जॉब स्कैम
साइबर क्राइम की दुनिया में नया स्कैम नजर आ रहा है जॉब स्कैम के रूप में, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने कहा है कि अपराधी आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर जाल बिछा रहे हैं. यह देखने में पूरी तरह असली भर्ती प्रक्रिया जैसे लगते हैं. इनका मकसद नौकरी तलाश रहे लोगों से उनकी निजी और संवेदनशील जानकारी हासिल करना है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह खतरा सिर्फ ऑनलाइन ठगी तक सीमित नहीं है.
अब साइबर अपराधी फेस, आंखों और आवाज से जुड़ी पहचान का दुरुपयोग कर डिजिटल फ्रॉड, पहचान चोरी और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे अपराधों को अंजाम दे सकते हैं.
➡️ AI तकनीक ने बढ़ाई चुनौती?
मीडिया रिपोर्ट्स में आई जानकारी के अनुसार साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने इस तरह की धोखाधड़ी को बेहद खतरनाक बना दिया है. पहले अपराधी केवल बैंक डिटेल्स, OTP या पासवर्ड चोरी करने की कोशिश करते थे, लेकिन अब वे किसी व्यक्ति की डिजिटल पहचान को कॉपी करने में सक्षम हो रहे हैं. AI आधारित टूल्स की मदद से चेहरे के हावभाव, आंखों की गतिविधि और आवाज के पैटर्न का विश्लेषण किया जा सकता है. इसके जरिए अपराधी डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर नकली वीडियो और पहचान तैयार कर सकते हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का साफ वीडियो और बायोमेट्रिक डेटा अपराधियों के हाथ लग जाए, तो उसका इस्तेमाल फर्जी KYC, बैंकिंग फ्रॉड या सरकारी पहचान दस्तावेजों में बदलाव के लिए किया जा सकता है. कुछ मामलों में मोबाइल नंबर को आधिकारिक पहचान पत्रों से जोड़ने या बदलने की कोशिश भी सामने आई है.
इस तरह से जॉब स्कैम (Job Scam) एक प्रकार की धोखाधड़ी है जहाँ जालसाज (Scammers) नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को लुभावने ऑफर देकर फंसाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बेरोजगारों से पैसे ठगना, उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते) चुराना या उनसे मुफ्त में काम करवाना होता है।
➡️ जॉब स्कैम कैसे काम करता है?
⚫ फेक ऑफर लेटर: जालसाज ईमेल या मैसेज के जरिए किसी जानी-मानी कंपनी के नाम पर एक असली दिखने वाला फर्जी ऑफर लेटर भेजते हैं।
⚫ पैसों की मांग: नौकरी पक्की करने, ट्रेनिंग फीस, वीजा शुल्क (विदेश में नौकरी के लिए), मेडिकल चेकअप या लैपटॉप/सॉफ्टवेयर सेटअप के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
⚫ घर बैठे कमाई के टास्क: व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मैसेज आते हैं कि "YouTube वीडियो लाइक करें", "Google Map पर रेटिंग दें" या "ऐप डाउनलोड करें और हर दिन हजारों कमाएं"। शुरुआत में कुछ पैसे देकर भरोसा जीता जाता है और फिर बड़ा निवेश करने को कहा जाता है, जिसके बाद स्कैमर्स पैसे लेकर ब्लॉक कर देते हैं।
⚫ गोस्ट हायरिंग (Ghost Hiring): कंपनियां नकली जॉब पोस्ट निकालती हैं ताकि कर्मचारियों को व्यस्त दिखाया जा सके या उनका डेटाबेस इकट्ठा किया जा सके, लेकिन असल में कोई नौकरी नहीं होती।
➡️ फर्जी जॉब की पहचान कैसे करें?
