ऑनलाइन बैंक फ्रॉड केस
साइबर क्राइम में बैंक फ्रॉड (Bank Fraud) एक ऐसा अपराध है जिसमें इंटरनेट, कंप्यूटर या मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति या बैंक के खाते से अवैध तरीके से पैसे निकाले जाते हैं या धोखाधड़ी की जाती है।
प्रमुख बैंक फ्रॉड के प्रकार (Types of Bank Fraud)
⚫ फ़िशिंग (Phishing):
फर्जी ईमेल, मैसेज या बैंक जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट्स के जरिए पिन, पासवर्ड या ओटीपी (OTP) चुराना।
⚫ डिजिटल अरेस्ट स्कैम (Digital Arrest Scam):
पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराना और झूठे मामलों से बचने के लिए पैसे ट्रांसफर करवाना।
⚫ लॉटरी या इन्वेस्टमेंट फ्रॉड:
सोशल मीडिया पर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर फर्जी ऐप या वेबसाइट में निवेश के नाम पर ठगी करना।
⚫ एटीएम स्किमिंग (ATM Skimming):
एटीएम मशीन में डिवाइस लगाकर कार्ड का डेटा और पासवर्ड चोरी करना।
⚫ लेयरिंग और मनी ट्रेल (Layer 1, 2, 3 Fraud):
ठगी के पैसों को एक बैंक खाते से दूसरे और तीसरे खातों में ट्रांसफर कर छिपाना।
➡️ बैंक फ्रॉड होने पर क्या करें? (What to Do)
⚫ तुरंत हेल्पलाइन पर कॉल करें:
वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
⚫ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें:
आधिकारिक वेबसाइट National Cyber Crime Reporting Portal पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।
⚫ बैंक को सूचित करें:
बिना देर किए अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दें और खाता ब्लॉक करवाएं।.
⚫ सबूत सुरक्षित रखें:
बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन के मैसेज, स्क्रीनशॉट और बातचीत के रिकॉर्ड संभाल कर रखें.
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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