3️⃣ साइबर विनियमन अपील अधिकरण (प्रक्रिया) नियम, 2000


(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट दस्तावेजों को अधिवक्ता या राजपत्रित अधिकारी द्वारा अनुप्रमाणित किया जा सकेगा।

(3) जहां आवेदन किसी अभिकर्ता द्वारा फाइल किया जाता है, वहां उसे ऐसे अभिकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करने वाले दस्तावेज भी आवेदन के साथ संलग्न होंगे:

परन्तु जहाँ आवेदन किसी अधिवक्ता द्वारा फाइल किया जाता है वहां उसके साथ सम्यक् रूप से निष्पादित 'वकालतनामा' होगा।

२. एकाधिक उपचार - आवेदन एकल वाद हेतुक पर आधारित होगा और एक या अधिक अनुतोष चाहे जा सकेंगे परन्तु यह तब जब कि वे एक-दूसरे के पारिणामिक हों।

10. प्रत्यर्थियों पर आवेदन की सूचना की तामील (1) पेपर पुस्तिका के रूप में आवेदन की एक

साधारणतया रजिस्ट्रार द्वारा निम्नलिखित रीति में से किसी एक रीति द्वारा प्रत्येक प्रत्यर्थी पर तामील की जाएगी :

(i) आवेदक के माध्यम से या प्रक्रिया तामीलकर्ता के माध्यम से दस्ती;

(ii) पावती के साथ रजिस्ट्रीकृत डाक के माध्यम से।

(2) उपनियम (1) में किसी बात के होते हुए भी रजिस्ट्रार प्रत्यर्थियों की संख्या और उनके निवास स्थान या कार्य और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निदेश दे सकेगा कि आवेदन की सूचना प्रत्यर्थी को किसी अन्य रीति से जिसमें प्रतिस्थापित तामील की कोई रीति भी है जो रजिस्ट्रार को ठीक और सुविधाजनक प्रतीत हो तामील की जाएगी।

(3) प्रत्येक आवेदक, तामील या प्रक्रियाओं के निष्पादन के लिए किसी ऐसे आवेदन की बाबत जहां प्रत्यर्थियों की संख्या पांच से अधिक है, निम्नानुसार फीस का संदाय करेगा:

(1) पांच प्रत्यर्थियों से अधिक प्रत्येक प्रत्यर्थी के लिए 50 रुपये (पचास रुपये) की राशि; अथवा

(ii) जहां तामील ऐसी रीति में हो जिसे रजिस्ट्रार, उपनियम (2) के अधीन निदेश दे, वहां तामील किये जाने में उपगत वास्तविक प्रभार, जो रजिस्ट्रार द्वारा अवधारित किए जा सकेंगे।

(4) उपनियम (3) के अधीन तामील या प्रक्रियाओं के निष्पादन के लिए फीस, आवेदक द्वारा या तो रजिस्ट्रार के पक्ष में अनुसूचित बैंक में रेखांकित मांगदेय ड्राफ्ट के रूप में और उस केन्द्र में संदेय, जहां रजिस्ट्रार का कार्यालय स्थित है, भेजी जाएगी या रजिस्ट्रार के पक्ष में रेखांकित पोस्टल आर्डर के रूप में और उस केन्द्र के महा डाकघर में संदेय, जहां अधिकरण स्थित है, भेजी जाएगी।

 (5) उपनियम (1), उपनियम (2), उपनियम (3) और उपनियम (4) में किसी बात के होते हुए भी, यदि अधिकरण का यह समाधान हो जाता है कि सभी प्रत्यर्थियों पर आवेदन की सूचना तामील करना युक्तियुक्त रूप से व्यवहार्य नहीं है तो उसके लिए कारणों को लिखित में अभिलिखित करते हुए निदेश दे सकेगा कि इस बात के होते हुए भी कि कुछ प्रत्यर्थियों को आवेदन की सूचना तामील नहीं हुई है, आवेदन पर सुनवाई होगी परन्तु किसी आवेदन पर तब तक सुनवाई नहीं होगी जब तक :

(1) यदि सरकार प्रत्यर्थी है तो सरकार को आवेदन की सूचना की तामील न कर दी गई हो;

(i) उस प्राधिकारी को आवेदन की सूचना की तामील न कर दी गई हो जिसने वह आदेश पारित किया है जिसके विरुद्ध आवेदन फाइल किया गया है; और

(iii) अधिकरण का समाधान नहीं हो जाता है कि उन प्रत्यर्थियों जिनको आवेदन की सूचना की तामील नहीं हुई है, के हित का भली प्रकार से और पर्याप्त रूप से उन प्रत्यर्थियों द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया है जिन पर आवेदन की सूचना की तामील हुई है।

11. प्रत्यर्थी द्वारा उत्तर और अन्य दस्तावेज फाइल किया जाना (1) प्रत्यर्थी, उस पर आवेदन की सूचना की तामील की तारीख से एक मास के भीतर, रजिस्ट्रार को पेपर पुस्तिका के रूप में, दस्तावेजों के साथ आवेदन का उत्तर छह पूर्ण सेटों में फाइल करेगा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकार की तैयारी 1️⃣ कैसे रोकें अमिताभ बच्चन कॉलर ट्यून

सावधानी 1️⃣2️⃣ सेल में ठगी से बचने के लिए अपनाएं टिप्स

अपने बच्चों की रक्षा आपके हाथ