अब साइबर अपराधी खाना भी नहीं खाने देंगे अगर आपने.......



 साइबर क्राइम की दुनिया में आइये आपको एक नए स्कैम की सूचना देते हैं, जिसके जाल में आप चाहे अनचाहे फंस सकते हैं. कोई बड़ी गलती न करने पर भी आप उसके शिकार हो सकते हैं. आज हम आपके लिए लाए हैं  डिजिटल मेन्यू स्कैम, अब आप जानिए डिजिटल मेन्यू स्कैम क्या है - 

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुणे की निवासी एक महिला ऋषिका दत्ता पुणे के एफसी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गई । जहां टेबल पर उन्हें क्यूआर कोड को स्कैन कर डिजिटल मेन्यू खोलने के लिए मिला । उन्होंने डिजिटल मेन्यू खोलकर खाना ऑर्डर किया, खाना खाया और घर आ गई. रात में उनके फोन पर अज्ञात नंबर से अश्लील मैसेज आने लगे। जिसकी जांच कराने पर उन्हें पता चला कि मैसेज भेजने वाला उसी रेस्टोरेंट मे कार्य करने वाला वेटर था। इसके बाद महिला द्वारा मोबाइल नंबर रेस्टोरेंट के डिजिटल मेन्यू सिस्टम से लीक होने का आरोप लगाया गया. 

➡️ डिजिटल मेन्यू सिस्टम से नंबर लीक कैसे? 

डिजिटल मेन्यू सिस्टम को खोलने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना होता है. साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक क्यूआर कोड स्कैन करते समय कई बार यूजर्स बिना सोचे अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर देते हैं। आमतौर पर QR स्कैन करने पर वेबसाइट खुलती है, वहां पर मेन्यू या ऑर्डर के लिए मोबाइल नंबर मांगा जाता है फिर यह डेटा रेस्टोरेंट सिस्टम में सेव हो जाता है। अगर सिस्टम सुरक्षित न हो या कर्मचारी को एक्सेस मिल जाए, तो ग्राहक की जानकारी लीक हो सकती है।

➡️ फर्जी क्यूआर कोड से भी हो रहा स्कैम - 

साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि कई मामलों में साइबर अपराधी असली क्यूआर कोड के ऊपर नकली क्यूआर कोड चिपका देते हैं। ऐसा QR स्कैन करते ही यूजर फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है। जिससे फोन की जानकारी चोरी हो सकती है और बैंकिंग डिटेल्स तक खतरे में पड़ सकती हैं। इतना ही नहीं, इससे आपके फोन में मालवेयर भी इंस्टॉल हो सकता है।

➡️ क्यूआर कोड स्कैन करें ऐसे - 

डिजिटल इंडिया में ऑनलाइन पैसों का लेन देन बढ़ा है. ऐसे में ये सावधानियां रखनी जरूरी हैं - 

1️⃣ यदि आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाएं तो डिजिटल मेन्यू के स्थान पर फिजिकल (पेपर) मेन्यू मांगे. 

2️⃣ अगर डिजिटल मेन्यू ही लेना पड़ रहा है तो QR स्कैन करने के बाद जब वेबसाइट आपके कैमरा, कॉन्टैक्ट्स या लोकेशन की अनुमति मांगे, तो उसे तुरंत Deny कर दें और अपना नंबर बिल्कुल भी न दें. 

3️⃣ क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद ब्राउजर में देखें कि यूआरएल लिंक आधिकारिक है या नहीं। अगर लिंक संदिग्ध लगे तो दिखने वाले लिंक पर अपनी कोई भी जानकारी साझा न करें।

            रेस्टोरेंट में जाना और डिजिटल मेन्यू का ईस्तेमाल करना आज एक आम चलन बन गया है. साइबर क्राइम के दौर में आपके लिए अपनी सुरक्षा के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर की सुरक्षा जरूरी है. अगर सतर्क नहीं रहेंगे तो आपके बैंक खातों का खाली होना बहुत आसान है क्योंकि आपके मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से, पैन कार्ड से और आधार कार्ड और पैन कार्ड आपके बैंक खातों से जुड़े है. इसलिए सावधानियां बरतिये।

सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे. 

धन्यवाद 

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली) 

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