साइबर ठगी में नाम 4️⃣ कैराना के मयंक और विशाल
20 अप्रैल 2026 को मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शामली आदर्श मंडी थाना पुलिस ने ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर फ्रॉड करने वाले एक गिरोह के दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 55 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई है। आरोपी कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं।
शामली पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी एनपी सिंह ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल से प्राप्त म्यूल खातों की जांच के दौरान ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो शातिर मयंक उर्फ सन्नी निवासी बेगमपुरा कैराना और विशाल निवासी टीचर्स कॉलोनी कैराना को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 55 हजार रुपये बरामद हुए।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि म्यूल खातों की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी लोगों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम से फर्जी लिंक भेजकर, फर्जी एप्स के जरिए ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर प्रोत्साहित करते थे। उन्हें लालच दिया जाता था कि उनकी निवेश की गई धनराशि पर अधिक लाभ मिलेगा। ठगी करने वाले आरोपियों द्वारा म्यूल खातों में रुपये मंगवाए जाते थे और फिर उन पैसों को हड़प लिया जाता था।
एसपी ने बताया आरोपियों द्वारा ऑपरेट किए जा रहे म्यूल खातों में करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ था। इन खातों के संबंध में पूरे देश में साइबर फ्रॉड की पांच शिकायतें दर्ज की गई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया म्यूल खाता धारक सादिक से उनकी मुलाकात हुई थी। सादिक फलों का ठेला लगाता है और मयंक ने उसे फर्जी सेविंग अकाउंट खोलने को कहा था, जिसमें लाखों रुपये का लेन-देन होगा और इसके बदले उन्हें अच्छा कमीशन मिलेगा। इसके बाद सादिक ने सेविंग अकाउंट की सारी डिटेल्स मयंक को दे दी। मयंक और विशाल ने मिलकर उस खाते में करीब 3 करोड़ का लेन-देन किया।
साइबर ठगी की इसी वारदात के सम्बन्ध में मीडिया रिपोर्ट्स 20 अप्रैल 2026 को कहती है कि शामली आदर्श मंडी थाना पुलिस ने रविवार को म्यूल खाते में रकम मंगाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने के मामले में कैराना के फल विक्रेता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई रकम के 55 हजार रुपये बरामद किए। आरोपियाें ने बेंगलुरू, तेलंगाना और पश्चिमी बंगाल के लोगों से ट्रेडिंग में निवेश करने पर मुनाफे का झांसा देकर ठगी की थी। देर शाम पुलिस ने एक आरोपी फल विक्रेता सादिक को नोटिस देकर छोड़ दिया जबकि दो अन्य को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायतों के आधार पर म्यूल बैंक खाते की जांच आदर्श मंडी थाना पुलिस को सौंपी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि म्यूल खाता केनरा बैंक में सादिक निवासी मोहल्ला खैलकलां कैराना के नाम से पाया गया। इस खाते के बंगलुरू, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना से ट्रेडिंग इनवेस्टमेंट का झांसा देकर 11 लाख 64 हजार, 913 रुपये और अन्य रकम साइबर ठगी से इस खाते में आई थी।
खाताधारक सादिक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल मयंक उर्फ सन्नी निवासी मोहल्ला बेगमपुरा कैराना और विशाल निवासी मोहल्ला टीचर्स काॅलोनी कैराना करते हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा अन्य म्यूल खातों में भी रकम मंगवाई है, जिसकी जांच की जा रही है।
➡️ आरोपियों ने ऐसे बनाई साइबर ठगी की योजना
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि खाताधारक सादिक कस्बा कैराना में फलों का ठेला लगाता है। सादिक ने पूछताछ में बताया कि मयंक ने उससे कहा कि उसे सेविंग खाते की जरूरत है, जिसमें करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन होगा, जिसमें अच्छा कमीशन मिलेगा। सादिक ने कमीशन तय करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कैराना बैंक के सेविंग खाते की डिटेल पासबुक की फोटो, यूजर आईडी, पासवर्ड व सिम मयंक को दे दिए। मयंक ने अपने साथी विशाल के साथ मिलकर बैंक खाते का इस्तेमाल किया।
➡️ ठगी के शिकार बनाए
1️⃣ विनय निवासी रामचंद्रपुरा मेन रोड पिलिगोवड़ा लेआउट विधानारायणपुरा बेंगलुरू से 70 हजार रुपये।
2️⃣ नीरज सुहाल निवासी रामचंद्रपुरा मेन रोड पिलिगोवड़ा लेआउट विधानारायणपुरा बेंगलुरू से 50 हजार रुपये।
3️⃣ श्रीधर निवासी डोडाबोमास आंंद्रा बेगलुरू से 50 हजार रुपये।
4️⃣ सोमा शाह निवासी विला थाना रोड आंदल वेस्ट बंगाल से 8,90,815 रुपये।
5️⃣ मोहल्ला शहदुल्ला निवासी कौमारवैली सिद्धिपेट तेलंगाना से 1,04,098 रुपये।
6️⃣ अन्य रकम दूसरे लोगों से ठगी कर खाते में मंगाई गई। पुलिस इस रकम की भी जांच कर रही है।
➡️ शामली जिले में पूर्व में पकड़े जा चुके म्यूल खाते
