मेडिसिन होम डिलीवरी फ्रॉड



साइबर क्राइम में एक नया अध्याय जोड़ते हुए साइबर ठगों ने होम डिलीवरी सिस्टम में भी घुसपैठ आरंभ की हुई है. उत्तर प्रदेश के कांधला कस्बे के गांव मीमला निवासी एक युवक को मेडिसिन होम डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। साइबर ठगों द्वारा पहले दवाई मंगाने के बहाने एडवांस रकम जमा कराई गई फिर बाद में ओटीपी हासिल कर युवक के खाते से 72 हजार रुपये उड़ा लिए गए. 

कांधला कस्बे के गांव मीमला निवासी विपिन ने कांधला पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने "मेडिसिन होम डिलीवरी" के नाम से आईडी बना रखी थी। युवक विपिन द्वारा उस पर सम्पर्क करने पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा दो हजार रुपये में दवाई भेजने की बात कही गई, जिसमें से एक हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए गए, जबकि बाकी रकम डिलीवरी के समय देने के लिए कहा गया । इस सबके बाद आरोपी द्वारा डिलीवरी के नाम पर जीपीआरएस चार्ज बताते हुए 1900 रुपये के साथ 99 रुपये और जमा कराए गए । पीड़ित विपिन का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने ओटीपी मांगा। ओटीपी बताते ही उसके खाते से करीब 72 हजार रुपये निकलने का मैसेज विपिन के फोन पर आया । जब विपिन ने आरोपी को फोन कर रकम वापस करने की बात कही तो आरोपी ने केवल एक हजार रुपये वापस भेजे और फिर फोन बंद कर नंबर ब्लॉक कर दिया। जिसके बाद पीड़ित विपिन ने तहरीर देकर पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

     ये हाल तो कांधला क्षेत्र में तब है जब आए दिन पुलिस प्रशासन द्वारा साइबर क्राइम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. लगातार जनता को सतर्क करते हुए कहा जा रहा है कि OTP शेयर मत करें, जागरुकता का, सतर्कता का यह अभाव साइबर क्राइम मे बढोतरी के लिए पर्याप्त जमीन दे रहा है. ऐसे में अपने ब्लॉग के जरिए जागरूकता अभियान को लेकर हम जनहित में ये पोस्ट आपके लिए लेकर आ रहे हैं, इसलिए ध्यान से पढ़िए हमारा ब्लॉग और फॉलो कीजिए सेफ्टी टिप्स 

⚫ मेडिकल होम डिलीवरी के नाम पर होने वाले साइबर अपराध (जैसे- एडवांस पेमेंट लेकर दवा न भेजना या फर्जी ऐप डाउनलोड करवाना) से बचने के लिए हमेशा किसी प्रमाणित और आधिकारिक फार्मेसी ऐप या अपने स्थानीय मेडिकल स्टोर का उपयोग करें। किसी भी अनजान नंबर पर ऑनलाइन पेमेंट करने से बचें।

➡️ इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए ज़रूरी उपाय - 

✒️ आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स का उपयोग: दवाइयां हमेशा Netmeds, 1MG, या Apollo Pharmacy जैसे प्रमाणित और जाने-माने प्लेटफॉर्म्स से ही ऑर्डर करें।

✒️ कैश ऑन डिलीवरी (COD) चुनें: किसी भी अनजान वेंडर या सोशल मीडिया पर मिले नंबर से दवा मंगाते समय हमेशा 'कैश ऑन डिलीवरी' का विकल्प चुनें। एडवांस पेमेंट करने से बचें।

✒️ यूपीआई (UPI) फ्रॉड से सावधान: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में AnyDesk या TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें और न ही अपनी यूपीआई पिन (UPI PIN) शेयर करें।

✒️ सत्यापन (Verification): यदि कोई व्यक्ति आपको किसी मेडिकल स्टोर या कंपनी का कर्मचारी बताकर कॉल करता है, तो सीधे उस आधिकारिक कंपनी के लैंडलाइन नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें। जिसके लिए आप गूगल की मदद ले सकते हैं और गूगल से भी ब्लू टिक चिन्हित फोन नंबर पर बात कर सकते हैं. 

✒️ साइबर सेल में शिकायत: यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर जाकर या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं।

        इसलिए सेफ्टी टिप्स आजमाते हुए ऑनलाइन ऑर्डर करें तब ही आपका अकाउंट सुरक्षित रहेगा. 

सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे. 

धन्यवाद 🙏🙏 

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट 

कैराना (शामली) 


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