इंटरनेशनल स्कॉलरशिप - खाता खाली
इंटरनेशनल स्कॉलरशिप के नाम पर साइबर क्राइम एक ऐसा फ्रॉड है, जिसमें जालसाज विदेश में पढ़ाई का झांसा देकर छात्रों और उनके माता-पिता से पैसे ऐंठते हैं या उनकी निजी जानकारी चुराते हैं। यह पूरी तरह से एक संगठित धोखाधड़ी है।
➡️ यह स्कैम कैसे काम करता है?
⚫ फर्जी ईमेल और मैसेज: छात्रों को प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों या सरकारी संस्थाओं के नाम से फर्जी ईमेल, मैसेज या व्हाट्सएप आते हैं कि उन्हें मोटी स्कॉलरशिप मिल रही है。
⚫ प्रोसेसिंग फीस की मांग: ऑफर को पक्का करने के लिए छात्रों को 'प्रोसेसिंग फीस', 'रजिस्ट्रेशन चार्ज', 'वीज़ा फीस' या 'कूरियर चार्ज' के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है。
⚫ डेटा की चोरी: छात्रों से ऑनलाइन फॉर्म भरवाकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स और पासवर्ड/OTP जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा ली जाती है。
➡️ फ्रॉड से कैसे बचें?
⚫ कोई फीस नहीं: असली स्कॉलरशिप के लिए कभी भी कोई आवेदन या प्रोसेसिंग फीस नहीं मांगी जाती。यदि कोई पैसे मांग रहा है, तो वह 100% स्कैम है。
⚫ आधिकारिक वेबसाइट चेक करें: किसी भी स्कॉलरशिप का सीधा सत्यापन संबंधित विश्वविद्यालय या सरकारी संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर करें。
⚫ व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता, UPI पिन (PIN) या OTP (वन टाइम पासवर्ड) कभी साझा न करें。
⚫ दबाव में न आएं: स्कैमर्स अक्सर "लिमिटेड सीट" या "अंतिम तारीख" का हवाला देकर छात्रों पर जल्दी पैसे जमा करने का दबाव बनाते हैं。
➡️ यदि आप साइबर क्राइम का शिकार हो गए हैं?
⚫ तत्काल कार्रवाई - यदि आपके साथ ऐसी धोखाधड़ी हो गई है या किसी ने आपसे पैसे ठग लिए हैं, तो घबराएं नहीं और तत्काल कार्रवाई करें:
⚫ साइबर हेल्पलाइन: तुरंत भारत सरकार के नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें。
⚫ आधिकारिक पोर्टल: अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए National Cybercrime Reporting Portal पर विजिट करें。
⚫ बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को तुरंत कॉल करके अपने खातों और डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स को ब्लॉक या फ्रीज करवा दें。
साइबर ठगों के झांसे में न आयें, दिमाग से काम लें.
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे.
धन्यवाद
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)
.jpeg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें