पितृ पक्ष साइबर फ्रॉड
उत्तर प्रदेश में पितृ पक्ष (श्राद्ध) के दौरान लोगों की धार्मिक आस्था और पूर्वजों के प्रति सम्मान का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। इस दौरान ऑनलाइन पिंडदान, गयाजी/प्रयागराज में वर्चुअल पूजा, और ब्राह्मण भोज के नाम पर फर्जी बुकिंग वेबसाइट्स और लिंक के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड किया जा रहा है।ठग लोगों की भावनाओं से खेलकर उनके बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं।
इस फ्रॉड के मुख्य तरीके और उनसे बचने के उपाय -
⚠️ पितृ पक्ष में होने वाले मुख्य साइबर फ्रॉड:
फर्जी ऑनलाइन पूजा और पिंडदान वेबसाइट्स: ठग गयाजी, प्रयागराज या वाराणसी के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों के नाम पर फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेज बना लेते हैं। वे घर बैठे ऑनलाइन पिंडदान, तर्पण या विशेष श्राद्ध पूजा कराने का दावा करते हैं और एडवांस पेमेंट के नाम पर मोटी रकम वसूल कर गायब हो जाते हैं।
⚫ ब्राह्मण भोज और दान के नाम पर फर्जी QR कोड:
व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर मैसेज भेजे जाते हैं कि पितृ पक्ष में आपके पूर्वजों के नाम पर गरीब या ब्राह्मण भोज कराया जाएगा। इसके लिए वे फर्जी ट्रस्ट या संस्था के नाम पर UPI QR कोड भेजते हैं, जिससे सीधे ठगों के खाते में पैसा चला जाता है.
⚫ फर्जी 'मुक्ति' ऐप और सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराना:
पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग या वर्चुअल विधि के बहाने ठग लोगों को अपने फोन में फर्जी लिंक या रिमोट एक्सेस ऐप्स (जैसे AnyDesk या TeamViewer) डाउनलोड करने को कहते हैं। इसके बाद वे फोन को हैक कर बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं.
⚫ पंडित या आचार्य बनकर फोन कॉल:
ठग खुद को बड़े मंदिरों का मुख्य पुजारी या ज्योतिषाचार्य बताकर लोगों को कॉल करते हैं। वे दावा करते हैं कि "आपके पितृ नाराज हैं और घर में पितृ दोष है, जिसे तुरंत ठीक न करने पर भारी नुकसान होगा।" इस डर का फायदा उठाकर वे अनुष्ठान के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं.
🛡️ खुद को इस फ्रॉड से कैसे बचाएं?
⚫ आधिकारिक माध्यमों का ही प्रयोग करें:
यदि आप ऑनलाइन पूजा या दान करना चाहते हैं, तो केवल सुप्रसिद्ध और आधिकारिक मंदिर ट्रस्टों की ऑफिशियल वेबसाइट्स का ही उपयोग करें। किसी भी रैंडम सोशल मीडिया लिंक पर भरोसा न करें।सत्यापन (Verify) करें: किसी भी खाते या UPI आईडी पर पैसे भेजने से पहले संस्था के पंजीकरण और उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें.
⚫ डर या झांसे में न आएं:
यदि कोई फोन पर आपको पितृ दोष या किसी अनहोनी का डर दिखाकर तुरंत पैसे मांगता है, तो फोन काट दें। धार्मिक अनुष्ठान कभी भी दबाव में नहीं किए जाते।
⚫ लिंक और ऐप से दूरी बनाएं:
व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई ऐप डाउनलोड करें।
📞 धोखाधड़ी होने पर तुरंत क्या करें?
अगर आप या आपके आस-पास कोई इस प्रकार की ठगी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए निम्नलिखित कदम उठाएं:
⚫ हेल्पलाइन नंबर 1930:
उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें, ताकि ठगी गई रकम को बैंकों के समन्वय से तुरंत होल्ड (फ्रीज) किया जा सके।
⚫ ऑनलाइन शिकायत:
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल Cyber Crime Portal पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
⚫ लोकल साइबर सेल:
नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिला साइबर सेल हेल्प डेस्क से संपर्क कर एफआईआर दर्ज करवाएं।
सतर्क रहें सुरक्षित रहेंगे
धन्यवाद
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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