⚫ पैसे की मांग: कोई भी असली कंपनी या सरकारी विभाग नौकरी देने या इंटरव्यू के लिए आपसे कभी पैसे नहीं मांगता।
⚫ अव्यावसायिक संचार: यदि मैसेज में बहुत सारी व्याकरण संबंधी गलतियां हों, या पर्सनल ईमेल (जैसे @gmail.com) से मेल आए।
⚫ अति-आकर्षक ऑफर: कम मेहनत या बिना किसी अनुभव के बहुत ज्यादा सैलरी (सैलरी पैकेज) का वादा किया जाना।
⚫ जल्दबाजी करना: जालसाज हमेशा दबाव बनाते हैं कि ऑफर सीमित समय के लिए है और तुरंत पैसे ट्रांसफर करें।
➡️ स्कैम से बचने के उपाय:
⚫ सत्यापन करें (Verify): जिस कंपनी का ऑफर आया है, उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर करियर (Career) सेक्शन चेक करें।
⚫ ऑनलाइन सर्च करें: कंपनी के नाम के साथ 'Scam', 'Fraud' या 'Complaint' लिखकर इंटरनेट पर सर्च करें।
⚫ व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें: इंटरव्यू या ऑफर के शुरुआती चरण में कभी भी अपने बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या व्यक्तिगत पहचान पत्र न दें।
➡️ साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर :
यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। संदिग्ध जॉब पोस्टिंग की रिपोर्ट आप Indeed जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी कर सकते हैं। पहले आप LinkedIn पर भी संदिग्ध जॉब पोस्टिंग की रिपोर्ट कर सकते थे किंतु अभी हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) जो कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत एक नोडल एजेंसी, जिसे देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के लिए बनाया गया है। यह विभिन्न राज्यों की पुलिस और एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाने का काम करता है, ने अपने आधिकारिक X हैन्डल (@Cyberdost) से ट्वीट कर जानकारी दी है कि
➡️ लिंक्डइन (LinkedIn) जॉब फ्रॉड से सावधान
⚫ लिंक्डइन पर हर "ड्रीम जॉब" (सपनों की नौकरी) असली नहीं होती।
साइबर अपराधी फर्जी रिक्रूटर्स (भर्ती करने वाले), तुरंत सिलेक्शन के ऑफर्स, वर्क फ्रॉम होम (रिमोट) इंटर्नशिप के वादों और आकर्षक स्टाइपेंड के नाम पर छात्रों और नौकरी की तलाश करने वालों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी ऑनबोर्डिंग फॉर्म और वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं के जरिए पैन (PAN), बैंक विवरण और व्यक्तिगत जानकारी चुराई जा रही है।
➡️ स्कैमर्स अक्सर ये तरीके अपनाते हैं:
⚫ भारी वेतन या वर्क फ्रॉम होम (रिमोट जॉब) के ऑफर्स भेजते हैं।
⚫ बिना किसी सही इंटरव्यू के तुरंत सिलेक्शन दिखा देते हैं।
⚫ फर्जी ऑनबोर्डिंग पोर्टल और फॉर्म भरवाते हैं।
⚫ पैन (PAN), बैंक डिटेल्स और संवेदनशील दस्तावेज मांगते हैं।
➡️ ध्यान रखें:
⚫ तुरंत मिलने वाले जॉब ऑफर्स पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
⚫ पैन, बैंक डिटेल्स या दस्तावेज शेयर करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ईमेल और ऑनलाइन मौजूदगी की जांच (Verify) जरूर करें।
⚫ बिना किसी खास वजह के मिलने वाले भारी स्टाइपेंड और तुरंत जॉइन करने के दबाव को खतरे का संकेत (Red Flag) समझें।
➡️ शिकायत कहाँ करें?
यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के शिकार हुए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पर जाकर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं।
इसलिए सुरक्षा उपाय अपनाएं, आंखें खुली रखें और दिमाग चौकस, तब ही जॉब के लिए आवेदन करने के लिए आगे बढ़ें।
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे.
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)




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