बिना OTP - खाता खाली
साइबर ठग बिना ओटीपी के आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (AEPS) फेस ऑथेंटिकेशन, मालवेयर/एपीके (APK) फाइल और सिम क्लोनिंग या कॉल फॉरवर्डिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
➡️ बिना OTP ठगी के प्रमुख तरीके
⚫ AEPS और फेस ऑथेंटिकेशन स्कैम: ठग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से आपकी तस्वीर और आधार नंबर हासिल कर लेते हैं। इसके बाद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और फेक फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए AEPS के माध्यम से बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं, जिसमें किसी ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती।
⚫ मालवेयर और फर्जी APK ऐप्स: ठग व्हाट्सएप या अन्य जगहों पर बैंक अपडेट, आरटीओ या सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी APK फाइलें भेजते हैं। इन ऐप्स को इंस्टॉल करते ही फोन का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है और वे बिना किसी जानकारी के खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।
⚫ कॉल फॉरवर्डिंग और सिम स्वैप: ठग आपको झांसा देकर फोन में कुछ सीक्रेट कोड डायल करवा देते हैं, जिससे आपके फोन पर आने वाले बैंक और मैसेज के कॉल सीधे उनके नंबर पर फॉरवर्ड होने लगते हैं। कई बार वे फर्जी पहचान पत्र देकर आपके नंबर का डुप्लीकेट सिम भी निकलवा लेते हैं।
⚫ बचाव के उपाय
✒️ बायोमेट्रिक लॉक करें: तुरंत mAadhaar ऐप डाउनलोड करें और अपने बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस) को लॉक करके रखें, जरूरत पड़ने पर ही उसे अनलॉक करें।
✒️ AEPS बंद करवाएं: यदि आप आधार आधारित निकासी का उपयोग नहीं करते हैं, तो अपने बैंक में जाकर AEPS सर्विस को डिसएबल करवा दें।
✒️ अनजान ऐप्स से दूरी: किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
✒️ साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें: यदि आपके साथ ऐसी कोई घटना हो जाती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या National Cyber Crime Reporting Portal पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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