साइबर अपराध 7️⃣ ए पी के फ़ाइल फ्रॉड
साइबर ठगी के आज के दौर में आज समय वह आ गया है कि आप खुद जागरूक रहकर भी सुरक्षित नहीं रह सकते हैँ बल्कि इसके लिए आपको अपने आसपास के लोगों और अपने सम्पर्क के सभी लोगों को जागरूक करना होगा, क्योंकि आपकी जागरूकता पर आपके सम्पर्कों की एक चूक भी भारी पड़ सकती है.
हिंदुस्तान न्यूज़ 19 मार्च 2026 के अनुसार शामली जिले के कांधला कस्बे में एक पीड़ित द्वारा एपीके फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया और पीड़ित का फोन हैक होते ही साइबर ठग ने पीड़ित के फोन सम्पर्क के 27 लोगों के मोबाइल फोन पर वही चालान की ए पी के फ़ाइल भेजकर पीड़ित के एक साथी के बैंक खाते से 3500/-₹ निकाल लिए.
कांधला नगर के मोहल्ला शेखजादगान के व्यक्ति के मोबाइल को हैक कर अज्ञात ठग ने पीड़ित व्यक्ति के 27 सम्पर्को को चालान की एपीके फाइल डालकर हजारों रुपए का चूना लगा दिया है। घटना के संबंध में पीड़ित व्यक्ति अमित ने अपने साथी के साथ थाने में जाकर पुलिस को अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। मोहल्ला शेखजादगान निवासी अमित के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बदमाशों ने चालान की एक एपीके फाइल अमित के मोबाइल पर भेजी, जिसे उसने गलती से डाउनलोड कर लिया, ए पी के फ़ाइल डाउनलोड करते ही अमित का मोबाइल फोन हैक हो गया और उसकी भारी कीमत उसके साथी को चुकानी पड़ी। हैकिंग के बाद साइबर ठगों ने अमित के साथी के बैंक खाते से 3500 रुपये निकाल लिए । रकम के निकलते ही पीड़ित को घटना की जानकारी हुई। यही मैसेज पीड़ित व्यक्ति के 27 परिचितों को भेजा गया। पीड़ित अमित ने तुरंत कांधला थाने पहुंचकर मामले की तहरीर दी और कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी की इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
➡️ थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार का कहना है
कि घटना में कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात स्रोत से आई एपीके फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें.
ऐसा नहीं है कि क्षेत्र में इस तरह की जानकारी आम जनता में प्रचारित नहीं की जा रही है, पिछले काफ़ी समय से साइबर सेल शामली लोगों को जागरूक करने में लगा है.
➡️ साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर कहते हैँ
🌑 एपीके फाइल क्लिक न करें-
एपीके फाइल को कभी भी क्लिक न करें। साइबर ठग शादी के कार्ड भेजकर तो कभी अन्य माध्यम से एपीके फाइल भेजते हैं। अगर किसी परिचित के नंबर से एपीके फाइल आती है तो उसे खोलने से पहले फोन कर उसके बारे में जानकारी कर लें। एपीके फाइल खोलने से मोबाइल फोन हैक होने की संभावना रहती है।
आज हम एक तरह से डिजिटल युग में जी रहे हैँ, बहुत सी तरह के मैसेज फोन पर आते रहते हैँ, फिर चालान एक ऐसा शब्द है जिसे देखते ही आदमी को फ़ौरन लगता है कि मुझ पर कोई कानूनी कार्रवाई हो गई है, वह डर जाता है और यही डर उससे ऐसी फ़ाइल को डाउनलोड करा लेता है.
➡️ APK फाइल को समझें-
एपीके (APK) का मतलब Android Package Kit है, जो एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एक इंस्टॉलेशन फाइल फॉर्मेट है। यह विंडोज पर .exe फाइल की तरह काम करता है, जिसके जरिए ऐप्स इंस्टॉल होते हैं। जब आप प्ले स्टोर के बाहर से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो वह एपीके फाइल के रूप में ही आता है, लेकिन अज्ञात स्रोतों से इसे इंस्टॉल करना खतरनाक हो सकता है।
➡️ एपीके फाइल की मुख्य बातें:
⚫ उपयोग: इसका उपयोग एंड्रॉइड डिवाइस पर मोबाइल ऐप्स इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है।
⚫ सुरक्षा जोखिम: अनजान स्रोतों से मिली APK फाइल में मैलवेयर या वायरस हो सकते हैं, जिससे आपका डेटा (गैलरी, कॉन्टैक्ट्स) चोरी हो सकता है और वित्तीय फ्रॉड (स्कैम) हो सकता है।
⚫ कैसे बचें: केवल गूगल प्ले स्टोर या भरोसेमंद डेवलपर की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऐप इंस्टॉल करें।
⚫ सतर्कता: अनजान व्यक्ति या व्हाट्सएप/ईमेल पर आए किसी भी अनचाहे एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें.
संक्षेप में, APK एक आवश्यक टूल है, लेकिन इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
➡️ राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार,
🌑 असली और फेक e-challan मैसेज में फर्क कैसे करें?
जवाब- असली चालान मैसेज सरकार की ऑफिशियल SMS ID (जैसे VK-MORTH, CH-TRAFF आदि) से आता है और उसमें किसी भी APK फाइल या संदिग्ध लिंक का जिक्र नहीं होता है। असली चालान की जानकारी के लिए https://echallan.parivahan.gov.in जैसी सरकारी वेबसाइट पर जाकर RC नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालना होता है।
वहीं, फेक चालान मैसेज में डर फैलाने वाली भाषा होती है, साथ ही किसी APK फाइल को डाउनलोड करने या लिंक पर क्लिक करने का दबाव बनाया जाता है।
संक्षेप में, APK एक आवश्यक टूल है, लेकिन इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो। इसी के साथ फेक चालान मैसेज के अंतर को समझें और अगर तब भी समझ में नहीं आ रहा है तो ऐसे मैसेज को साइबर एक्सपर्ट को दिखाएँ या पुलिस को दिखाएँ, खुद क्लिक करने के लिए आगे न बढ़ें क्योंकि आपकी ये छोटी सी ग़लती आपके अपनों पर, आपके मिलने जुलने वालों पर भारी पड़ सकती है, समाज में ये आपको केवल पीड़ित की ही छवि नहीं देती, ये आपको साइबर ठग की भूमिका में भी पहचान दे सकती है क्योंकि साइबर ठगों को ये मौका आपकी ग़लती से मिल रहा हैं इसलिए ध्यान रखें और किसी भी अनजान नंबर से आयी न तो कॉल को रिसीव करें और न ही ए पी के फ़ाइल को क्लिक करें.
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे 👍
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली )

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