उँगलियों का "V" पोज खाली करा सकता है आपका बैंक खाता-फिंगरप्रिंट क्लोनिंग
चीन की सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट पर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार - विक्टरी की खुशी में हमारे द्वारा "V" का पोज बनाते हुए सेल्फी लेना या आजकल के AI POWERED कैमरों से फोटो खिंचवाना हमारे बैंक खातों और निजी डाटा के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है क्योंकि हाई रिजोल्यूशन कैमरों और AI के इस दौर में सेल्फी में हमारे फिंगरप्रिंट को आसानी से कॉपी किया जा सकता है क्योंकि ये कैमरे इतने दमदार हैँ कि ये उंगलियों की सूक्ष्म रेखाओं को आसानी से कैद कर लेते हैं. फोटो जितना पास से होगा उतनी ही स्पष्ट रेखाओं को AI कैमरा कैद कर लेगा क्योंकि AI POWERED कैमरा 3 मीटर की दूरी से ली गई धुँधली फोटो को भी साफ करके फिंगर प्रिंट का डाटा तैयार कर सकता है.
➡️ फिंगरप्रिंट क्लोनिंग-
फिंगरप्रिंट क्लोनिंग एक उभरता हुआ साइबर अपराध है जिसमें अपराधी किसी व्यक्ति के अंगूठे या उंगलियों के निशान चुराकर उनका नकली 'क्लोन' तैयार करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य Aadhaar Enabled Payment System (AePS) के जरिए बैंक खातों से पैसे चोरी करना होता है।
➡️ डाटा की चोरी:
जालसाज सरकारी वेबसाइटों (जैसे रजिस्ट्री डीड या लैंड रिकॉर्ड) पर उपलब्ध दस्तावेजों से फिंगरप्रिंट की इमेज चुरा लेते हैं।क्लोन बनाना: चुराए गए निशान का बटर पेपर पर प्रिंट लेकर सिलिकॉन, रबर स्टैम्प मशीन या ग्लू गन की मदद से नकली फिंगरप्रिंट तैयार किया जाता है।
➡️ वित्तीय धोखाधड़ी:
इन नकली निशानों का उपयोग बायोमेट्रिक मशीनों (PoS) पर करके पीड़ित के आधार-लिंक्ड बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
➡️ बचाव के उपाय-
⚫ V पोज फोटो
या तो "V" पोज की फोटो खिंचवाने से बचें या फिर ये सावधानी अपनाएं -
1️⃣ - "V" पोज की फोटो शेयर करने से पहले उँगलियों का फोटो धुँधला करें.
2️⃣ - "V" पोज का फोटो कम से कम 3 से 4 मीटर की दूरी से खिंचवायें।
3️⃣ - उंगलियों के पोरों को कैमरे के सामने न रखते हुए हथेली की बैक साइड से ही फोटो लें.
4️⃣ - फोटो विश्वसनीय वेबसाइट पर ही शेयर करे, हर किसी जगह पर नहीं.
⚫ फिंगर प्रिंट क्लोनिंग -
1️⃣ बायोमेट्रिक लॉक:
mAadhaar App या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने Aadhaar Biometrics को लॉक करें। इसे बिना अनलॉक किए कोई भी आपके फिंगरप्रिंट का उपयोग नहीं कर पाएगा。
2️⃣ सतर्कता:
जन सुविधा केंद्रों (CSC) या ई-मित्र केंद्रों पर पैसे निकालते समय बायोमेट्रिक मशीन पर ध्यान दें कि वहां कोई अतिरिक्त परत तो नहीं लगी है。
3️⃣ आधार का सीमित उपयोग:
जहां तक संभव हो, अनावश्यक रूप से अपना आधार नंबर और फिंगरप्रिंट साझा करने से बचें。
➡️ साइबर ठगी होने पर क्या करें-
यदि आप इस धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
⚫ हेल्पलाइन नंबर:
तत्काल 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें। 'गोल्डन आवर' (ठगी के 1-2 घंटे) के भीतर रिपोर्ट करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।
⚫ ऑनलाइन शिकायत:
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें。
⚫ बैंक को सूचित करें:
अपने बैंक को कॉल करके खाते को फ्रीज करवाएं और धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्ट करें。UIDAI को रिपोर्ट: बायोमेट्रिक्स के दुरुपयोग की जानकारी UIDAI हेल्पलाइन 1947 पर दें。
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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