21 जनवरी को पुलिस ने कई राज्यों में साइबर ठगी की रकम मंगाने व कमीशन लेने साइबर पुलिस ने हिमांक प्रशांत कनव निवासी सदर वल्लभ भाई पटेल नगर मुंबई और उनकी पत्नी सुरभि भार्गव निवासी गगन विहार शामली को गिरफ्तार किया था। साइबर सेल ने म्यूल खाते से अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए 98,38,276 रुपये होल्ड कराए थे। एक माह पहले झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव रंगाना निवासी मंडी व्यापारी के म्यूल खाते का इस्तेमाल कर करीब 35 लाख रुपये का लेन दिन किया गया था। खाताधारक ने पुलिस में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा बाबरी थाने पर भी म्यूल खाते से साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ था।
➡️ दिल्ली की कंपनी में एजेंट के तौर पर करते थे काम
एसपी ने बताया कि विशाल बीटेक किया है जबकि मयंक इंटर पास है। पूछताछ में पता चला है कि दोनों दिल्ली के एक कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करते थे। उन्हें कंपनी की तरफ से 25 -25 हजार रुपये मानदेय व खाता खुलवाने पर कमीशन दिया जाता था। म्यूल खाते में ठगी की रकम को उस कंपनी के खातों में भेजते थे। कंपनी के संचालकों की तलाश की जा रही है। कंपनी के बैंक खाते में मिले करीब 72 लाख रुपये होल्ड कराए गए है। ये लोग ठेला रेहड़े वालो को लोन कराने का झांसा देकर खाता खुलवाते थे। कैराना में अन्य तीन म्यूल खातों की जानकारी मिली है, जिनकी जांच चल रही है।
➡️ पुलिस अधिकारी की राय
एसपी एनपी सिंह का कहना है कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, चेक बुक या एटीएम कार्ड किराए पर न दें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। एक छोटा सा लालच आपके लिए बड़ी समस्या बन सकता है। साइबर ठग टेलीग्राम ग्रुप व व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर लोगों को ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर झांसे में लेकर ठगी करते हैं। इसलिए सभी लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।
इस तरह उपरोक्त दोनों समाचार पत्रों की रिपोर्टिंग और विभिन्न मीडिया चैनलों पर आई खबर के अनुसार कुल मिलाकर हम इन दोनों आरोपियों के सम्बन्ध में निम्न विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं -
⚫ उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना से संबंधित साइबर ठग मयंक उर्फ सन्नी और विशाल को आदर्श मंडी थाना पुलिस ने अप्रैल 2026 में गिरफ्तार किया है। ये दोनों ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े थे।
⚫ मयंक और विशाल के बारे में मुख्य जानकारी:
✒️ आरोपियों का परिचय - ये दोनों दिल्ली की 'स्काइप इंडिया' (Skype India) नामक कंपनी के लिए एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों में से एक विशाल बीटेक पास है और शिक्षक के रूप में काम कर चुका है, जबकि मयंक भी इस गिरोह में सक्रिय था।
✒️ गिरफ्तारी: आदर्श मंडी पुलिस ने सादिक नाम के व्यक्ति (म्यूल खाताधारक) से पूछताछ के बाद इन्हें गिरफ्तार किया।इन आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई और इन्हें जेल भेज दिया गया है।
✒️ आरोपियों का अपराध का तरीका (Modus Operandi):
⚫ इनका काम भोले-भाले लोगों (जैसे रेहड़ी वाले, चाय वाले) को बैंक से लोन दिलाने या अन्य लालच देकर उनके नाम पर बैंक में 'म्यूल अकाउंट' (Mule Accounts) खुलवाना था।
⚫ खाता खुलवाने के बाद ये चेकबुक, पासबुक और मोबाइल नंबर का कंट्रोल अपने पास रख लेते थे और उसका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए करते थे।
⚫ ठगी की राशि: मयंक और विशाल के माध्यम से संचालित खातों में 3 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है, जो बेंगलुरू, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के लोगों से ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगे गए थे।
⚫ बरामदगी: पुलिस ने इनके पास से 55 हजार रुपये नकद और फर्जी खाते के दस्तावेज बरामद किए थे।
हम आपसे पहले ही कह चुके हैं कि साइबर अपराध मे संलग्न अपराधी कोई दूसरे जगत के प्राणी या एलियन नहीं हैं ये आप देख सकते हैं कि ये दोनों युवा कैराना जिला शामली के ही निवासी है बिल्कुल हमारे पास के, ये हमारे बीच के ही सभ्य समाज के लगभग युवा ही हैं जो आज भौतिकतावाद की चकाचौंध में इस अपराध मे संलग्न हो रहे हैं. डिजिटल क्रांति की बारीकियों से परिचित ये युवा आज अपने ज्ञान का दुरुपयोग कर हमको और आपको साइबर क्राइम का शिकार बना रहे हैं. हमें कुछ खास नहीं करना है केवल सतर्क रहना है और सरकार और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना है, तब ही हम खुद को इस अपराध का शिकार बनने से बचा पाएंगे. अपनी समस्या हमे बताएं साथ ही कोई भी साइबर क्राइम की जानकारी आपको प्राप्त हो और आपके बीच के ही किसी ने साइबर अपराध का समझदारी से सामना किया हो तो वह भी हमें ब्लॉग पोस्ट या vlog @cybershalini के कमेंट सेक्शन में टिप्पणी कर सूचित करें, आपके सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी.
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे 👍
धन्यवाद 🙏
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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