTP, बैंक डिटेल या पासवर्ड नहीं मांगा जाता।
3️⃣ आपको कोई शुल्क नहीं देना : जनगणना पूरी तरह मुफ्त प्रक्रिया है, इसके लिए किसी तरह का भुगतान नहीं किया जाता।
4️⃣ संदिग्ध गतिविधि की शिकायत : अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।
➡️ जनगणना में डिजिटल ठगी से यूँ बरतें सावधानी -
आज के डिजिटल दौर में आपके फोन नंबर विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध हैं जिसका फायदा साइबर ठग ठगी की घटनाओं को अंजाम देकर पहुंचा रहे हैं ऐसे मे सरकार की इस चेतावनी पर भी ध्यान दें कि फर्जी मैसेज, कॉल या वेबसाइट के जरिए भी आप लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। ऐसे मे साइबर दोस्त (I4C) की निम्न चेतावनी पर जरूर ध्यान दें -
⚫ बस एक बार विवरण डालिए और घोटालेबाज का काम हो गया.
⚫ फर्जी ऐप्स का असली गेम यही है, जब तक आपको शक हो, तब तक देर हो चुकी होती है.
इसलिए आइए साइबर ठगों से लड़ते हैं और निम्न उपायों को अमल मे लाते हैं -
1️⃣ अनजान ऐप पर भरोसा मत करो।
2️⃣ व्यक्तिगत और बैंकिंग विवरण किसी के साथ शेयर मत करो।
3️⃣ अगर साइबर धोखाधड़ी हो जाए: 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें
➡️ जनगणना 2027 सावधानी जरूरी -
जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमें नागरिकों की बुनियादी जानकारी जुटाई जा रही है । ऐसी जानकारी जिसे देने के बाद आपकी चल अचल संपत्ति से सम्बन्धित जानकारी गलत हाथों में जा सकती है और इसीलिए सरकार ने इस प्रक्रिया को गोपनीय रखने के निर्देश जारी किए हैं. आप समझ सकते हैं कि आज के दौर में फ़र्ज़ी बैनामों के जरिए, फ़र्ज़ी अधिकारी बनकर ठग आपसे मिल रहे हैं और आपकी आँखों के नीचे ही आपकी संपत्ति अपने नाम कर रहे हैं जिसके लिए बाद में आपको लम्बी कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, ऐसे मे थोड़ी सी सावधानी आपको ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।
ध्यान दीजिये घोटाला तब शुरू नहीं होता जब पैसा जाता है, घोटाला तब शुरू होता है जब आप विवरण दर्ज करते हैं. ऐसे में अगर जरुरत है तो बस इतनी कि अपनी आँखे खुली रखी जाएँ और दिमाग़ में सतर्कता, जब बार बार सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली आपके समक्ष रखी जा रही है, आपसे सतर्कता बरतने के लिए कहा जा रहा है .बार बार अपनी निजी जानकारी हर किसी को भी न देने के लिए कहा जा रहा है, फिर क्यूँ नहीं समझ रहे हैँ आप? साइबर ठग हों या फ़र्ज़ी सरकारी अधिकारी, कोई एलियन नहीं हैँ ये कि आकाश से उतरते नजर आएं, ये हमारे बीच के ही पढ़ें लिखें सभ्य समाज के लोग हैँ, हम स्वयं अपने लालच में, अपने स्वार्थ में इन्हे आमंत्रित कर रहे हैँ खुद को ठगने के लिए, खुद ही फ़र्ज़ी अधिकारियों और साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर आप धोखाधड़ी और साइबर ठगी की वारदात को सफल करा रहे हैं इसलिए आपको समझना होगा और जागरूक बनकर धोखेबाजों और साइबर अपराधियों का मुकाबला करना होगा.
सतर्क रहिये-सुरक्षित रहेँगे.
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली )

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