साइबर ठगी में नाम 6️⃣ नकुल, टिंकू व रजत (देवबंद)
16/17 अप्रैल 2026 की मीडिया रिपोर्ट्स कहती है कि शामली शहर के शिवमूर्ति गांधी चौक निवासी दुकानदार संजय कुमार से तीन युवकों ने 30 हजार रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने जांच के बाद सहारनपुर निवासी तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी मोबाइल एप से लोगों के खाते में रुपये भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक माह पहले दुकानदार से 30 हजार रुपये के नए नोटों की तीन गड्डी ठगने की घटना का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से 22 हजार रुपये, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। तीनों आरोपी इंटर तक पढ़े हैं।
एएसपी सुमित शुक्ला ने बृहस्पतिवार को बताया कि शहर के शिवमूर्ति गांधी चौक निवासी दुकानदार संजय कुमार ने 18 मार्च को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि बाइक सवार तीन युवकों ने उससे 30 हजार रुपये के नए नोटों की तीन गड्डी ली थी। 31 हजार रुपये का आनलाइन फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाकर मौके से भाग गए थे। पुलिस सीसीटीवी कैमरों व अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपी नकुल, टिंकू व रजत निवासी गांव विलासपुर थाना देवबंद जनपद सहारनपुर को गिरफ्तार किया है। एएसपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मोबाइल में फोनपे जैसा फर्जी एप डाउनलोड कर रखा है, जिसके माध्यम से 31,000 रुपये का फर्जी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन दिखाकर दुकानदार को विश्वास में लिया था। जबकि वास्तव में उसके खाते में कोई धनराशि ट्रांजेक्शन नहीं की गई थी।
आरोपियों ने बताया कि 30 हजार रुपये को तीनों ने आपस में बांट लिया था। फर्जी एप के माध्यम से जब किसी का क्यूआर कोड स्कैन किया जाता है, तो स्कैनिंग तो हो जाती है, लेकिन वास्तविक भुगतान नहीं होता, जबकि सामने वाले को ट्रांजेक्शन सफल होना दिख जाता है, जिससे वह भ्रमित हो जाता है कि उसके खाते में पैसे आ गए। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इससे पहले वे जिला मुजफ्फरनगर के कस्बा मीरापुर में भी इसी तरह ठगी कर चुके हैं।
⚫ नहर पुलिया के पास से हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुमित शुक्ला के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से जाल बिछाया। पुलिस ने थाना झिंझाना की नहर पुलिया के पास से घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
1️⃣ नकुल पुत्र पालू
2️⃣ रजत पुत्र महिपाल
3️⃣ टिंकू पुत्र मैनपाल (तीनों निवासी ग्राम बिलासपुर, देवबंद, जिला सहारनपुर)
⚫ YouTube बना ठगी का ‘गुरु’
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने जो खुलासा किया वह हैरान करने वाला है। आरोपियों ने बताया कि वे YouTube पर ऐसे वीडियो देखते थे जिनमें फर्जी ऐप डाउनलोड करने और लोगों को डिजिटल ट्रांजैक्शन के नाम पर चूना लगाने के टिप्स दिए जाते थे। वे लगातार यूट्यूब के माध्यम से ठगी के नए-नए तरीके सीखकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
अब जब हम पूरे मामले की जांच अन्य समाचार पत्रों और वेबसाइट पर करते हैं तो निम्न जानकारी उपलब्ध होती है -
➡️ आरोपियों का परिचय -
हालिया समाचार रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के शामली में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों—नकुल, टिंकू और रजत—को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के विलासपुर गांव के रहने वाले हैं।
➡️ ठगी का तरीका:
आरोपियों ने मोबाइल में PhonePe जैसा एक फर्जी ऐप डाउनलोड कर रखा था। जब वे किसी दुकान से सामान खरीदते या कैश लेते, तो दुकानदार का QR कोड स्कैन करके फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाते थे। दुकानदार को मोबाइल स्क्रीन पर 'सफल ट्रांजेक्शन' का मैसेज दिखता था, लेकिन वास्तव में उनके खाते में पैसे नहीं पहुँचते थे।
➡️ ताजा घटना: इन ठगों ने शामली के गांधी चौक स्थित एक दुकानदार संजय कुमार से ₹31,000 (कहीं ₹30,000 का उल्लेख है) की धोखाधड़ी की थी।
➡️ खुलासा: आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने ठगी के ये तरीके YouTube के माध्यम से सीखे थे।
➡️ बरामदगी: पुलिस ने उनके पास से नकदी, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। शामली पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और इस तरह के फर्जी ऐप के प्रति दुकानदारों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
एक तरफ जहां यू ट्यूब पर कलाकार और हुनरमंद अपनी कला और हुनर के माध्यम से, डॉक्टर अपनी चिकित्सा जानकारी के माध्यम से, एडवोकेट अपनी कानूनी जानकारी के माध्यम से कमाई कर रहे हैं वहीं अपराधी अपनी इच्छानुसार अपराध के नए नए तौर तरीके सीखकर जरायम की दुनिया में झंडे गाड़ रहे हैं. कमी हमारी है, हम तकनीक का उपयोग बिना सम्पूर्ण जानकारी के करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. मात्र यह देखकर कि ग्राहक के फोन पर "ट्रांजेक्शन सक्सेस फुल" लिखकर आ गया है, से यह मान लेना कि यही सच है जबकि अपने बैंक से क्रेडिटेड होने का मैसेज नहीं आता, तकनीक का उपयोग कीजिए किन्तु आंखे खुली रखकर, तभी साइबर क्राइम के युग में सुरक्षित रह पाएंगे. अपनी समस्या या सफलता हमें बताएं आपको अपनी book मे स्थान दूंगी. ब्लॉग को फ़ॉलो करें चैनल @cybershalini को subscribe करें, कमेन्ट और शेयर करना न भूलें.
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे 👍
धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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