सावधानी 1️⃣9️⃣ फ़र्ज़ी अधिकारी से साइबर सुरक्षा
आज के साइबर ठगी के दौर में जागरुकता जरूरी है. जब कोई फर्जी अधिकारी (Fake Officer) बनकर आपको परेशान करे, तो यह एक गंभीर आपराधिक मामला है। ऐसे मामलों में डरने के बजाय सतर्कता से काम लेना चाहिए, क्योंकि असली पुलिस या अधिकारी आम तौर पर सीधे पैसे की मांग नहीं करतें हैं या डराते-धमकाते नहीं हैं। इसलिए डरिये नहीं, घबराईये नहीं, बस विशेषज्ञ राय को ध्यान में रखते हुए कार्य कीजिए -
➡️ फ़र्ज़ी अधिकारी की पहचान -
⚫ वर्दी वाली फर्जी फोटो:
अपराधी WhatsApp या सोशल मीडिया पर वर्दी पहने हुए फोटो लगाकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
⚫ डर पैदा करना: ठग अक्सर पुलिस, CBI, या ED का अधिकारी बनकर डराते हैं कि आपके नाम पर वारंट है या आपके पार्सल में नशीले पदार्थ मिले हैं.
⚫ डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): असली अधिकारी कभी भी वीडियो कॉल (Skype/WhatsApp) पर आपको 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करते और न ही कैमरे के सामने बैठे रहने को कहते हैं.
⚫ गोपनीय जानकारी मांगना: कोई भी सरकारी विभाग फोन पर आपसे आपका OTP, पिन, या बैंक पासवर्ड नहीं मांगता.
⚫ तुरंत कॉल काटें: यदि कोई अनजान व्यक्ति अधिकारी बनकर पैसे मांगे या डराए, तो घबराएं नहीं और कॉल काट दें.
⚫ संदेह होने पर आधिकारिक नंबर पर बात करें: यदि कोई बैंक या विभाग का नाम ले, तो संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से नंबर लेकर खुद कॉल करें और पुष्टि करें.
⚫ स्क्रीन शेयरिंग ऐप से बचें: किसी के कहने पर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड न करें, इससे वे आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले सकते हैं.
➡️ यदि ठगी हो जाए तो क्या करें?
फ़र्ज़ी अधिकारी बनकर कॉल करने वाले साइबर अपराधियों से सुरक्षा के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
⚫ सत्यापन करें : किसी भी अनजान ऑफिसर को अपनी जानकारी न दें।
⚫ वीडियो कॉल से बचें: अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से सावधान रहें।l
⚫ 1930 पर कॉल करें: वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। पहले 1-2 घंटों में रिपोर्ट करने से पैसे वापस मिलने की संभावना अधिक होती है.
⚫ऑनलाइन शिकायत: गृह मंत्रालय के National Cyber Crime Reporting Portal पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें.
⚫ चक्षु (Chakshu) पर रिपोर्ट: संदिग्ध कॉल्स या मैसेज की रिपोर्ट Sanchar Saathi (चक्षु) पोर्टल पर करें ताकि उन नंबरों को ब्लॉक किया जा सके.
⚫ बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को तुरंत कॉल कर कार्ड या खाता ब्लॉक करवाए
याद रखें असली पुलिसकर्मी आपको डराकर पैसे नहीं मांगते, वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हैं। वास्तविक पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पैसे नहीं मांगती है। अगर कोई आपको डरा रहा है, आपसे कानूनी प्रक्रिया समाप्त करने के लिए पैसे की मांग कर रहा है, आपसे गोपनीय जानकारी मांग रहा है वह साइबर ठग है और उससे डरने की जरूरत नहीं है. आप बचाव के उपाय अपनाएं और उनका सामना करें साइबर ठगी की इस ज़ंग में सरकार, कानून और हम आपके साथ हैं.
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे. 👍
धन्यवाद 🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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