CYBER LAW 3️⃣ साइबर सुरक्षा के लिए प्राधिकृत करने की शक्ति

 


➡️ भारत में मुख्य साइबर कानून:

भारत में, साइबर कानून सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 द्वारा शासित होते हैं। यह अधिनियम ई-कॉमर्स, साइबर अपराध और डेटा सुरक्षा के लिए एक कानूनी ढांचा स्थापित करता है.

🌑 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000):

यह भारत में साइबर अपराधों से निपटने का मुख्य कानून है। यह अधिनियम विभिन्न साइबर अपराधों को परिभाषित करता है और उनकी सजा का प्रावधान करता है। इसी के अंतर्गत आप जानिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69-ख के बारे में-

69-ख. साइबर सुरक्षा के लिए किसी कम्प्यूटर संसाधन के माध्यम से ट्रैफिक आंकड़ा या सूचना मानीटर करने और एकत्र करने के लिए प्राधिकृत करने की शक्ति - 

1️⃣ केन्द्रीय सरकार, देश में साइबर सुरक्षा बढ़ाने और कम्प्यूटर संदूषक की पहचान, विश्लेषण और अनाधिकार प्रवेश या फैलाव को रोकने के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी कम्प्यूटर संसाधन में जनित, पारोषित, प्राप्त या भंडारित ट्रैफिक आंकड़ा या सूचना, मानीटर और एकत्र करने के लिए सरकार के किसी अभिकरण को प्राधिकृत कर सकेगी।

2️⃣ मध्यवर्ती या कम्प्यूटर संसाधन का भारसाधक कोई व्यक्ति, जब ऐसे अभिकरण द्वारा मांग की जाती है, जिसे उपधारा (1) के अधीन प्राधिकृत किया गया है, तकनीकी सहायता उपलब्ध करायेगा और आनलाइन पहुंच को समर्थ बनाने के लिए ऐसे अभिकरण को सभी सुविधाएं देगा या ऐसे ट्रैफिक आंकड़े या सूचना जनित, पारेषित, प्राप्त या भंडारित करने वाले कम्प्यूटर संसाधन को आन-लाइन पहुंच सुरक्षित कराएगा और उपलब्ध कराएगा।

3️⃣ ट्रैफिक आंकड़ा या सूचना को मानीटर और एकत्र करने के लिए प्रक्रिया और रक्षोपाय वे होंगे, जो विहित किए जाएं।

4️⃣ ऐसा कोई मध्यवर्ती जो साशय या जानबूझकर उपधारा (2) के उपबंधों का उल्लंघन करता है, 1️⃣⚫ [कारावास से, जो एक वर्ष तक हो सकेगा या जुर्माने से, जो एक करोड़ रुपए तक हो सकेगा या दोनों से दायी होगी]।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए-

(i) "कम्प्यूटर संदूषण" का वही अर्थ होगा जो धारा 43 में है;

(ii) "ट्रैफिक आंकड़ा" से ऐसे किसी व्यक्ति, कम्प्यूटर प्रणाली या कम्प्यूटर नेटवर्क या अवस्थिति की पहचान करने वाला या पहचान करने के लिए तात्पर्यत कोई डाटा अभिप्रेत है जिसको या जिससे संसूचना पारेषित की गई या पारेषित की जाए और इसके अंतर्गत संसूचना उद्गम, गंतव्य मार्ग, समय, तारीख, आकार, की गई सेवा की अवधि या प्रकार और कोई अन्य सूचना भी है।]

1️⃣ 2023 का अधिनियम सं० 18 की अनुसूची, दिनांक 11.8.2023 द्वारा (30.11.2023 से) प्रतिस्थापित।

⚫ जुर्माने और शास्तियों का पुनरीक्षण - उपबंधित जुर्माने और शास्तियों को इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से प्रत्येक तीन वर्ष की समाप्ति के पश्चात्, उसके लिए विहित यथास्थिति, जुर्माने या शास्ति की न्यूनतम रकम में दस प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। [ देखें जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 3]।

आगे और जानकारी के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना और ब्लॉग को फालो करना न भूलें, अपनी जिज्ञासा कमेन्ट मे शेयर करें और पोस्ट और वीडियो को लाइक और शेयर अवश्य करें ताकि आप ही की तरह देश की स्थानीय जनता का हर नागरिक साइबर आंतकवादी पर लागू होने वाले कानून के बारे में जान सके. 

सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे 👍 

धन्यवाद 🙏 

स्रोत - सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (EKTA LAW AGENCY) धारा 69-ख पेज 67-68)

प्रस्तुति 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकार की तैयारी 1️⃣ कैसे रोकें अमिताभ बच्चन कॉलर ट्यून

सावधानी 1️⃣2️⃣ सेल में ठगी से बचने के लिए अपनाएं टिप्स

अपने बच्चों की रक्षा आपके हाथ