नौ साइबर ठग गैंगस्टर के अधीन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में साइबर अपराध पर कड़ी कार्रवाई के मद्देनजर तीन मुकदमों में गिरफ्तार नौ साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14ए के तहत साइबर अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त की जाएगी।
➡️ गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (मुख्य रूप से 14(1)) का संबंध अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति की कुर्की (जब्ती) से है।
उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UP Gangsters Act) के तहत इस धारा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
⚫ कुर्की का अधिकार: यदि जिला मजिस्ट्रेट (DM) को यह विश्वास करने का ठोस कारण है कि किसी व्यक्ति के पास मौजूद संपत्ति (चल या अचल) किसी गैंगस्टर द्वारा अवैध गतिविधियों से अर्जित की गई है, तो वे उस संपत्ति को कुर्क (जब्त) करने का आदेश दे सकते हैं।
⚫ मामले की स्थिति: यह कार्रवाई तब भी की जा सकती है, जब न्यायालय द्वारा अपराध का संज्ञान लिया गया हो या नहीं लिया गया हो।
⚫ संपत्ति का प्रबंधन: कुर्की के बाद, DM उस संपत्ति के रखरखाव के लिए एक प्रशासक (Administrator) नियुक्त कर सकते हैं।
⚫ दावा करने का समय: जिस व्यक्ति की संपत्ति जब्त की गई है, वह आदेश की जानकारी होने के 3 महीने के भीतर DM के समक्ष आवेदन (representation) कर सकता है कि संपत्ति वैध तरीके से खरीदी गई थी। यदि DM संतुष्ट होते हैं, तो संपत्ति वापस कर दी जाती है।
एसीपी के अनुसार साइबर अपराधियों ने रामनगर के मछरहट्टा निवासी अनूप गुप्ता के साथ 8.38 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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